अवैध रेत परिवहन करने वालों पर कसा शिकंजा, 04 डंफर किये किये जप्त

बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बसाड़ी में अवैध रुप से रेत परिवहन करते पाये जाने पर 04 डंफरो को पुलिस ने जप्त कर लिया है। बुधवार को ग्राम ग्राम बसाड़ी में रेत से भरे चार डंफर क्र. एमपी 21 जी 0960, एमपी 21 जी 0775, एमपी 21 जी 2886 एवं एमपी 21जी 1337 जिसमें रेत भरी हुई थी।

डंफर ड्राईवरों से रेत के संबंध मे पूछताछ किया गया एवं चालको नें अपने नाम मुकेश कुमार यादव पिता किशन लाल यादव उम्र 35 साल निवासी ग्राम बसाड़ी थाना बड़वारा, राजेश केवट पिता पल्लू केवट उम्र 38 साल निवासी ग्राम बसाड़ी थाना बड़वारा, गुरूशरण यादव पिता रामशरण यादव उम्र 23 साल निवासी ग्राम बगैहा थाना बरही एवं सुभाष पटेल पिता प्रहलाद पटेल उम्र 31 साल निवासी ग्राम बसाड़ी थाना बड़वारा जिला कटनी का होना बताये। मौके पर गाड़ी चलाने का लायसेंश एवं डंफरो में भरी रेत के दस्तावेज मांगने पर पेश नहीं किये जो रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर मौके पर समक्ष गवाहान चारो डंफर रेत से भरे हुए जप्त कर थाना परिसर में खड़े कराया गया। चारो डंफरो पर अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध धारा 106 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान थाना प्रभारी उनि केके पटेल, उनि व्हीएस जायसवाल, सउनि रामनाथ साकेत, आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी, आरक्षक गौरीशंकर राजपूत एवं आरक्षक बृजलाल प्रजापति की भूमिका रही।

कटनी के ‘शराब तस्करों’ पर जबलपुर पुलिस का शिकंजा:

कटनी के ‘शराब तस्करों’ पर जबलपुर पुलिस का शिकंजा: सिहोरा में घेराबंदी कर पकड़ी 24 पेटी अंग्रेजी शराब, 12 लाख की कार और नकदी जब्तकटनी/सिहोरा। जबलपुर के सिहोरा पुलिस ने कटनी के भट्टा मोहल्ला के दो युवकों को अवैध शराब की काफी मात्रा के साथ पकड़ा है। ये अभियुक्त एक सफेद रंग की कार में 24 पेटी अंग्रेजी शराब लेकर कटनी की ओर आ रहे थे, जिन्हें एनएच-30 पर खुड़ावल मोड़ के निकट रोका गया।भट्टा मोहल्ला के दो आरोपी गिरफ्तारसिहोरा थाने की प्रभारी प्रतीक्षा मार्को ने बताया कि एक मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर रात के समय एनएच-30 पर खुड़ावल मोड़ पर नाकाबंदी की गई थी। इस प्रक्रिया के दौरान जब सफेद कार (क्रमांक MP-21 ZG 7413) को रोका गया और उसकी जांच की गई, तो पुलिस भी चकित रह गई। कार में सवार अभय सिंह उर्फ विवेक ठाकुर और ऐजाज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। दोनों अभियुक्त कटनी के भट्टा मोहल्ला के निवासी हैं।लाखों का मशरुका बरामदपुलिस ने कार की जांच के दौरान कई प्रमुख कंपनियों की अंग्रेजी शराब की 24 पेटियां बरामद कीं, जिनमें बोतलें और पीक भी शामिल थीं। जब्त की गई सामग्रियों का विवरण इस प्रकार है: अवैध शराब: लगभग 2,14,200 रुपये मूल्य की 24 पेटियां अंग्रेजी शराब। नकद राशि: अभियुक्तों से 54,500 रुपये नकद प्राप्त हुए। वाहन: तस्करी में उपयोग की गई कार, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये है।ग्राम पौड़ा से कटनी खपाने की थी तैयारीपूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह शराब जबलपुर जिले के ग्राम पौड़ा की एक दुकान से खरीदी थी और इसे अवैध रूप से कटनी में ले जा रहे थे। पुलिस ने शराब, नकदी और कार सहित लगभग 14.70 लाख रुपये के सामान को जब्त किया है।आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्जसिहोरा पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस कार्रवाई ने कटनी में अवैध शराब के व्यापार करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप पैदा कर दिया है।

माधवनगर के युवक के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी

अज्ञात मोबाइल धारक ने लगाया चूना*कटनी। डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर अपराधी आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई पर सेंध लगाने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला माधवनगर थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक अज्ञात मोबाइल धारक ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते हुए एक युवक के खाते में सेंध लगा दी।*क्या है पूरी घटना?*मिली जानकारी के अनुसार, माधवनगर के विश्राम बाबा क्षेत्र निवासी स्वप्निल शुक्ला (38 वर्ष) पिता रामाधार शुक्ला के साथ यह ठगी हुई है। बताया जाता है कि स्वप्निल के पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसके बाद झांसे में लेकर आरोपी ने उनके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) कर दी। स्वप्निल को जब तक अहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, तब तक उनके साथ वित्तीय हेराफेरी की जा चुकी थी।*पुलिस ने दर्ज किया मामला*पीड़ित स्वप्निल शुक्ला की शिकायत पर माधवनगर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अब उस संदिग्ध मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगाल रही है, जिसके जरिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।

बड़वारा में मनाई गई सम्राट अशोक जयंती

सम्राट अशोक की जयंती का समारोह बड़वारा में बेहद धूमधाम से मनाया गया। इस आयोजन के दौरान लोगों को प्रसाद दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सम्राट अशोक जयंती, जिसे अशोकाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, मौर्य साम्राज्य के महान शासक सम्राट अशोक को समर्पित एक राष्ट्रीय उत्सव माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष चैत्र शुक्ल अष्टमी के दिन मनाया जाता है। यह तारीख उनके द्वारा कलिंग युद्ध के बाद अहिंसा, शांति, करुणा और ‘धम्म’ के मार्ग को अपनाने की स्मृति को ताजा करती है। सम्राट अशोक जयंती महान शासक के प्रति श्रद्धांजलि और उनके द्वारा अपनाई गई करुणा-प्रेम की नीति का उत्सव है।



कहा
जाता है कि सम्राट अशोक बिंदुसार के बेटे थे। उन्होंने भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश तक का एक विशाल और अद्वितीय साम्राज्य स्थापित किया। 261 ईसा पूर्व में कलिंग युद्ध के बाद, नरसंहार को देखकर अशोक ने हिंसा छोड़ने का निर्णय लिया और बौद्ध धर्म को अपनाते हुए ‘धम्म’ के सिद्धांत का पालन किया, जिसमें उन्होंने अपनी प्रजा को अपना परिवार माना। देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह दिन शांति, समानता और भाईचारे के संदेशों को स्मरण करने और समाज में उन मूल्यों को फैलाने का प्रेरणादायक अवसर भी है। आयोजन के दौरान गोपीचंद मौर्य, जय सूर्यवंशी, काशी कुशवाहा, आनंद कुमार, अभिषेक मौर्य, आदर्श कुमार मौर्य, अरुल मौर्य, बलवंत मौर्य, मलखान सिंह कुशवाहा, विजय मौर्य, विकाश मौर्य, श्रीपत मौर्य सहित कई लोग उपस्थित रहे।

फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने किया 8.84 लाख का गबन; बरही में बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा

katni news today कटनी। एक प्रतिष्ठित वित्तीय संस्था में लाखों रुपए के घोटाले की चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है। इस कंपनी के एक कर्मचारी ने भरोसे का दुरुपयोग करते हुए लगभग 8,84,973 रुपये की राशि हड़प ली है। बरही पुलिस ने कंपनी की शिकायत पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के लिए मामला दर्ज किया है।

क्या
है पूरा मामला?
जानकारी
के अनुसार, मैहर रोड पर स्थित “कमल फिनकैप प्राइवेट लिमिटेड” नामक वित्त कंपनी में यह बड़ी ठगी की गई है। कंपनी के आधिकारिक प्रतिनिधि प्रदीप कुमार शर्मा ने थाने में शिकायत पेश की है कि वहां के कर्मचारी विजय कुमार पटेल (पद क्रमांक KFC7401), जो कि सागर जिले का निवासी है, ने कंपनी की बड़ी राशि का गबन किया है।

फरवरी
2023 से चल रहा था खेल
पुलिस
जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि यह धोखाधड़ी एक दिन की कार्रवाई नहीं थी। आरोपी विजय कुमार पटेल ने 05 फरवरी 2023 से लेकर 05 जनवरी 2024 के बीच किस्तों में कंपनी के पैसों के साथ गड़बड़ की। जब ऑडिट और हिसाब-किताब की तुलना की गई, तभी इस साढ़े आठ लाख से अधिक की राशि के गबन का खुलासा हुआ।

पुलिस
की कार्रवाई
बरही
पुलिस ने पीड़ित प्रदीप कुमार शर्मा की शिकायती पत्र पर आरोपी विजय कुमार पटेल के खिलाफ धारा 406 (गबन) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश के लिए सागर जिले की पुलिस से भी संपर्क कर रही है, ताकि हड़पी गई राशि को बरामद किया जा सके।

कर्मचारियों
के भरोसे पर बढ़ा खतरा
इस
घटना ने वित्त कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़ा कर दिया है। कंपनी प्रबंधन अब पुराने रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि यह स्थापित किया जा सके कि इस गबन में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

05 चोरी की वारदातो का पर्दाफास कर अंतर राज्य चोर गिरोह को किया गिरफ्तार

चोरों के एक गिरोह ने कटनी जिले के पाँच स्थानों पर 11 मार्च 2026 और 17 मार्च 2026 की रात में सुनसान घरों और दुकानों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नगद पैसों की चोरी की, साथ ही घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल भी चुरा ली। 19 मार्च 2026 को, दीपेन्द्र भाई पटेल, जिनका पिता स्व उदय चंद्र सिन्हा था, उम्र 41 साल, निवासी 194/1 A गोपाल मंदिर के पास, आतिया ताल, झांसी(उ.प्र.) और हाल दयानंद सरस्वती रेलवे क्वार्टर, साउथ स्टेशन, कटनी, थाना रंगनाथगर कटनी और संजय कुमार यादव, जिनके पिता स्व महेश कुमार यादव थे, उम्र 60 साल, निवासी क्वार्टर नंबर 7/3 टाइप 2 विवेकानंद नगर, थाना रंगनाथगर कटनी, थाने में पहुँच कर जानकारी दी कि वे अपने घर को ताला लगाकर बाहर गए थे। जब वे लौटे, तो उनके घर का ताला टूटा हुआ था और अलमारी का सामान बिखरा हुआ था, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण और एक मोटरसाइकिल नहीं थी। यह चोरी 16-17 मार्च 2026 की रात को हुई थी। थाना प्रभारी अरूणपाल सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और अपराध संख्या 126/2026 और 127/2026, धारा 331(4),305(ए), बीएनएस दर्ज की। senior अधिकारियों को सूचित करने के बाद, उन्होंने जांच शुरू की और अन्य थानों से जानकारी इकट्ठा करने पर यह पता चला कि उसी दिन, माधवनगर थाना क्षेत्र में भी चोरों ने समदडिया कालोनी में घर के अंदर चोरी करने की कोशिश की थी। इस पर माधवनगर थाना में अपराध संख्या 240/2026, धारा 331(4),305(ए), 62 बीएनएस दर्ज की गई थी। मामलों की गंभीरता को देखते हुए, श्रीमान पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक कटनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अरूणपाल सिंह ने विभिन्न स्थानों पर टीम गठित की और चोरी के सामान की तलाश में जुट गए। कड़ी मेहनत के बाद, चोरों के गिरोह को विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया। आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक साथ मिलकर चोरी कर रहे थे। पूछताछ के दौरान गिरोह ने बताया कि 10-11 मार्च 2026 की रात को माधवनगर में नारायणदास मशाला चक्की, मैन बाजार में दो जगहों पर चोरी हुई थी, जिसमें नगद पैसे चुराए गए थे। इस पर माधवनगर थाना में अपराध संख्या 220/2026, धारा 331(4),305(ए) बीएनएस दर्ज की गई थी। यही चोर गिरोह उन चोरियों का भी हिस्सा था। आरोपियों से चार जगहों पर चोरी गई वस्तुएं, नगद पैसे और मोटरसाइकिल पेशेन प्रो बरामद की गई और चोरी करने के प्रयास में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जप्त की गई सामग्री में सोने-चांदी के आभूषण, नगद और पेशेन प्रो मोटरसाइकिल शामिल हैं।

katni news today उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिला नवजात, कटनी मुड़वारा स्टेशन पर मचा हड़कंप

एस-4 कोच में अकेला शिशु मिला, कटनी में जिला अस्पताल के एससीएनयू में भर्ती। सोमवार सुबह जल्दी कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर उस समय हलचल मच गई जब हरिद्वार से पुरी की दिशा में जा रही उत्कल एक्सप्रेस के एस-4 कोच के शौचालय में एक नवजात शिशु बिना किसी देखभाल के पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन और पुलिस विभाग में अफरा-तफरी फैल गई।

सूत्रों
के अनुसार, एक यात्री जब कोच के शौचालय में गया, तो वहां नवजात बच्चे को देखकर वह घबरा गया। उसने तुरंत रेलवे के इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए बच्चे को सुरक्षित रूप से अपने पास ले लिया। इसके बाद नवजात को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे स्पेशल केयर न्यूबॉर्न यूनिट (एससीएनयू) में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चालू है।

इस बीच,
आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। यात्रियों से पूछताछ की जा रही है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात बच्चे को इस हालत में ट्रेन में किसने और किस कारण से छोड़ा। यह घटना समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर गहरे सवाल उठाती है। एक निर्दोष बच्चे को इस तरह अकेला छोड़ना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह कानूनी तौर पर अपराध भी है।

भीम आर्मी ने की डॉ अंबेडकर जी जयंती को लेकर महत्वपूर्ण बैठक।

कटनी आगामी डॉ अंबेडकर जयंती एवं ज्योतिबा फुले जी जयंती को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मीटिंग का आयोजन किया 14अप्रैल 2026 एवं 11 अप्रैल 2026 जिसमें विस्तार से चर्चा की गई कि किस-किस तारीख को जिले के किन-किन स्थानों में महापुरुषों की जयंती मनाई जानी है। सभी साथियों ने अपनी राय बारी-बारी दी। सभी साथियों को विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया की बहुत जल्द तारीख तय कर कार्यक्रम रखा जाएगा। इस मौके पर भीम आर्मी उपाध्यक्ष जय सूर्यवंशी, कोषाध्यक्ष नागेंद्र अहिरवार, प्रीतम चौधरी, साजन दस, सुनिल, रोहित, रामखिलवन, करन, अनुज, धनेंद्र, राजा, रोहित चौधरी, दीपक, गुड्डू, आदि लोगों की मौजूदगी रही।

बड़वारा 5 वर्षों से भुगतान के इंतजार में, संकट में स्व-सहायता समूह की नर्सरी

बड़वारा जनपद: 5 वर्षों से भुगतान के इंतजार में, संकट में स्व-सहायता समूह की नर्सरी
बड़वारा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी दावे जनपद पंचायत बड़वारा जिला कटनी में बेकार साबित हो रहे हैं। यहां ‘दुर्गा स्व-सहायता समूह’ की सदस्याएं पिछले पांच साल से अपनी मेहनत का भुगतान पाने के लिए सरकारी दफ्तरों में लगातार घूम रही हैं, चक्कर लगा रही है। लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं आया है।

अधिकारियों की लापहरवाही
स्व-सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत के ऊपर भरी बड़ा जनपद पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही।
साल 2020 में उत्साहपूर्वक दुर्गा स्व-सहायता समूह को नर्सरी के संचालन का कार्य सौंपा गया था। महिलाओं ने पूरी मेहनत से पौधों की तैयारी की। इन पौधों का वितरण मनरेगा के माध्यम से जिले के अलग-अलग पंचायतों में किया गया, लेकिन काम खत्म होने के बाद विभाग ने अपने किए गए वादे को भुला दिया। और अपनी बातो से मुकर गए।

भुगतान
अस्वीकृत भुगतान: 5 साल गुजर जाने के बावजूद पौधों की बिक्री और मेहनत की रकम समूह को नहीं मिली। जो लगत लगाई गई वह भी बसूला नहीं हुई। समूह की महिलाएं तो बर्बाद हो जाएगी।

नर्सरी हुई बंद:
आर्थिक समस्याओं के चलते एक सफल नर्सरी अब वीरान हो चुकी है। पेड़ पूरी तरह से सुख गए ।

सीएम हेल्पलाइन द्वारा सहायता: महिलाओं ने निराश होकर 181 (शिकायत संख्या 37345594) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है,पर अधिकारियों की मिली भगत होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुई। न ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कोई जब्बा मिला।

अधिकारियों पर मनमानी और पक्षपात का आरोप

समूह की महिलाओं का सीधा आरोप बड़वारा में कार्यरत प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह बघेल पर है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। और हमेशा कार्यालय के चक्कर काटने पर मजबूर किया। कुछ खास समूहों को लाभ दिया गया।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं का कहना

“हमने इस नर्सरी को अपने सपनों के साथ शुरू किया था ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे सपने को चूर-चूर कर दिया। आज हम पूरी तरह से टूट चुके हैं। अपना समय और पैसा दोनों ही हमने लगता दिया । पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ। कुछ खास समूहों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और हमें अनदेखा किया जा रहा है।” — अध्यक्ष/सचिव, दुर्गा स्व-सहायता समूह

प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल
एक ओर सरकार ‘महिला सशक्तिकरण’ का संदेश देती है, दूसरी ओर एक ही स्थान पर कई सालों से बैठे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिन पर महिलाओं का उत्पीड़न किया जाता है। और शासन प्रशासन के लोग महिलाओं के हितों को मर रहे हैं। आखिर क्यों एक गरीब स्व-सहायता समूह की फाइल 5 वर्षों तक दबाई रही? समूह ने कुछ पाया नहीं बस अपना सब कुछ खोती रही क्या प्रशासन इन महिलाओं को न्याय दिलाने में सक्षम होगा या उनका हक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा? इस तरह के भ्रष्टाचार को आखिर कब तक लोगों की उम्मीदों से खेलते रहेगा। स्व-सहायता समूह की महिलाओं मांग है कि जल्द से जल्द ठोस कारवाही की जाए। जाने रोज और कितने भ्रष्टाचार बड़वारा जनपद पंचायत के अधिकारियों के द्वारा किए जाते होगे। सच सबके सामने आना चाहिए

15 करोड़ की लागत से बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट अब तक शुरू नहीं, मरीजों को नहीं मिल रही बेहतर सुविधा

कटनी. दो वर्ष से चल रहा निर्माण, अब भी 2-3 माह का इंतजार, लापरवाही और धीमी प्रगति पर उठ रहे सवाल
कटनी.
जिले के अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से सजी क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य पिछले दो वर्षों से चल रहा है, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट से क्षेत्र के मरीजों को बेहतर आपात चिकित्सा सेवा मिलने की आशा थी, जो अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यूनिट के चालू होने में अगले 2 से 3 महीने लग सकते हैं।
इस
क्रिटिकल केयर यूनिट में आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, यहाँ आइसोलेशन वार्ड और आर्थो (हड्डी रोग) वार्ड भी तैयार किए जा रहे हैं। भवन के पहले तल पर 26 बेड की क्षमता वाला वार्ड बनाया जा रहा है, जबकि दूसरे तल पर दो आधुनिक ऑपरेशन थियेटर और 16 बेड का आईसीयू स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, डायलिसिस हेतु 2 बेड की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। एक अन्य तल पर 16 बेड का एक और आईसीयू भी बनाने का प्रस्ताव है, जिससे गंभीर मरीजों की देखभाल की क्षमता में सुधार होगा।

सुविधाएं
हो रहीं प्रभावित
हालांकि,
निर्माण की धीमी गति के कारण मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में गंभीर मरीजों को सीमित संसाधनों में उपचारित किया जा रहा है, जिसके कारण कई बार उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों में रेफर होना पड़ता है। स्थानीय जनता और मरीजों के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निर्माण कार्य की नियमित और प्रभावी निगरानी नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। यदि समय पर कार्य पूरा होता, तो जिले को अब तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल चुकी होती। अब देखना होगा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना को कितनी जल्दी पूरा कर पाते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

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