छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शुक्रवार की रात, संतोष आचार्य नामक व्यक्ति की प्रेमिका और पुरानी शत्रुता के कारण आठ लोगों ने निर्दयता की हत्या कर दी। पहले तो घर का आयरन का दरवाजा अनब्लॉक कर दिया गया और फिर संतोष को बाहर खींच लिया गया । इसके बाद उनकी पेंटिंग्स ने सड़कों पर नंगा खड़ा कर दिया और बारी-बारी से उनकी बुरी तरह की पिटाई की। फिर, उन्हें सदर बाजार ले बिल्डिंग इंडस्ट्रीज और पत्थरों से भी जोड़ा गया । चार महीने पहले उनकी पत्नी फ्रेंचाइजी चली गईं थीं। संतोष अध्यापक (47 वर्ष) दुर्ग के शीतला नगर में रहते थे । उनके साथ उनकी पत्नी रानी सोनी और तीन बेटियां भी थीं। लेकिन चार महीने पहले उनकी पत्नी रानी सोनी और बेटियाँ वार्ड नंबर 6 में अपनी बिकवाली कर गईं। पत्नी ने बताया कि हाल ही में उनके पति ने और अधिक शराब की दुकानें शुरू कर दी थीं । इसी वजह से उनका अक्सर बाहर के लोगों से झगड़ा होता था। इस कारण से वह अपनी बेटी के साथ चली गई। संतोष के खिलाफ एक दिन पहले ही मामला दर्ज हुआ था । 7 नवंबर को दुर्ग नागपुर में प्रथम सोनी (पिता: चैतराम सोनी) ने संतोष आचार्य के विरुद्ध प्राथमिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे वे गांधी चौक के पास राम मंदिर के निकट विश्वासपात्र थे , तभी आचार्य संतोष वहां आए और बिना किसी कारण के उनसे मुलाकात की । जब उन्होंने उन्हें गालियां देने से रोकने की कोशिश की, तो संतोष ने उनकी जान को खतरे में डाल दिया
और फिर उनके चेहरे पर लैपटॉप मारा गया। घटना के वक्त नितेश सोनी और मयंक सोनी भी वहां मौजूद थे.
इसके बाद शाम को फिर विवाद हो गया। दिन में संतोष और प्रथम के बीच फिर झगड़ा हुआ । रानी सोनी ने बताया कि शाम 4 बजे उनके पति ने उन्हें फोन किया और कहा कि कुछ लोग उन्हें चाकू लेकर मारने के लिए आ रहे हैं। रानी ने अपने पति को सलाह दी कि वे घर में रहें, क्योंकि पुलिस आई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाएगी। परन्तु रात को उन्हें न मालूम हुआ, कि उन लोगोंने अपने पति का पता लिया । घर का लोहे का दरवाजा बंद था, जिसमें गैस कटर से 15-20 लोगों ने अपने पति को बाहर खींच लिया। फिर उनके पति को नंगा करके पीटा गया और पूरे इलाके में घुमाया गया। इसके बाद उन्हें सदर बाजार में ले जाकर तब तक मारा गया जब तक उनकी जान नहीं निकल गई। उस समय उनकी पत्नी अपने घर में अकेली थीं । पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने चैतराम सोनी, मनीषी, दादू, शिव समेत 8 लोगों को पकड़ लिया है। बताया गया है कि घटना के बाद सभी बेघर बच्चे चले गए थे, जिनमें बाद में पुलिस ने थाने पर कब्जा कर लिया था । सभी से पूछताछ की जा रही है। पत्नी ने पति के खिलाफ कुछ दिन पहले शिकायत की थी। पत्नी रानी ने बताया कि उसके पति संतोष इन दिनों अधिक शराब का सेवन करने लगे थे, जिससे उनका अक्सर झगड़ा होने लगा था। उन्होंने तीन-चार दिन पहले पुलिस से मांग की थी कि उनके पति को गिरफ्तार किया जाए क्योंकि वह अत्यधिक शराब पीने लगे थे। उनकी लड़ाई अब सड़कों पर भी होने लगी थी, क्योंकि वह लोगों को ब्याज पर पैसे देते थे, लेकिन कोई भी पैसे वापस नहीं करता था।
रानी ने यह भी कहा कि वह हमेशा दूसरों की सहायता करते थे और धीरे-धीरे पैसे वसूलते थे। बार-बार झगड़े के कारण रानी ने पुलिस को तीन-चार बार यह कहा था कि उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया जाए। पुलिस की गाड़ी कई बार उनके घर आई, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।
रानी ने यह जानकारी भी दी कि उन्होंने पुलिस को बताया था कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो कोई न कोई उनकी हत्या कर देगा, लेकिन किसी ने इसकी अहमियत नहीं समझी। आज इसी वजह से उनकी हत्या कर दी गई है।
संतोष के पिता वेंकट ने बताया कि उनके तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। संतोष सबसे बड़ा बेटा है। उसने 25 साल पहले प्रेम विवाह करके परिवार से अलग कर लिया था।
जांच में लगे एएसपी सुखनंदन राठौर ने कहा कि शुक्रवार रात एक घटना घटी, जिसमें संतोष आचार्य नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। यह विवाद एक निजी रंजिश का परिणाम था, जिसमें 7-8 युवकों ने हमला किया था। उन्हें हाथों, मुक्कों और धारदार औजार से मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
एएसपी ने कहा कि घायल संतोष को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हत्या की शिकायत दर्ज किया गया है और जांच प्रगति पर है। इस समय पुलिस ने 8 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।
