रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र से एक भयावह घटना आज 23 दिसंबर को दोपहर एक बजे सामने आई। यहां एक निजी विद्यालय में होमवर्क पूरा न होने के कारण एक शिक्षिका ने क्रूरता की सारी सीमाएं पार करते हुए 11 साल के छात्र को गंभीर चोट पहुंचाई। आरोप है कि शिक्षिका ने स्टील की बोतल से हमला किया और फिर पीड़ित बच्चे का सिर दीवार पर कई बार मारा। घायल छात्र के परिवार वाले थाने जाकर आरोपी शिक्षिका के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सिमरी के निवासी पुष्पेंद्र पांडे का बेटा बैकुंठपुर स्थित ‘जेंटल शेफर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल’ में अध्ययन करता है। शनिवार को होमवर्क के कुछ अध्याय आधे रहने के कारण शिक्षिका मनीषा विश्वकर्मा भड़क गईं।
छात्र ने बताया कि शिक्षिका ने पहले उसे स्टील की बोतल से पीटा और फिर उसके बाल पकड़कर उसका सिर बार-बार दीवार पर मारा। इसके बाद, जब उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने बच्चों को काफी देर तक मुर्गा बनाने की सजा दी।
यह चिंताजनक है कि स्कूल के अंदर इस तरह का बुरा घटनाक्रम हो गया, लेकिन प्रबंधन ने परिजनों को इसकी सूचना देने योग्य नहीं समझा।
पीड़ित पिता का दावा है कि बच्चे के सिर में चोट आने के बाद अन्य एक शिक्षिका ने प्राथमिक उपचार किया और मामले को दबाने की कोशिश की। जब बच्चा घर आया और उसकी स्थिति बिगड़ी, तब परिवार को इस हिंसा के बारे में जानकारी मिली।
परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद से बच्चा बहुत डर गया है। उसे तेज बुखार हो गया है और उसने खाना-पीना बंद कर दिया है। पिता पुष्पेंद्र पांडे के मुताबिक, “मैडम ने पहले ही कह दिया था कि सिर फोड़कर उसे घर भेजूंगी। बच्चा रातभर रोता रहता है और स्कूल जाने से ही कांपता है।”
पीड़ित परिवार ने बैकुंठपुर पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी ने कहा है कि बच्चे का इलाज कराया जा रहा है और उसकी गवाही के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
