Ashok Kharat Case: अशोक खरात का सबसे बड़ा ‘पाप’ इसने तो ‘बेटी’ तक को नहीं छोड़ा; मचा हड़कंप

Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर जिलों में महिलाओं को विभिन्न तरीकों से धोखा देकर दुष्कर्म करने वाला अशोक खरात, जो कप्ताना बाबा के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ विशेष जांच दल (SIT) ने लगातार नए और आश्चर्यजनक तथ्यों का खुलासा करना जारी रखा है। SIT अधिकारियों का कहना है कि दुष्कर्म और ठगी का शिकार हुई कई महिलाएं अब शिकायतें लेकर आई हैं। वे लंबे समय तक चुप रहीं क्योंकि उन्हें समाज में अपमान का भय था। SIT में दाखिल किए गए डिजिटल सबूतों पर भी कार्रवाई की गई है।

साइबर
जांच में महत्वपूर्ण प्रगति की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग 5000 आपत्तिजनक लिंक हटा दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 451 सोशल मीडिया खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसी दौरान, अशोक खरात के खिलाफ और भी एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, जिसके चलते सवाल उठता है कि क्या वह किसी मानसिक विकार से ग्रसित है। SIT अधिकारियों के अनुसार, अशोक खरात के खिलाफ अब तक 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 8 मामले महिलाओं के साथ धोखे से यौन संबंध बनाने के हैं। इसके अलावा, 58 अश्लील वीडियो भी जब्त किए गए हैं। अशोक खरात ने स्वर्ण और पत्थर देकर ‘दैवी उपाय’ बताकर पैसे भी लिए थे। वह स्वयं को ‘दैवी शक्तियों वाला’ बताकर अंधविश्वास फैलाता और फिर महिलाओं का शोषण करता था। अनुमान है कि अशोक खरात ने 150 से अधिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया है।

एक
और चौंकाने वाला खुलासा
अब
अशोक खरात के दुष्कर्म का शिकार होने वाली एक और युवती सामने आई है। उसका कहना है कि वर्ष 2019 में शादी होने के कारण उसने अशोक खरात से संपर्क किया था। कथित बाबा ने युवती को आश्वासन दिया कि उसकी शादी अच्छी जगह होगी, लेकिन उससे पहले उसे एक पुखराज देना होगा और खंडोबा मंदिर जाने की सलाह दी थी। उसने यह भी कहा कि वहाँ जाकर 11 नारियल चढ़ाना और इसके बाद एक पत्थर को गले में लॉकेट के रूप में पहन लेना। इसके बाद उसकी शादी हो जाएगी।

बाबा
से आशीर्वाद लेने गई तो…
इसके
बाद वर्ष 2022 में युवती की सगाई हुई। वह अपने मंगेतर के साथ अशोक खरात से आशीर्वाद लेने गई। इस पर अशोक खरात ने बताया कि शादी से पहले एक विशेष पूजा करानी है। वह उसके झांसे में आ गई। अशोक खरात ने शादी से पहले ईशान्येश्वर महादेव मंदिर में सिद्धपूजा कराने की शर्त रखी। पूजा के बारे में बताने के लिए उसने युवती को अपने कार्यालय बुलाया।

उसी
समय कार्यालय में उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। वह किसी किसी बहाने से उसे ऑफिस बुलाता और दुष्कर्म करता। यह सिलसिला तीन साल तक चलता रहा और अशोक खरात ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। अंत में युवती का कहना है कि जब वह पहली बार मिली, तो उसने बहुत भोलेपन से कहा था कि ‘तुम मेरी बेटी हो, कन्यादान करूंगा।’ इसके बाद लगातार तीन साल तक कई बार दुष्कर्म किया। पतिपर उसके पति की मौत हो जाएगी, उसे बदनाम किया जाएगा।
जब
युवती की शादी हुई, तब भी बाबा ने उसका दुष्कर्म किया। युवती ने साझा किया कि विवाह के बाद ‘बाबा’ ने उसे फोन कर बुलाया और कहा कि अनुष्ठान करना अनिवार्य है, नहीं तो उसके पति की मृत्यु हो जाएगी। शादी के पश्चात उसने विभिन्न बार अनुष्ठान और पति की मौत का डर दिखाकर उसे अपने ऑफिस में बुलाया और दुष्कर्म किया। अंततः परेशान होकर युवती ने विवाह के लगभग तीन साल बाद अशोक खरात के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी।

नशीले
पदार्थ का सेवन कर दुष्कर्म करता था
युवती
का कहना है कि विवाह के बाद भी अशोक उसे “धार्मिक अनुष्ठानों” के बहाने अक्सर बुलाता था। बातचीत के दौरान वह पति की मृत्यु और सार्वजनिक बदनामी की धमकी देता था। दुष्कर्म करने से पहले, वह उसे ऐसा नशीला पदार्थ देता था, जिससे महिलाएं बेहोश हो जाती थीं। पीड़िता ने बताया कि उसे पति की मृत्यु की चिता दी गई, इसके चलते उसे ऑफिस बुलाकर दुष्कर्म किया जाता था।

कटनी में देहदान को राजकीय सम्मान

कटनी। जिले में समाज सेवा और मानवता की एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रकाश में आई है, जहाँ दिवंगत श्रीमती कलाबाई कुशवाहा को उनके निधन के बाद समाज के लिए योगदान देने के लिए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

सूचना
के अनुसार, इंदिरा गांधी वार्ड संख्या 04 शिवनगर की निवासिनी स्व. कलाबाई कुशवाहा (पति श्री कोदूलाल कुशवाहा) के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह को जबलपुर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। यह देह चिकित्सा छात्रों के अध्ययन और अनुसंधान में उपयोग की जाएगी। वीडियो समाचार

गुरुवार,
09 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय कटनी से पार्थिव देह को पूर्ण सम्मान के साथ भेजा गया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस महान कार्य की सराहना उपस्थित अधिकारियों और नागरिकों ने भी की।

यह
ध्यान देने योग्य है कि मध्य प्रदेश सरकार देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए देहदानियों को राजकीय सम्मान देने का प्रयास कर रही है। इस पहल के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा ऐसे महान कार्यों के लिए व्यक्तियों के प्रति सम्मान प्रकट किया जा रहा है।

विशेषज्ञों
का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में देहदान का अत्यधिक महत्वपूर्ण महत्व होता है। दान की गई देह मेडिकल छात्रों के लिए “पहला गुरु” होती है, जिसके माध्यम से वे मानव शरीर की संरचना और जटिलताओं को समझते हैं। यह ज्ञान आगे चलकर कई जानों को बचाने में मददगार साबित होता है।

जर्जर भवन, शौचालय एवं बाउंड्रीवाल को करें तुरंत डिस्मेंटल कटनी

कटनी (09 अप्रैल) – निर्माणाधीन सभी स्कूल भवनों एवं शौचालय को समय-सीमा में पूर्ण करें। जर्जर भवन शौचालय एवं बाउंड्रीवाल को तुरंत डिस्मेंटल करें। कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने यह निर्देश गुरूवार को आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिये। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं। जर्जर इमारत, शौचालय और बाउंड्रीवाल को तत्काल ध्वस्त करने का आदेश – कलेक्टर श्री तिवारी
प्राचार्यों
को अपार आईडी और आधार अपडेट करने के लिए निर्देशित किया गया
कलेक्टर
श्री तिवारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया
बैठक में डाइट कटनी ने जिले की शैक्षणिक स्थिति पर एक प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण दिया। इस प्रस्तुतिकरण में शैक्षणिक चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देशानुसार कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए ई-शिक्षा सामग्री क्यूआर कोड के रूप में सभी स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों के लिए जारी की गई। सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और बीआरसी को ई-मटेरियल प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराने तथा उसके उपयोग के लिए निर्देशित किया गया। शिक्षकों के बिना विद्यालय और स्मार्ट बोर्ड वाले विद्यालय विशेष रूप से इसका लाभ उठाएंगे और शिक्षक प्रभावी पाठ्यक्रम विकसित कर सकेंगे।
बैठक
के दौरान जिले में माध्यमिक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए डाइट कटनी और पीपल समूह द्वारा विकसित प्रेरणा बुकलेट का विमोचन भी किया गया। सरकारी स्कूलों में कक्षा 1, कक्षा 6 और कक्षा 9 में लक्ष्य के अनुसार प्रवेश, शत-प्रतिशत कक्षोन्नति, एमबीयू पेंडेंसी को स्कूलों के आधार पर निकालना, आधार केंपों या निकटतम केंद्र से अपडेट करने और नए आधार के लिए बच्चों की उपस्थिति अप्रैल के अंत तक सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। महीने में 150 प्रतिशत से अधिक मेंटरिंग, स्कूलों और आधार केंपों में अधिकतम बच्चों की उपस्थिति के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती कौर ने सभी प्राचार्यों को अपार आईडी और आधार अपडेट को तुरंत सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। इस समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश अग्रहरी, डीपीसी प्रेम नारायण तिवारी, डाइट प्राचार्य एमपी डुंगडुंग, अभय जैन एडीपीसी, वरिष्ठ व्याख्याता राजेन्द्र असाटी, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसीसी, सभी संकुल प्राचार्य, सहायक यंत्री और उपयंत्री तथा जिला प्रोग्रामर सुमंत ताम्रकार उपस्थित रहे।

भारत की चुप्पी कमजोरी नहीं शशि थरूर

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा कि भारत को मूक नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह बताया कि भारत को अपने हितों का ध्यान रखते हुए बातचीत में सीधे हस्तक्षेप किए बिना अपने रणनीतिक विकल्पों का सावधानीपूर्वक आकलन करना आवश्यक है। शशि थरूर ने कहा कि हम केवल दर्शक बनकर नहीं रह सकते। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता का भारत के लिए कोई बड़ा झटका नहीं होगा।

सीएनएन-न्यूज
18 के साथ एक विशेष बातचीत में शशि थरूर ने बताया कि भारत के लिए इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक हित जुड़े हुए हैं, इसीलिए उसे कूटनीतिक दृष्टिकोण से सतर्क रहने की आवश्यकता है। थरूर ने यह भी बताया कि भारत को मध्यस्थता में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए, लेकिन सरकार को लगातार यह आकलन करना चाहिए कि परिस्थिति के अनुसार आगे क्या कदम उठाना है।

कांग्रेस
के सांसद शशि थरूर ने कहा कि अगर पाकिस्तान की मध्यस्थता असफल होती है, तो भारत को यह देखना होगा कि वह क्या विकल्प अपना सकता है। बदलते हालात को ध्यान में रखते हुए भारत को अपने संभावित विकल्पों को खुला रखना चाहिए। थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बयान को भारत की इस स्तर पर बातचीत में सीधी भागीदारी के समर्थन में नहीं समझा जाना चाहिए।

उन्होंने
कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भारत को वार्ता में शामिल होना चाहिए। इसके साथ उन्होंने बताया कि भारत का चुप रहना किसी प्रकार की कमजोरी नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय है। सरकार को किसी भी कदम को उठाने में राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखना चाहिए। शशि थरूर ने भारत और अमेरिका के संबंधों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि द्विपक्षीय संबंध विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण आधार बने हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भारत-अमेरिका संबंधों में कोई नकारात्मक बदलाव न आए।

स्विट्जरलैंड की राजदूत ने जीएलओएफ प्रभावित इलाकों का किया दौरा

मंगन: भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया टिसाफी ने आज अपने आधिकारिक दौरे के तहत प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए टूंग नागा का दौरा किया, जहां ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) की समस्या थी। इस अवसर पर, राजदूत के साथ उनके पति जुर्ग पीटरमैन; प्रथम सचिव साइमन सेवन शेफर; आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए वरिष्ठ क्षेत्रीय सलाहकार पियरे-यवेस पिटेलौड; एससीए-हिमालय की टीम लीडर दिव्या मोहन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी भी उपस्थित थे।

जब
यह प्रतिनिधिमंडल मंगन पहुंचा, तो मंगन बीडीओ कैलाश थापा ने उनका स्वागत किया। थापा जीएलओएफ के समय टूंग नागा जीपीयू के घटना कमांडर रहे हैं और यह क्षेत्र उनके तहत आता है। उनके साथ मंगन एसएचओ प्रशांत राय भी उपस्थित थे। जब वे टूंग नागा पहुंचे, तो पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और अन्य पीआरआई पदाधिकारियों ने कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष निम छिरिंग लेप्चा के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस क्षेत्रीय
दौरे के दौरान, बीडीओ कैलाश थापा ने राजदूत और उनके प्रतिनिधिमंडल को जीएलओएफ के स्थानीय प्रभावों के बारे में अवगत कराया और विशेषकर बुनियादी ढांचे और आजीविका के नुकसान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए कौन से कदम उठाए हैं और साथ ही यह भी विस्तार से समझाया कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में दीर्घकालिक आपदा तैयारी और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।

इस
पर राजदूत ने स्थानीय समुदायों और जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और जलवायु लचीलेपन के लिए निरंतर सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान की महत्ता पर जोर दिया।

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल

कटनी में कृषक समुदाय की गंभीर समस्याओं और गेहूं खरीदी में फैली अव्यवस्थाओं के मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रभावशाली धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस अवसर पर कई कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्रित हुए और सरकारी नीतियों के खिलाफ तीव्र नारेबाजी की।

प्रदर्शन
करने वाले लोगों का कहना था कि गेहूं खरीदने की प्रक्रिया में बहुत सारी समस्याएं हैं, जिससे उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के नेताओं ने कलेक्टर को एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि उपार्जन व्यवस्था को तुरंत सुधारें, समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी दें और किसानों को वित्तीय सहायता दें।

जिला
कांग्रेस कमेटी के शहरी अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान लगातार मुसीबत में हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

इसी
दौरान, जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्‍यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि यदि किसान की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस
प्रदर्शन में प्रियदर्शन गौर, महिला अध्यक्ष रजनी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश जाटव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान उपस्थित थे।

कांग्रेस
ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का हल तुरन्त नहीं निकला, तो आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।

घर के बाहर गांजा बेच रही महिला गिरफ्तार

कटनी। नशामुक्ति अभियान के तहत कटनी पुलिस निरंतर अवैध नशीले पदार्थों के विक्रेताओं पर कार्यवाई कर रही है। इसी प्रयास में बड़वारा पुलिस ने एक सूचना के आधार पर ग्राम मझगवाँ में छापे मारकर एक महिला को अवैध गांजे के साथ पकड़ लिया है। आरोपी महिला अपने निवास के समक्ष गैर कानूनी तरीके से नशीले पदार्थों का व्यापार कर रही थी।
सूत्रों से प्राप्त
जानकारी के अनुसार, बड़वारा थाना पुलिस को विश्वसनीय स्त्रोतों से यह सूचना मिली थी कि ग्राम मझगवाँ में एक महिला अवैध गांजे की खेप के साथ उपस्थित है और उसे बेचने के प्रयास में है। सूचना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी के निर्देशों के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल ग्राम मझगवाँ की ओर भेजा गया।
जब
पुलिस टीम ने ग्राम मझगवाँ में सूचित स्थान पर छापा मारा, तो वहां 42 वर्षीय महिला पुलिस को देखकर घबरा गई। महिला की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से 497 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 6,000 रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके पर आरोपी महिला को गिरफ्तार करते हुए जब्ती की कार्रवाई की। बड़वारा पुलिस ने आरोपी महिला के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला यह गांजा कहाँ से प्राप्त करती थी और इस अवैध व्यवसाय में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।

कटनी पुलिस का बड़ा एक्शन, 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई

अवैध शराब की बिक्री और उत्पादन की शिकायत करने के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

कटनी
पुलिस का बड़ा कदम, 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्यवाही “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत कटनी पुलिस ने 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई की

कटनी
– जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए कटनी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान”ऑपरेशन शिकंजा के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

पुलिस
अधीक्षक श्री अभियान विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 43 मामलों में 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस
कार्रवाई के दौरान, आरोपियों से लगभग 75,000/- रुपये की कीमत वाली 37 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब तथा 49 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई है।
इस
कार्रवाई से जुड़े आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

कटनी
पुलिस आम जनता से अनुरोध करती है कि यदि किसी स्थान पर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री की सूचना प्राप्त हो, तो कृपया तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 7587615946 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

कटनी में करोड़ों का ‘IPL सट्टा’, माधवनगर के नामचीन सटोरिए गिरफ्तार

कटनी। आईपीएल के उत्साह के बीच, कटनी पुलिस ने सट्टेबाजी के अवैध कारोबार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन लिफ्ट’ के अंतर्गत, माधवनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय सट्टा समूह का पर्दाफाश किया है। निस्संदेह, यह जानकर चौंकाने वाली बात है कि सट्टे का यह नेटवर्क कटनी से नहीं, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर गोवा से संचालित हो रहा था।

गोवा
से 4 और कटनी से 2 सटोरिए गिरफ्तार
पुलिस
अधीक्षक को जानकारी मिली थी कि माधवनगर के प्रमुख सटोरिए अपनी गतिविधियां गोवा में स्थानांतरित कर चुके हैं और वहां से पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा फैला रहे हैं। एसपी ने तुरंत एक खास टीम बनाई और गोवा भेजा। टीम ने वहां छापा मारते हुए माधवनगर के चार प्रमुख सटोरियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। इसके अलावा, कटनी में भी दो अन्य साझेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार
किए गए मुख्य आरोपी:
पिंका आडवानी
रोहित
बंटी
सुनील
राहुल (कटनी से गिरफ्तार) और एक अन्य सहयोगी।

करोड़ों
का लेन-देन एवं ऑनलाइन नेटवर्क
पुलिस
की प्रारंभिक जांच और जब्त किए गए दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह कटनी के साथ-साथ कल्याण, जयपुर और गोवा जैसे शहरों में भी फैला हुआ था। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और नोटबुक में करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन का रिकार्ड मिला है। इस गिरोह ने अत्याधुनिक ऐप्स और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी करवाई थी।

कई
‘सट्टा किंग’ हुए भूमिगत, बड़े नाम पुलिस की निगरानी में
पुलिस की
इस कार्रवाई के बाद सट्टा बाजार में खलबली मच गई है। माधवनगर क्षेत्र में सक्रिय जयपाल, रावलानी और बानवानी जैसे कई अन्य प्रमुख सटोरिए पुलिस की कार्रवाई के तत्काल बाद भूमिगत हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जयपाल और बानवानी गैंग के सदस्य अब पुलिस की निगरानी में हैं और उनकी तलाश में छापेमारी का क्रम जारी है।

कटनी जिला चिकित्सालय की चरमराई अर्थव्यवस्था

कटनी जिला चिकित्सालय की चरमराई अर्थव्यवस्था अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल पा रही कोई व्यवस्थाएं बच्ची का पर टूट जाने पर वह दूसरे पैसे कूदते हुए चलते हुए का वीडियो वॉयरल मरीज के लिए नहीं मिल पा रही हॉस्पिटल में व्हीलचेयर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होने को विवश । यह सब जहां प्रदेश में चर्चा की जाति की हमने एक क्लास हॉस्पिटल बनवाया है लेकिन धरातल पर उसका 0% भी नहीं दिखता वास्तव में चारों तरफ गंदगी का अभाव है । मरीज यहां में भटक रहे हैं मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पा रहा है। इलाज के लिए लंबी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। चाहे वह कोई भी टेस्ट करने को या फिर डॉक्टर से मिलने को हो हर जगह पर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है ।

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