बड़वारा आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कटनी / आम आदमी पार्टी के जिला कटनी ने बड़वारा तहसील कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम एक संपूर्ण ज्ञापन तहसीलदार बड़वारा को प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में क्षेत्र के निवासियों की लंबे समय से अधर में लटकी मुख्य समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन शिवप्रताप परमा ने किया। एड. अनिल सिंह सेंगर, जो कि आम आदमी पार्टी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हैं, ने इस मौके पर कहा कि —
“बड़वारा के नागरिक, जिसमें किसान, श्रमिक, महिलाएं और युवा शामिल हैं, आज भी आवश्यक सेवाओं से वंचित हैं। सरकार ने कई वादे किए हैं, लेकिन असली स्थिति बिल्कुल वैसी ही है। अब लोग चुप नहीं रहेंगे — जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।” ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं —
किसानों के लिए धान की खरीद का वादा ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से पूरा किया जाए।
खेतों में बिना रुकावट बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
योग्य महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ दिया जाए।
अल्ट्राटेक तथा जे.के. सीमेंट कंपनियों के CSR फंड की स्वतंत्र जांच कराई जाए और स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाए।
मजदूरों पर हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोकने की आवश्यकता है।
अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए।
ग्राम गुड़ाकला से मरोठी टोला तक सड़कों का निर्माण करवाया जाए।
खनिज क्षेत्र से होने वाली आय का एक हिस्सा स्थानीय विकास के लिए अनिवार्य किया जाए।
एड. सेंगर ने आगे कहा —
“यदि सरकार ने इन मुद्दों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आम आदमी पार्टी बड़वारा की जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से एक बड़ा आंदोलन करेगी।”
कार्यक्रम में प्रमुखता से उपस्थित थे —
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शिव प्रताप सिंह परमार, जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर, प्रकाश जैन, विनय पटेल, आयुष ठाकुर, सलीम मिश्रा, कुंवर सिंह रघुवंशी, अरविंद सिंह, अमित सिंह, प्रदीप रजक, तीर्थ विश्वकर्मा, विकास श्रीवास्तव, जगन्नाथ नामदेव, देवीलाल रजक, लवकुश केवट, मृदुल तिवारी, राहुल रैदास, सुनीता बाई, जानकी बाई, मनोज सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद थे।

पुरानी रंजिश में दरिंदगी: युवक को नंगा कर सड़क पर घुमाया

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शुक्रवार की रात, संतोष आचार्य नामक व्यक्ति की प्रेमिका और पुरानी शत्रुता के कारण आठ लोगों ने निर्दयता की हत्या कर दी। पहले तो घर का आयरन का दरवाजा अनब्लॉक कर दिया गया और फिर संतोष को बाहर खींच लिया गया । इसके बाद उनकी पेंटिंग्स ने सड़कों पर नंगा खड़ा कर दिया और बारी-बारी से उनकी बुरी तरह की पिटाई की। फिर, उन्हें सदर बाजार ले बिल्डिंग इंडस्ट्रीज और पत्थरों से भी जोड़ा गया । चार महीने पहले उनकी पत्नी फ्रेंचाइजी चली गईं थीं। संतोष अध्यापक (47 वर्ष) दुर्ग के शीतला नगर में रहते थे । उनके साथ उनकी पत्नी रानी सोनी और तीन बेटियां भी थीं। लेकिन चार महीने पहले उनकी पत्नी रानी सोनी और बेटियाँ वार्ड नंबर 6 में अपनी बिकवाली कर गईं। पत्नी ने बताया कि हाल ही में उनके पति ने और अधिक शराब की दुकानें शुरू कर दी थीं । इसी वजह से उनका अक्सर बाहर के लोगों से झगड़ा होता था। इस कारण से वह अपनी बेटी के साथ चली गई। संतोष के खिलाफ एक दिन पहले ही मामला दर्ज हुआ था । 7 नवंबर को दुर्ग नागपुर में प्रथम सोनी (पिता: चैतराम सोनी) ने संतोष आचार्य के विरुद्ध प्राथमिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे वे गांधी चौक के पास राम मंदिर के निकट विश्वासपात्र थे , तभी आचार्य संतोष वहां आए और बिना किसी कारण के उनसे मुलाकात की । जब उन्होंने उन्हें गालियां देने से रोकने की कोशिश की, तो संतोष ने उनकी जान को खतरे में डाल दिया
और फिर उनके चेहरे पर लैपटॉप मारा गया। घटना के वक्त नितेश सोनी और मयंक सोनी भी वहां मौजूद थे.
इसके बाद शाम को फिर विवाद हो गया। दिन में संतोष और प्रथम के बीच फिर झगड़ा हुआ । रानी सोनी ने बताया कि शाम 4 बजे उनके पति ने उन्हें फोन किया और कहा कि कुछ लोग उन्हें चाकू लेकर मारने के लिए आ रहे हैं। रानी ने अपने पति को सलाह दी कि वे घर में रहें, क्योंकि पुलिस आई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाएगी। परन्तु रात को उन्हें न मालूम हुआ, कि उन लोगोंने अपने पति का पता लिया । घर का लोहे का दरवाजा बंद था, जिसमें गैस कटर से 15-20 लोगों ने अपने पति को बाहर खींच लिया। फिर उनके पति को नंगा करके पीटा गया और पूरे इलाके में घुमाया गया। इसके बाद उन्हें सदर बाजार में ले जाकर तब तक मारा गया जब तक उनकी जान नहीं निकल गई। उस समय उनकी पत्नी अपने घर में अकेली थीं । पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने चैतराम सोनी, मनीषी, दादू, शिव समेत 8 लोगों को पकड़ लिया है। बताया गया है कि घटना के बाद सभी बेघर बच्चे चले गए थे, जिनमें बाद में पुलिस ने थाने पर कब्जा कर लिया था । सभी से पूछताछ की जा रही है। पत्नी ने पति के खिलाफ कुछ दिन पहले शिकायत की थी। पत्नी रानी ने बताया कि उसके पति संतोष इन दिनों अधिक शराब का सेवन करने लगे थे, जिससे उनका अक्सर झगड़ा होने लगा था। उन्होंने तीन-चार दिन पहले पुलिस से मांग की थी कि उनके पति को गिरफ्तार किया जाए क्योंकि वह अत्यधिक शराब पीने लगे थे। उनकी लड़ाई अब सड़कों पर भी होने लगी थी, क्योंकि वह लोगों को ब्याज पर पैसे देते थे, लेकिन कोई भी पैसे वापस नहीं करता था।
रानी ने यह भी कहा कि वह हमेशा दूसरों की सहायता करते थे और धीरे-धीरे पैसे वसूलते थे। बार-बार झगड़े के कारण रानी ने पुलिस को तीन-चार बार यह कहा था कि उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया जाए। पुलिस की गाड़ी कई बार उनके घर आई, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।
रानी ने यह जानकारी भी दी कि उन्होंने पुलिस को बताया था कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो कोई न कोई उनकी हत्या कर देगा, लेकिन किसी ने इसकी अहमियत नहीं समझी। आज इसी वजह से उनकी हत्या कर दी गई है।
संतोष के पिता वेंकट ने बताया कि उनके तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। संतोष सबसे बड़ा बेटा है। उसने 25 साल पहले प्रेम विवाह करके परिवार से अलग कर लिया था।
जांच में लगे एएसपी सुखनंदन राठौर ने कहा कि शुक्रवार रात एक घटना घटी, जिसमें संतोष आचार्य नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। यह विवाद एक निजी रंजिश का परिणाम था, जिसमें 7-8 युवकों ने हमला किया था। उन्हें हाथों, मुक्कों और धारदार औजार से मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
एएसपी ने कहा कि घायल संतोष को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हत्या की शिकायत दर्ज किया गया है और जांच प्रगति पर है। इस समय पुलिस ने 8 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।

भगवान भरोसे चल रहा है मेडिकल कॉलेज

जबलपुर: संस्कारधानी का नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल क्षेत्र का सबसे प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र है, परंतु यहां मरीजों की स्थिति अब पूरी तरह परित्यक्त है. अस्पताल में दलालों का इतना प्रभाव है कि चाहे रक्त का सौदा हो या एंबुलेंस के किराए का, हर चीज खुलेआम होती है. लाखों रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट लेने के बाद भी अस्पताल प्रशासन और निजी ठेकेदार यूडीएस की लापरवाही के कारण सब कुछ बिखर चुका है. जबलपुर का मेडिकल अस्पताल दलाली का गढ़ बन चुका है, वार्ड बॉय से लेकर एंबुलेंस चलाने वाले तक सभी दलाली और गुंडागर्दी में लगे हुए हैं. अस्पताल परिसर में इलाज से लेकर प्रक्रियाओं तक हर जगह दलालों का कब्जा है. गंभीर बीमारियों का इलाज समय पर नहीं हो पा रहा, महंगी रक्त जांच बाहर की दुकानों पर करवाई जा रही है. जबकि दलालों के इशारों पर ही सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. इस सब के बीच, सरकार और प्रशासन की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है. अस्पताल की लापरवाही का रहस्य फिर से उजागर हुआ है,

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इसी दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. वीडियो में एक वार्ड बॉय को वेंटिलेटर पर रखे मरीज को ऑक्सीजन मास्क लगाते हुए दिखाया गया है, जब यह कार्य डॉक्टर या प्रशिक्षित नर्स का होता है. एक अन्य दृश्य में परिवार के सदस्य स्वयं अपने बीमार रिश्तेदार को सक्शन पाइप लगा रहे हैं, जबकि यह कार्य चिकित्सा स्टाफ द्वारा किया जाना चाहिए. इस स्थिति से स्पष्ट है कि अस्पताल में न तो डॉक्टरों की निगरानी है और न ही किसी प्रकार की जिम्मेदारी का एहसास है. जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं.


इन घटनाओं से यह बात सामने आती है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है. दलाली, लापरवाही और अव्यवस्था के कारण मरीजों की जिंदगी खतरे में है. प्रश्न यह है कि आखिर कब तक यह सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल इस प्रकार “भगवान भरोसे” चलता रहेगा और कब प्रशासन इन दलालों और उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा? फिलहाल, मेडिकल प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है.

श्योपुर में बहू ने जेठ की कुल्हाड़ी से मारकर की हत्याः

श्योपुर: मध्यप्रदेश के श्योपुर थाना क्षेत्र में स्थिति दुवावली गांव में एक बहू ने अपने दिव्यांग जेठ की हत्या कुल्हाड़ी से की। यह मामला शुक्रवार सुबह का है। पुलिस ने अभियुक्त कंचन बाई को दबोच लिया है और जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है। बहू ने खेत में पड़ी कुल्हाड़ी से शंकर के सिर पर हमला किया।
शुक्रवार की सुबह, शंकर अपने छोटे भाई काशीराम जाटव के साथ खेत में काम कर रहा था। इसी वक्त, कंचन बाई ने खेत में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और शंकर के सिर और गले पर दो बार वार किया। इसके कारण शंकर की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
जब यह घटना हुई, काशीराम पास के खेत में थे। चीखने की आवाज़ सुनकर वे वहां पहुंचे और अपनी पत्नी कंचन को खून से सनी कुल्हाड़ी के पास पाया, जबकि शंकर वहां मृत अवस्था में थे। काशीराम ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने जब कंचन बाई से पूछताछ की, तो उसने यह स्वीकार किया कि वह अपने जेठ की देखभाल करते-करते मानसिक रूप से थक गई थी और लगातार के विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और इस मामले में आवश्यक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। रघुनाथपुर थाना इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों की जांच चल रही है। स्थानीय लोग और शंकर के परिजन इस घटना से बहुत सकते में हैं।

छात्र का क्लासरूम में आत्मदाह प्रयास

मुजफ्फरनगर: क्लासरूम में छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की, प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित डीएवी कॉलेज में एक छात्र ने कथित रूप से क्लासरूम के अंदर आग लगाई। छात्र ने प्रिंसिपल पर लेट फीस के चलते अपमानित करने और धमकाने का आरोप लगाया है। छात्र का उपचार जारी है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुजफ्फरनगर: क्लासरूम में छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की, प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप।


सूत्रों के अनुसार, उज्ज्वल को कॉलेज में फीस न जमा करने के कारण क्लास में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। छात्रों का कहना है कि इस समय उसके साथ कथित रूप से कठोर व्यवहार किया गया। इस वजह से उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।


शुक्रवार को वह क्लास में पहुंचा और अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। वहां उपस्थित छात्रों और कर्मचारियों ने आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।


उज्ज्वल ने अस्पताल में दिए गए कथित बयान में प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने बताया कि लेट फीस के कारण उसे लगातार पीटा गया औ

र डांटा गया। कॉलेज प्रबंधन ने कहा है कि वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही कोई जानकारी दी जाएगी।
पुलिस ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और छात्र के दोस्तों के बयान लेने प्रारंभ कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी पक्ष के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उज्ज्वल की स्थिति अस्पताल में स्थिर बताई जा रही है।

सास ने दामाद पर करवाई बेटी के मर्डर FIR

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक महिला ने अपने दामाद और अपनी बेटी के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने FIR भी दर्ज कराई। महिला ने कहा कि उनके ससुराल वालों ने उनकी बेटी की हत्या कर दी है और लाश भी कहीं छिपा दी है। हालांकि, जब सच सामने आया, तो मां को शर्मिंदा होना पड़ा। असल में, उनकी बेटी जिंदा थी और अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। उधर, ससुराल वालों ने जब आरोपों से अपनी बेगुनाही साबित होते देखी, तो उन्होंने राहत की सांस ली। यह घटना सादात थानाक्षेत्र के बरहपार भोजूराय की है। यहाँ 3 अक्टूबर को राजवंती देवी, जो स्व. रामजी दास की पत्नी हैं, ने पुलिस में शिकायत दी थी और FIR दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी रूचि को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया और फिर उसकी हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।


जब पुलिस ने गहन तरीके से जांच की तो उन्हें मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ और जब उन्होंने तथ्य जुटाने की कोशिश की, तो पता चला कि जिस विवाहिता की हत्या का मामला उसकी मां ने दर्ज कराया है, वह तो जिंदा है। इसके अलावा, वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किसी अन्य व्यक्ति से शादी करके वहां रह रही है। इसी बीच, सूचना के आधार पर शुक्रवार का दिन सुबह 7 बजे सीओ रामकृष्ण तिवारी ने बरेहता पुल से विवाहिता को बरामद किया और उससे पूछताछ की। उसने बताया कि

स्कूल के दिनों से एक युवक से उसका प्रेम था।


विवाहिता ने कहा कि उसके परिवार ने उसकी सहमति के बिना उसकी शादी करवा दी थी, जबकि वह हमेशा से उसी युवक से विवाह करना चाहती थी। उसने बताया कि जब उसे मजबूरन शादी करने के बाद वह उस युवक के साथ चली गई। दूसरी ओर, जब कथित मृतका की जिंदा होने की खबर मिली, तो दहेज हत्या के आरोपों का सामना कर रहे खानपुर के हथौड़ा निवासी उसके पति राजेंद्र, सास कमली देवी, ससुर फूलचंद, देवर मुन्ना, ननद रेनू और आकाश को राहत मिली। पुलिस ने विवाहिता को बरामद करने के बाद मेडिकल जांच के लिए भेज दिया।


राजेंद्र और रूचि की शादी 6 जून, 2023 को हुई थी। वास्तव में, राजेंद्र के विवाहिता के साथ विवाह के लिए 3 अक्टूबर को उसकी मां ने दहेज हत्या की शिकायत दी थी और कहा था कि उन्होंने दहेज के रूप में 50 हजार रुपये और गहने दिए थे। दहेज में बाइक न मिलने पर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी कहा गया कि ससुराल वाले उसे मारते, पीटते और भोजन तथा कपड़े भी नहीं देते थे। कई बार पंचायत हो चुकी थी, लेकिन ससुराल वालों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

2 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, तीन दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई से हड़कंप

रीवा: रीवा लोकायुक्त दल ने सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए शनिवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। चुरहट तहसील के टिकर खुर्द गांव में तैनात हल्का पटवारी शिव प्रताप सिंह को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी पटवारी जमीन से संबंधित रिपोर्ट अपने फेवर में तैयार करने के बदले में शिकायतकर्ता से पैसे मांग रहा था। लोकायुक्त द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से भ्रष्टाचार में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


इस मामले की सूचना देते हुए लोकायुक्त टीआई संदीप भदौरिया ने बताया कि शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने 4 नवंबर को रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में यह उल्लेखित था कि जमीन विवाद के मामले में नायब तहसीलदार चुरहट ने स्टे जारी किया था। स्टे के बाद पटवारी को रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन उसने शिकायतकर्ता से रिपोर्ट उनके पक्ष में तैयार करने के लिए 5,000 रुपये की रिश्वत मांग ली। शिकायत का संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और शनिवार को कार्रवाई के दौरान पटवारी को 2,000 रुपये की नकद राशि लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तारी होने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी को आगे की कार्रवाई के लिए सीधी सर्किट हाउस ले जाकर बंद कमरे में पूछताछ और जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया जारी रखी। सूत्रों के अनुसार, टीम अब मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों की भी जांच करेगी, जिससे रिश्वतखोरी की पुष्टि और जुड़े हुए अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

जेठ ने विधवा बहूसे विवाह का प्रस्ताव रखा,नहीं स्वीकार करने पर गुस्से में आया, तेजाब से किया हमला

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना की जानकारी आई है। यहां एक व्यक्ति ने एक विधवा महिला पर उसके मायके में घुसकर एसिड अटैक कर दिया। आरोप लगाने वाला कोई और नहीं बल्कि उस महिला का जेठ है। वह उससे विवाह करना चाहता था। जब महिला ने शादी के प्रस्ताव को अस्वीकार किया, तो वह नाराज हो गया। पुलिस ने देर रात आरोपी को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यह मामला कंपू थाना क्षेत्र के अवाड़पुरा इलाके में एक मुस्लिम बहुल बस्ती में घटित हुआ है। शुक्रवार की रात विधवा महिला को उसी के जेठ ने उसके घर में जाकर एसिड से हमला कर दिया। इस घटना के परिणामस्वरूप महिला गंभीर रूप से झुलस गई और उसे उपचार के लिए ज्यारोग्य अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती किया गया है।

आरोपी का नाम मुशीर खान बताया गया है। वह घटना के समय एसिड की बोतल लेकर आया था।
आरोपी जेठ अपनी बहू से विवाह करने का दबाव बना रहा था। जब महिला ने स्पष्ट रूप से शादी के लिए मना कर दिया, तब गुस्से में आकर आरोपी ने यह घिनौनी हरकत की। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में महिला का पूरा चेहरा, सीना, हाथ और पैर बुरी तरह से झुलस गए हैं। जब यह घटना हुई, तब महिला अपने घर में सब्जी काट रही थी। इसी दौरान हमलावर जेठ ने उस पर हमला कर दिया।


12 वर्ष पहले हुई थी शादी


पीड़िता की शादी 12 साल पहले पड़ोस में रहने वाले एक युवक से हुई थी। वह युवक शराब का आदी था और 9 महीने पहले बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद, पीड़िता अपने मायके में रहने लगी थी। उसके एक दस साल का बेटा और चार साल की एक बेटी है। आरोपी मुशीर खान की पत्नी का भी निधन हो चुका है। वह महिला से विवाह करना चाहता था, इसी कारण वह बच्चों से मिलने के बहाने महिला के मायके आता था।
आरोपी को गिरफ्तार किया गया


वहीं, पीड़िता ने अपने परिवार के साथ जाकर थाने में घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और देर रात उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

पानी मांगने के कारण एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया, आरोपी की खोज में सक्रिय है माढ़ोताल थाना की पुलिस।

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के माढ़ोताल थाना क्षेत्र में पानी की मांग को लेकर एक जानलेवा हमला हुआ है। घायल युवक को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गया, और पुलिस ने घायल युवक के परिवार की शिकायत पर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

माढ़ोताल थाने में अंकित पटेल, जो 21 वर्ष का है और ग्राम जुनवानी पनागर का निवासी है, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके बड़े भाई अमित पटेल ने ओरिया मटर मंडी के पास स्थित राम सहाय चौबे के खेत को सिकमी पर लिया है, जहां पंप चालू करने के लिए एक टपरा बनाया गया है। टपरे में खेत में काम करने वाला नौकर नरेश गोटिया और उसके पिता रहते हैं। घटना के दिन, लगभग 3 बजे, अंकित के बड़े चाचा का बेटा पवन पटेल अपने दोस्त नारायण जाटव के साथ खेत में आया था। पवन ने नरेश गोटिया के पिता राजकुमार गोटिया से पानी लाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद पवन ने नरेश से भी पानी लाने के लिए कहा, जिस पर नरेश ने भी इनकार कर दिया।


इस पर नरेश और पवन पटेल के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। नरेश गोटिया ने पवन पटेल को गाली देते हुए जान से मारने की इरादे से बका से वार किया, जिससे पवन के सिर, बाएं कान और बाएं हाथ में चोटें आईं। इसके बाद नरेश धमकी देते हुए भाग गया। घायल पवन पटेल को उपचार के लिए हेल्थ सिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है।


पुलिस ने कहा है कि घटना की जानकारी मिलने पर घायल पवन पटेल से यह पता चला कि पानी मांगने की वजह से उस पर जानलेवा हमला किया गया। घायल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 296(ए), 109(1), 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हत्या के मामले में सात साल से गायब चल रहे 10,000/- रुपये के इनाम पर वांछित अपराधी राजाराम तिवारी को बरही पुलिस ने मुंबई (महाराष्ट्र) से पकड़कर जेल भेज दिया है।

कटनी। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने जिले के सभी थाना अधिकारियों को फरार और इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए खास निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों का पालन करते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और एसडीओपी विजयराघवगढ़ वीरेन्द्र धार्वे के नेतृत्व में, थाना प्रभारी बरही निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह यादव के निर्देशन में बरही पुलिस टीम ने यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की।

04/07/2018 को थाना बरही में अपराध क्रमांक 329/2018, धारा 302, 147, 148, 149, 294, 323, 324, 506 भा.दं.वि. के अंतर्गत हत्या एवं अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस प्रकरण में छठा आरोपी, राजाराम तिवारी, पिता रामाधार तिवारी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरा थाना बरही,कटनी, घटना के बाद से फरार था। आरोपी लगातार पुलिस से बचता रहा और सात वर्षों से यथास्थान से दूर था। उस पर समय-समय पर पुरस्कार की घोषणा की गई, जो फिलहाल ₹10,000/- निर्धारित थी।

थाना बरही पुलिस द्वारा आरोपी की खोजबीन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे थे। तभी बरही पुलिस को विश्वसनीय सूचनाओं के माध्यम से यह जानने को मिला कि आरोपी मुंबई में अपनी पहचान छुपा कर काम कर रहा था। बरही पुलिस की टीम ने मुंबई पहुंचकर छापेमारी की और आरोपी राजाराम तिवारी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। आरोपी को आज अदालत में पेश कर जेल भेजा गया। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह यादव, थाना प्रभारी बरही, चौकी प्रभारी खितौली ऋषभ सिंह बघेल, आरक्षक अंकित बढ़गैया, दिलीप कोल, अजय साइबर सेल कटनी और सैनिक बृजेश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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