विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन ने ‘बॉर्डर-2’ को टैक्स-फ्री करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

देशभक्ति से भरी फिल्म ‘बॉर्डर-2’ को मध्यप्रदेश में करमुक्त करने की मांग को लेकर विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन ने शुक्रवार को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) प्रमोद चतुर्वेदी को माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया कि ‘बॉर्डर-2’ जैसी एक राष्ट्रवादी फिल्म युवा पीढ़ी में देशप्रेम, बलिदान, त्याग और भारतीय सेना के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करती है। ऐसे प्रेरणादायक सिनेमा को अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इसे करमुक्त करना जनहित में जरूरी है। इस मौके पर फाउंडेशन के अध्यक्ष अर्जित खरे की अगुवाई में एडवोकेट राज दुबे, विपांशु पटेल, हर्ष चौधरी, दीपक, सुयंत गर्ग, ध्रुव बिचपुरिया, करण मिश्रा, एडवोकेट जया थापा, यश कोटवाल तथा अन्य सदस्य मौजूद थे। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर सरकार से अपील की कि इस राष्ट्रवादी फिल्म को करमुक्त कर आम लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी ने ज्ञापन को उचित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।

rithi news today उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लटके ताले… बिना इलाज लौट रहे मरीज

कटनी जिले के रीठी तहसील के अंतर्गत सरकारी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति तेजी से घटिया होती जा रही है। ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा देने के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ऐसी है कि तहसील से लेकर जिले तक के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अपनी आंखें बंद किए हुए हैं। चाहे व्यवस्था में सुधार हो या न हो, बस कागजों पर सब सही लगना चाहिए।स्वास्थ्य विभाग की इस गंभीर लापरवाही का एक ताजा उदाहरण रीठी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े बड़खेरा उप स्वास्थ्य केंद्र में देखा गया। चिकित्सा के लिए आई बुजुर्ग महिलाएं घंटों इंतजार करने के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो गईं, क्योंकि केंद्र पर हमेशा की तरह इस बार भी ताला लटका हुआ मिला।ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। इस उप स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर ताला लगा ही रहता है। इलाज मिलने की तो बात छोड़िए, यहां के कर्मचारी भी समय पर नहीं आते। बड़खेरा ही नहीं, क्षेत्र के अन्य कई उप स्वास्थ्य केंद्रों की भी यही स्थिति है—कहीं ताला, और कहीं सुविधाएं केवल नाम की ही होती हैं।सबसे आश्चर्य की बात यह है कि संबंधित अधिकारियों को इस अव्यवस्था से कोई अंतर नहीं पड़ता। मरीज तड़पते रहें, समस्याओं का सामना करें—उन्हें सिर्फ कागज पर डेटा पूरा चाहिए। वास्तविकता से उनका कोई लेना-देना नहीं है।ग्रामीणों में नाराजगीइस लापरवाह सिस्टम से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से कठोर कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में मिलनी चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थितियों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को सही समय पर सेवा मिल सके।

katni news today कुठला थाना क्षेत्र में जमीन को लेकर मारपीट, बड़े भाई के सिर पर फावड़े से वार

कुठला थाना क्षेत्र में एक जमीन के विवाद को लेकर मारपीट की एक घटना रिपोर्ट की गई है। वार्ड नंबर 5 चाका का निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को सूचित किया कि वह कृषि कार्य में संलग्न है। 19 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 9 बजे, वह अपने बड़े भाई वीरेंद्र सिंह के साथ अपने घर के निकट मिट्टी फैलाने का कार्य कर रहा था, तभी रघुवीर सिंह, खूब सिंह, बलराम सिंह और रामखिलावन सिंह वहां पहुंचे और जमीन के मुद्दे पर बहस शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने गालियाँ देनी शुरू कर दीं। जब उसने विरोध किया तो दीप सिंह भी मौके पर आ गए और दीप सिंह, बलराम सिंह तथा रामखिलावन सिंह ने शिकायतकर्ता पर हाथ और मुक्कों से हमला किया। इसी दौरान, रघुवीर सिंह और खूब सिंह ने फावड़ा छीनकर वीरेंद्र सिंह के सिर पर वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। बीच-बचाव के दौरान शिकायतकर्ता को भी फावड़े के हैंडल से दाहिने हाथ के अंगूठे में चोट आयी।
घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकियाँ देते हुए भाग गए। गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र सिंह को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर कुठला थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296(a), 115(2), 351(3), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

jabalpur news घायल 5वीं महिला ने भी दम तोड़ा

गत रविवार की दुपहर बरेला मार्ग पर हुए हिट एंड रन घटना में घायल पांचवी महिला ने भी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में अपनी जान गंवा दी। वही मंडला मार्ग में मृतकों के परिवार ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। शव का पोस्टमार्टम करने के बाद शवों को मंडला के बम्हौरी गांव के रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। इसी बीच पुलिस ने उस कार का पता लगा लिया जो हिट एंड रन की दर्दनाक घटना में शामिल थी, जो सिहोरा निवासी दीपक सोनी के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है।
इस घटना के संबंध में बरेला थाने के प्रभारी अनिल पटेल ने स्पष्ट किया कि रविवार को लगभग 12:45 बजे सिग्मा कान्हा कॉलोनी सालीवाड़ा में मंडला के बम्हौरी गांव से आए श्रमिक निर्माणाधीन सड़क पर रोड डिवाइडर पर जाली लगाने का कार्य कर रहे थे। दोपहर के भोजन के समय जब श्रमिक खाने में लगे थे, तभी तेज़ गति से आती कार, एमपी 20 एक्स बी 1460, ने उन पर वाहन चढ़ा दिया। इस दुर्घटना में 45 साल की श्रीमती चेनवती गौड़ और 40 साल की श्रीमती लच्छो बाई की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 45 साल की श्रीमती वर्षा कुशराम और 40 साल की श्रीमती गुमता बाई की इलाज के दौरान रात में और 40 वर्षीय श्रीमती कृष्णा बाई कडोपा की सोमवार की सुबह मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गई।
इन घायलों का चल रहा इलाज ………
हादसे में घायल हुए श्रीमती गीता बाई उइके (उम्र 40 वर्ष), श्रीमती मीरा बाई उइके (उम्र 45 वर्ष), श्रीमती राजकुमारी उइके (उम्र 35 वर्ष), श्रीमती जमुना बाई (उम्र 40 वर्ष), श्रीमती ज्ञानवती बाई मसराम (उम्र 41 वर्ष), छोटी बाई मसराम (उम्र 35 वर्ष), श्रीमती भागवती बाई उइके (उम्र 35 वर्ष), श्रीमती लक्ष्मी गौड़ (उम्र 40 वर्ष), श्रीमती प्रभावती मरावी (उम्र 30 वर्ष), श्रीमती अकलवती मरावी (उम्र 40 वर्ष) और श्रीमती लक्ष्मी बाई बरकड़े (उम्र 45 वर्ष) का मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है। मृतकों का पंचनामा तैयार करके शवों का पोस्टमार्टम किया गया और पुलिस ने शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कार के चालक के खिलाफ धारा 281, 125(ए), 125(बी), 105 बीएनएस और धारा 184, 134, 187, 177 मोटरयान अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

katni news today पीपीपी मॉडल वाले मेडिकल कॉलेज के विरोध में आज कटनी बंद की पहली तस्वीर आई सामने, कृषि कृषि उपज मंडी में दिखा सन्नाटा

पीपीपी मॉडल वाले मेडिकल कॉलेज के खिलाफ आज कटनी बंद की शुरूआत की पहली तस्वीर सामने आई, कृषि उत्पाद मंडी में शांति का माहौल देखा गया, व्यापारियों ने स्वेच्छा से कार्य रोक दिया।
कटनी। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा कटनी में मेडिकल कॉलेज के नाम पर किए गए धोखे के प्रतिरोध में आज कटनी बंद का आह्वान किया गया है। भाजपा सरकार ने मेडिकल कॉलेज का सपना दिखाकर कटनी की जनता से वोट लिए, लेकिन जब कॉलेज का समय आया तो पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज प्रस्तुत किया। कॉलेज के निजीकरण के कारण होने वाली समस्याओं के खिलाफ कटनी के जागरूक नागरिक और समाजसेवी एकत्रित होकर आंदोलन कर रहे हैं। कटनी बंद के आह्वान के बाद कृषि उपज मंडी कटनी से जो शुरुआती छवि सामने आई है, उसमें मंडी के व्यापारी बंद का समर्थन करते हुए नजर आ रहे हैं।
बंद का नेतृत्व कर रहे जागरूक और समाजसेवी व्यक्तियों ने जिले के निवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के भविष्य और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस बंद को सफल बनाने में अपना योगदान दें। एक दिन का बंद सरकार को इस निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए बाध्य कर सकता है। उन्होंने जिले के लोगों से आज 20 जनवरी को कटनी बंद रखने और विरोध जताने की अपील की है।

maihar news today पहाड़ी पर घूमने गई किशोरी से गैंगरेप, पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा

नवगठित जिले मैहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक नाबालिग छात्रा का उत्पीड़न किया है। 14 वर्षीय किशोरी जो घर से सब्जी लेने गई थी, के साथ पहाड़ी इलाके में सामूहिक बलात्कार की एक घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता के दो दोस्तों सहित तीन संदिग्धों को पकड़ लिया है, और दो अन्य आरोपियों की खोज जारी है। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता शनिवार की शाम अपने घर से सब्जी खरीदने के लिए निकली थी। रास्ते में उसे दो परिचित मित्र मिले, जिन्होंने उसे बाइक पर बैठाकर पास की पहाड़ी पर ले जाने का निर्णय लिया। मंदिर के आसपास कुछ समय बिताने के बाद, जब वे सभी लौट रहे थे, तभी रास्ते में तीन अनजान बदमाशों ने एक बाइक पर उनकी राह रोक ली। पुलिस की जानकारी के अनुसार, पीड़िता शनिवार की शाम के समय सब्जी खरीदने निकली थी। यात्रा के दौरान, उसे दो जानने वाले दोस्त मिले, जिन्होंने उसे बाइक पर लेकर समीपवर्ती पहाड़ी की ओर जाने का प्रस्ताव दिया। मंदिर के पास थोड़ी देर रुकने के बाद, जब तीनों वापस लौटने लगे, तब एक बाइक पर तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनका रास्ता अवरुद्ध कर दिया। पीड़िता के साथ गए उसके दो मित्र और एक अन्य आरोपी समेत कुल तीन लोग अभी पुलिस की हिरासत में हैं। घटना में शामिल अन्य दो मुख्य आरोपियों की खोज में पुलिस की टीमें लगातार छापे मार रही हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा और मामले में उपयुक्त कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह घटना समाज में बढ़ती असुरक्षा की भावना और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है।

katni ki news today दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौत

कटनी नगर में बीती रात एक गंभीर सड़क हादसे ने समूचे क्षेत्र को दुख में डाल दिया। मिशन चौक ओवरब्रिज के नजदीक बरगवां क्षेत्र में तेज़ रफ्तार में चल रही एक गाड़ी ने बाइक पर बैठे युवक को जोरदार टक्कर दे दी। घटना रात लगभग 11:30 बजे के आसपास की बताई जा रही है।
इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक को गंभीर चोटें आईं। टक्कर इतनी शक्तिशाली थी कि बाइक पूरी तरह से नष्ट हो गई और युवक के सिर पर गंभीर चोटों का असर हुआ। स्थानीय निवासियों ने सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल युवक को फौरन एंबुलेंस द्वारा कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल की पहचान पुरानी बस्ती के निवासी और कृष्णा ज्वेलर्स के मालिक प्रदीप कुमार सोनी के बेटे भानु सोनी के रूप में हुई। जब उसकी हालत अस्पताल में गंभीर हो गई, तो चिकित्सकों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया, जहां इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे युवक ने अपनी जान गंवा दी।
युवक की मौत के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। जैसे ही घटना की जानकारी परिवार वालों और जानने वालों को मिली, वे अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल बहुत दुखदायी हो गया।
सराफा बाजार में शोक की छाया, आज प्रतिष्ठान बंद
भानु सोनी के मौत की सूचना फैलते ही पुरानी बस्ती और सराफा बाजार में शोक का माहौल बनने लगा। सुबह कई सराफा कारोबारी उनके घर पहुंचकर परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने लगे। इस दुखद घटना के बाद, सराफा बाजार ने आज पूरी तरह बंद रहने का निर्णय लिया है।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की है और दुर्घटना में शामिल गाड़ी की खोज प्रारंभ कर दी है।

jabalpur news तेज रफ्तार का कहर, भोजनावकाश में बैठे मजदूरों को कार ने रौंदा, पांच की मौत, 7 घायल, बरेला मार्ग पर दिल दहला देने वाली दुर्घटना, देर रात तीन और महिलाओं ने तोड़ा दम

जबलपुर के बरेला मार्ग पर रविवार को दोपहर में हुई गंभीर सड़क दुर्घटना में मृतकों की संख्या चार हो गई है। तेज गति में चलती एक कार ने सड़क किनारे भोजन कर रहे श्रमिकों को कुचल दिया। प्रारंभ में दो महिला श्रमिकों ने घटनास्थल पर ही अपनी जान गंवा दी, जबकि गंभीर चोटें आई दो अन्य महिलाओं ने रात में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के कारण अब भी 10 श्रमिक अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर है। मृतकों की पहचान मंडला जिले के बीजाडांडी क्षेत्र के ग्राम बिहारिया की चैनवती बाई (35), लच्छो बाई (38), गोमती बाई (40) और वर्षा बाई (39), कृष्णा बाई (41) के रूप में हुई है। ये सभी महिलाएं पिछले लगभग एक महीने से जबलपुर में काम कर रही थीं। इस हादसे ने पांच परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक पर 20 से अधिक श्रमिक रोड डिवाइडर की ग्रिल की सफाई कर रहे थे। रविवार दोपहर लगभग दो बजे, जब श्रमिक भोजन करने के लिए सड़क किनारे बैठे थे, तभी एक सफेद कार तेज गति से वहां आई। चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और कार मजदूरों को सीधे रौंदते हुए आगे बढ़ गई। कुछ क्षणों में, एक खुशहाल माहौल शोक में बदल गया। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कई श्रमिक दूर जा गिरे।

jabalpur news today जबलपुर में बस ने बाइक-ऑटो को मारी टक्कर एक की मौत महिला समेत 6 घायल

जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र के सुरतलाई एरिया में एक तेज गति से चलने वाली बस ने विपरीत दिशा में जाकर एक मोटरसाइकिल और एक ऑटो को टक्कर दे दी। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक महिला समेत ऑटो में सवार कुल 6 लोग घायल हो गए।
घटना का CCTV वीडियो भी जारी हुआ है, जिसमें बस को गलत दिशा से आते हुए मोटरसाइकिल और ऑटो को टकराते हुए देखा जा सकता है। माढ़ोताल थाना के प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार ने बताया कि यह दुर्घटना बस चालक की लापरवाही के कारण हुई है। शनिवार को यह बस जबलपुर से सागर की ओर जा रही थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल भेजा। पुलिस ने बस के ड्राइवर हरदेव सिंह, जो सागर का निवासी है, के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बस को भी जब्त कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
इस हादसे में शामिल बस सागर स्थित राधा ट्रैवल्स की बताई जा रही है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP 15 ZF 3254 है। शनिवार शाम को यह बस यात्रियों को लेकर सागर के लिए रवाना हुई थी।
जैसे ही बस सुरतलाई के पड़वार मोड़ पर पहुंची, उसने भेड़ाघाट के जहाजपुर के निवासी मोटरसाइकिल चालक अनिकेत चराड़ को टक्कर मार दी और फिर एक ऑटो में घुस गई। बस और ऑटो के बीच फंसे रहने के कारण मोटरसाइकिल सवार काफी दूर तक घिसटता चला गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं, जो अंततः उसकी मृत्यु का कारण बनीं।

umaria news अवैध शराब के जहरीले अवशेष खाने से 5 गायों की मौत, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में अवैध शराब निर्माण के बाद फेंके गए दूषित अवशेषों के सेवन से पांच गायों की दुखद मृत्यु हुई। इस घटना ने प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि कुछ दिनों पहले पास के गांव में महिलाओं ने शराबबंदी के समर्थन में प्रदर्शन किया था।
उमरिया जिले में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है, जहां अवैध शराब के व्यापारियों द्वारा फेंके गए विषैले अवशेषों के खाने से पांच गायों की जान गई। यह घटना चंदिया थाना क्षेत्र के बिलासपुर गांव में हुई। इस मामले ने सरकार की गौ-संरक्षण नीतियों पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है, इसके साथ आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की गतिविधियों को भी कठघरे में ला खड़ा किया है।
इस घटना की गंभीरता उस समय और बढ़ जाती है जब कुछ समय पहले पास के कोइलारी गांव में महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया था। उस विरोध की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब इन निर्दोष जानवरों को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है।
सूचनाओं के अनुसार, बिलासपुर गांव के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कच्ची शराब बनाई जा रही है। शराब के निर्माण के बाद जो जहरीला पदार्थ (महुआ लहान) बचता है, उसे खुले में फेंक दिया जाता है। गांव में चरने वाली गायों ने उसे खा लिया, जिसके परिणामस्वरूप एक-एक करके पांच गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि ये गायें लंबे समय से इसी क्षेत्र में घूम रही थीं।घटना के पश्चात ग्रामीणों में गहरा आक्रोश उत्पन्न हुआ है। उनका कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग के सहयोग से यह अवैध व्यापर चल रहा है। लोगों ने यह प्रश्न उठाया है कि जब शराब की भट्टियां खुलकर संचालित हो रही हैं, तो प्रशासन कैसे अनजान बना हुआ है? इस घटना के बाद अब तक कोई ठोस कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं की गई है और न ही कोई आरोपी पकड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और अधिक बढ़ गई है। एक ओर सरकार गाय को ‘गौ माता’ का दर्जा देते हुए उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी मृत्यु पर इस प्रकार की खामोशी चिंतित करने वाली है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध शराब निर्माताओं के खिलाफ जल्दी से FIR दर्ज की जाए और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। वे यह भी चाहते हैं कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ पुनः न हों। यह मामला सिर्फ पांच गायों की मौत का ही नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है, जिसका उत्तर प्रशासन को प्रदान करना होगा।

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