बड़वारा 5 वर्षों से भुगतान के इंतजार में, संकट में स्व-सहायता समूह की नर्सरी

बड़वारा जनपद: 5 वर्षों से भुगतान के इंतजार में, संकट में स्व-सहायता समूह की नर्सरी
बड़वारा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी दावे जनपद पंचायत बड़वारा जिला कटनी में बेकार साबित हो रहे हैं। यहां ‘दुर्गा स्व-सहायता समूह’ की सदस्याएं पिछले पांच साल से अपनी मेहनत का भुगतान पाने के लिए सरकारी दफ्तरों में लगातार घूम रही हैं, चक्कर लगा रही है। लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं आया है।

अधिकारियों की लापहरवाही
स्व-सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत के ऊपर भरी बड़ा जनपद पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही।
साल 2020 में उत्साहपूर्वक दुर्गा स्व-सहायता समूह को नर्सरी के संचालन का कार्य सौंपा गया था। महिलाओं ने पूरी मेहनत से पौधों की तैयारी की। इन पौधों का वितरण मनरेगा के माध्यम से जिले के अलग-अलग पंचायतों में किया गया, लेकिन काम खत्म होने के बाद विभाग ने अपने किए गए वादे को भुला दिया। और अपनी बातो से मुकर गए।

भुगतान
अस्वीकृत भुगतान: 5 साल गुजर जाने के बावजूद पौधों की बिक्री और मेहनत की रकम समूह को नहीं मिली। जो लगत लगाई गई वह भी बसूला नहीं हुई। समूह की महिलाएं तो बर्बाद हो जाएगी।

नर्सरी हुई बंद:
आर्थिक समस्याओं के चलते एक सफल नर्सरी अब वीरान हो चुकी है। पेड़ पूरी तरह से सुख गए ।

सीएम हेल्पलाइन द्वारा सहायता: महिलाओं ने निराश होकर 181 (शिकायत संख्या 37345594) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है,पर अधिकारियों की मिली भगत होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुई। न ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कोई जब्बा मिला।

अधिकारियों पर मनमानी और पक्षपात का आरोप

समूह की महिलाओं का सीधा आरोप बड़वारा में कार्यरत प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह बघेल पर है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। और हमेशा कार्यालय के चक्कर काटने पर मजबूर किया। कुछ खास समूहों को लाभ दिया गया।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं का कहना

“हमने इस नर्सरी को अपने सपनों के साथ शुरू किया था ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे सपने को चूर-चूर कर दिया। आज हम पूरी तरह से टूट चुके हैं। अपना समय और पैसा दोनों ही हमने लगता दिया । पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ। कुछ खास समूहों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और हमें अनदेखा किया जा रहा है।” — अध्यक्ष/सचिव, दुर्गा स्व-सहायता समूह

प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल
एक ओर सरकार ‘महिला सशक्तिकरण’ का संदेश देती है, दूसरी ओर एक ही स्थान पर कई सालों से बैठे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिन पर महिलाओं का उत्पीड़न किया जाता है। और शासन प्रशासन के लोग महिलाओं के हितों को मर रहे हैं। आखिर क्यों एक गरीब स्व-सहायता समूह की फाइल 5 वर्षों तक दबाई रही? समूह ने कुछ पाया नहीं बस अपना सब कुछ खोती रही क्या प्रशासन इन महिलाओं को न्याय दिलाने में सक्षम होगा या उनका हक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा? इस तरह के भ्रष्टाचार को आखिर कब तक लोगों की उम्मीदों से खेलते रहेगा। स्व-सहायता समूह की महिलाओं मांग है कि जल्द से जल्द ठोस कारवाही की जाए। जाने रोज और कितने भ्रष्टाचार बड़वारा जनपद पंचायत के अधिकारियों के द्वारा किए जाते होगे। सच सबके सामने आना चाहिए

नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नक़ल करने वाले छात्र हुए pass

प्रभारी प्राचार्य की संलिप्तता से बहोरीबंद उत्कृष्ट विद्यालय में छात्रों को नकल कराने का मामला, शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है।
कटनी
(ईएमएस) शासकीय नवोदय आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नकल की घटना काफी समय से सुर्खियों में है। परीक्षा के परिणाम आने के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद में केंद्रीय नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान, प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राय ने परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के साथ मिलकर कुछ छात्रों को नकल करने की अनुमति दी थी। इसके बाद एक सामान्य अभिभावक ने 19 दिसंबर 2025 को अपनी पहचान गुप्त रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री, नवोदय विद्यालय समिति और जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी थी।19 जनवरी 2026 को नवोदय विद्यालय समिति भोपाल ने नकल के गंभीर मामलों की जांच के लिए नवोदय विद्यालय बड़वारा को निर्देश दिए थे। 22 जनवरी 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कटनी ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोज गर्ग और बीआरसी प्रशांत मिश्रा को नोटिस भेजा, जिसमें कहा गया कि नवोदय विद्यालय जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में नकल की घटना गंभीर है और तीन दिन के भीतर विभाग को जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था।
परिणाम
के बाद शिक्षक के करीबी सभी छात्र उत्तीर्ण हुए–
17 मार्च 2026 को नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। महावीर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बहोरीबंद में जिन छात्रों को नकल कराई गई, उनमें से एक छात्रा के अलावा सभी उत्तीर्ण हो गए हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान कुछ शिक्षकों के परिवार या रिश्तेदारों को नकल कराने का लाभ मिला था, और जिन छात्रों के नाम उजागर हुए हैं, वह नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए योग्य बताये जा रहे हैं।
आम
अभिभावक ने शिकायत दर्ज कर विद्यालय की पोल खोली–

महावीर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बहोरीबंद में आयोजित परीक्षा के दौरान जिन छात्रों को अनुचित लाभ देकर नक़ल कराई गई थी, उनमें छात्रा देविका सैनी, हेमांग रजक,(शिक्षक ललित रजक का भतीजा) पारुल नायक, (शिक्षक प्रदीप नायक की पुत्री), आराध्या नायक(शिक्षक अरविन्द नायक की पुत्री),संतीक्षा नायक(शिक्षक उमेश नायक की पुत्री),पारुल नायक (शिक्षक प्रदीप नायक की पुत्री) सहित एक अन्य छात्र की शिकायत नामजद की गई थी। यह भी आरोप थे कि उक्त छात्रों को परीक्षा के समय परीक्षा इयूटी में लगे कुछ शिक्षकों ललित रजक, प्रदीप नायक एवं दो अन्य शिक्षकों द्वारा प्राचार्य की मिलीभगत से उक्त गंभीर एवं बेहद निंदनीय कार्यों को अंजाम दिया गया जो परिणाम आने के बाद परीक्षा ड्यूटी के दौरान शिक्षकों पर लगाये गए आरोप सच साबित हो गए है।

आम
अभिभावकों में आक्रोश उत्पन्न हुआ–
महावीर
उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक महेंद्र राय के प्रति अभिभावकों का गुस्सा परिणामों के प्रकाश में बढ़ गया है। अभिभावकों का आरोप है कि प्रधान ने अपने पद की गरिमा को धूमिल किया है, जो नैतिक शिक्षा के विपरीत गंभीर गलत कार्यों में शामिल है। शिक्षण में धांधली, अनैतिक व्यवहार और पेशेवर लापरवाही से शिक्षा प्रणाली के खिलाफ गंभीर अपराध हुआ है।

इनका कहना है- मनोज गर्ग- बीईओ,बहोरीबंद। नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नक़ल कराने के मामले की जाँच नवोदय विद्यालय समिति ने स्वयं किया है।

15 करोड़ की लागत से बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट अब तक शुरू नहीं, मरीजों को नहीं मिल रही बेहतर सुविधा

कटनी. दो वर्ष से चल रहा निर्माण, अब भी 2-3 माह का इंतजार, लापरवाही और धीमी प्रगति पर उठ रहे सवाल
कटनी.
जिले के अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से सजी क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य पिछले दो वर्षों से चल रहा है, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट से क्षेत्र के मरीजों को बेहतर आपात चिकित्सा सेवा मिलने की आशा थी, जो अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यूनिट के चालू होने में अगले 2 से 3 महीने लग सकते हैं।
इस
क्रिटिकल केयर यूनिट में आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, यहाँ आइसोलेशन वार्ड और आर्थो (हड्डी रोग) वार्ड भी तैयार किए जा रहे हैं। भवन के पहले तल पर 26 बेड की क्षमता वाला वार्ड बनाया जा रहा है, जबकि दूसरे तल पर दो आधुनिक ऑपरेशन थियेटर और 16 बेड का आईसीयू स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, डायलिसिस हेतु 2 बेड की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। एक अन्य तल पर 16 बेड का एक और आईसीयू भी बनाने का प्रस्ताव है, जिससे गंभीर मरीजों की देखभाल की क्षमता में सुधार होगा।

सुविधाएं
हो रहीं प्रभावित
हालांकि,
निर्माण की धीमी गति के कारण मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में गंभीर मरीजों को सीमित संसाधनों में उपचारित किया जा रहा है, जिसके कारण कई बार उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों में रेफर होना पड़ता है। स्थानीय जनता और मरीजों के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निर्माण कार्य की नियमित और प्रभावी निगरानी नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। यदि समय पर कार्य पूरा होता, तो जिले को अब तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल चुकी होती। अब देखना होगा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना को कितनी जल्दी पूरा कर पाते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

बड़वारा के 15 स्कूलों में 75 लाख का खेल! नियमों को ताक पर रखकर भोपाल के ठेकेदार को सौंपा मरम्मत का काम

बिना किसी टेंडर या कोटेशन के दिए गए कार्य, अधूरे प्रोजेक्ट के बावजूद भुगतान की योजना, बीइओ कार्यालय द्वारा चल रही प्रक्रिया और जिम्मेदार लोगों की चुप्पी पर उठी चिंताएँ। बड़वारा विकासखंड में स्थित 15 सरकारी विद्यालयों में निर्माण और सुधार कार्यों से संबंधित गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। हाल के वर्षों में बने विद्यालय भवन, जिनकी आयु 20 वर्ष से अधिक है, के लिए हर स्कूल को 5 लाख रुपये की राशि मरम्मत, पेंटिंग और शेड निर्माण हेतु मंजूर की गई है, लेकिन इस राशि के इस्तेमाल में नियमों का उलंघन हो रहा है। फिर भी, मरम्मत के लिए धन मिलने से विद्यालय प्रशासन उत्साहित है कि इससे विद्यार्थियों की सुविधाएँ बढ़ेंगी।

सूत्रों
से मिली जानकारी के अनुसार, बिना किसी टेंडर या कोटेशन प्रक्रिया के, भोपाल के एक ठेकेदार को एक जनप्रतिनिधि के दबाव में सीधे काम आवंटित किया गया। ठेकेदार ने एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में कार्य की शुरुआत तो की, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कार्य अधूरा ही रह गया है। इसके बावजूद, मार्च में बजट को शेष रखने के नाम पर बिना पूरे कार्य के ही भुगतान करने की तैयारी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि प्राचार्यों से उपयोगिता और पूर्णता प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं, जबकि कार्य स्थल पर वास्तव में काम अधूरा है। पूरा कार्य बड़वारा बीईओ कार्यालय के माध्यम से संचालित हो रहा है, जहां धन सीधे भोपाल मुख्यालय में पहुंचता है और वहीं से मनमाने तरीके से खर्च किया जा रहा है। इस सभी घटनाक्रम में जिला मुख्यालय स्तर पर कोई निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

इन स्कूलों के लिए आई है राशि

जानकारी के अनुसार बड़वारा विकासखंड के 15 स्कूलों के राशि आई है इनमें गुणाकलां, बिजौरी, निगहरा, राहनियां, खरहटा, पठरा, भजिया, बसाड़ी, गणेशपुर, भदौरा नंबर एक, लुहरवारा, विलायतकला, ठुठिया सलैया, नन्हवारा सेझा, मझगवां स्कूल शामिल है।

Petrol Diesel Price Today : आज तय होगी पेट्रोल-डीजल की कीमत, आम आदमी को राहत या महंगाई का नया झटका

Petrol Diesel Rate Today दिन का आरंभ धूप के साथ नया पेट्रोल और डीज़ल मूल्य तय होने के साथ होता है, जिसका सीधा प्रभाव आम लोगों के वित्त पर पड़ता है। सुबह 6 बजे, राष्ट्रीय तेल कंपनियाँ नए मूल्यों की घोषणा करती हैं। ये मूल्य अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर आधारित होते हैं। ये परिवर्तन सभी की दिनचर्या पर असर डालते हैं। इसलिए, कीमतें देखना सिर्फ आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक समझदारी भरा चुनाव भी है। UAE ने फरवरी 2026 के लिए ईंधन की कीमतें जारी की हैं, जिसमें सभी श्रेणियों के पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्शाई गई है। आइए आज 10 फरवरी 2026 के नवीनतम मूल्यों पर नज़र डालते हैं।
अपने शहर में पेट्रोल और डीज़ल की नवीनतम दरें जानें
दिल्ली में

आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 94.77 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 87.67 रुपये है।

मुंबई में

आज पेट्रोल का दाम प्रति लीटर 103.54 रुपये है।

आज डीजल का दाम प्रति लीटर 90.03 रुपये है।

कोलकाता में

आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 105.45 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 92.02 रुपये है।

चेन्नई में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 100.84 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 92.39 रुपये है।

अहमदाबाद में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 94.68 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 90.35 रुपये है।

बैंगलोर में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 102.92 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 90.99 रुपये है।

हैदराबाद में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 107.50 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 95.70 रुपये है।

जयपुर में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 104.91 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 90.38 रुपये है।

लखनऊ में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 94.69 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 87.81 रुपये है।

पुणे में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 103.87 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 90.40 रुपये है।

इंदौर में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 106.81 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 92.18 रुपये है।

पटना में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 105.41 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 91.66 रुपये है।

सूरत में

आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 94.69 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 90.38 रुपये है।

नासिक में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 104.50 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 91.02 रुपये है।

latest katni news जनसंतुष्टि के आधार पर थानों की रैंकिंग जारी, कोतवाली थाना अव्वल, सेकंड पोजीशन माधव नगर थाने की

कटनी। कटनी के पुलिस प्रमुख कलाकार ने जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने और गोलियों की बौछार में स्पष्टता के लिए एक नया विचार प्रस्तुत किया है। जनवरी 2026 के आंकड़ों पर आधारित जिलों में ज्वालामुखी की ‘जनसंतुष्टिक रैंकिंग’ प्रकाशित की गई है, जिसमें जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। इस तंत्र में डेटा एकत्र करने के लिए ट्राई फिमिलैमिक तंत्र पुलिस अधीक्षक की ओर से शुरू की गई है ।​​​​ ​एकांत में आने वाले डायलॉग्स का फ़्रॉम थ्री पार्ट लिया गया। इसमें शामिल हैं ‘ क्रॉस – कॉलिंग ‘ ।​​​​ जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, नासिक जिले में 98.30% जनसंतृप्ति सबसे शीर्ष पर है। जबकि, माधवनगर थाना ने 213 रिज़ॉर्ट जिले में ( सबसे अधिक ) 98.10% का उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। उमरियापान थाना 93.29% संतोष की दर के साथ तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ, कुछ नाटकों का प्रदर्शन पात्रों के अनुसार कम हो रहा है। अजाक थाना (83.33%), स्लिमनाबाद (84.12%) और बरही (84.41%) रैंकिंग में पीछे रह गये । कम रैंकिंग वाले निबंधों में सुधार के संकेत कलाकारों ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानेदारों और उनके सहयोगियों के निदेशकों और उन्हें पुरस्कृत किया । इसके साथ ही, निम्नलिखित सूची वाले क्लिप्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रवेश और व्यवहार में हैं

अच्छा सुधार ताकि नागरिक स्टेशनों से रेस्तरां लौट सकें। इसका पहला मकसद पुलिस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील, जिम्मेदार और जनता के प्रति समर्पित बनाना है।

katni news today जिला बदर के आरोपी को कुठला पुलिस ने कटनी सहित सीमावर्ती जिलों के बाहर किया निष्कासित

कटनी। पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा ने समाज में भय रहित और निर्बाध जीवन जीने का माहौल बनाए रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इस क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया के नेतृत्व में कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र मिश्रा और उनकी टीम ने एक जिला बदर आरोपी को जिले से बाहर भेजने की कार्रवाई की।

कुठला थाना प्रभारी राजेन्द्र मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 फरवरी को कुठला पुलिस ने आदतन अपराधी मोनू उर्फ मनीष निषाद, जो पुरैनी थाना कुठला का निवासी है, को कटनी जिले और आस-पास के जिलों से निष्कासित किया। जिला दंडाधिकारी महोदय कटनी द्वारा उसे कटनी, दमोह, उमरिया, पन्ना, और मैहर की सीमा से बाहर जाने का आदेश दिया गया था, जिसके तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 वर्षीय मोनू उर्फ मनीष निषाद, पिता चंद्रभान निषाद, को जिला बदर आदेश का पालन करते हुए उपरोक्त जिलों की सीमाओं से बाहर निकाल दिया।

इस आरोपी के खिलाफ पहले से ही मारपीट, अवैध शराब के व्यापार और अन्य आपराधिक आरोपों के लिए मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा था, इसी के चलते जिला दंडाधिकारी महोदय कटनी ने उसे 5 महीने के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया। इस आदेश के अनुपालन में, कुठला पुलिस ने आरोपी को उचित प्रक्रिया के तहत उचेहरा जिला सतना छोड़ने का आदेश दिया और उसे यह बताया गया कि उसे निर्दिष्ट अवधि के दौरान निषिद्ध सीमा में प्रवेश नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई है। थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

katni news today प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सम्मति व नवीनीकरण के बिना संचालित 10 उद्योगों को बंद करने के दिये गये निर्देश कलेक्‍टर आशीष तिवारी के निर्देश पर हुई कार्यवाही

पर्यावरण नियमों का पालन न करने वाले औद्योगिक संगठनों और कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कटनी द्वारा जिले में बिना अनुमति और नवीनीकरण के चल रहे 10 उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारी श्री सुधांशु तिवारी ने जानकारी दी कि मेसर्स विनय लाइम इंडस्ट्री पठरा झुकेही, मेसर्स परोहा स्टोन लाइम कंपनी झुकेही, मेसर्स शिवांश इंडस्ट्री (जिसका पुराना नाम रुद्राक्ष लाइम इंडस्ट्री पडखुरी है), मेसर्स शंकरलाल सतेंद्र कुमार जैन मझगवां, मेसर्स इस.बी.एस. रिफ्रैक्ट्री भरौली, मेसर्स चंदन सेरामिक लिग़री, मेसर्स चंदन मिनरल्स एंड रिफ्रैक्ट्री लखापतेरी, मेसर्स बालाजी ट्रेडर्स भरौली, मेसर्स बी.टी. मिनरल्स बड़ागाँव, और मेसर्स ड्राई टेक प्रोडक्ट पठरा को औद्योगिक प्रक्रियाएं बंद करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ये सभी इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति और नवीनीकरण के बिना संचालित हो रही थीं। नियमों के अनुसार, हर उद्योग को उत्पादन करने के लिए बोर्ड से वायु अधिनियम 1981 और जल अधिनियम 1974 के अंतर्गत अनुमति प्राप्त करना तथा उस अनुमति का अद्यतन नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इन सभी उद्योगों ने पर्यावरणीय कानूनों के तहत आवश्यक और प्रभावी वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली लागू नहीं की थी। इसके परिणामस्वरूप आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा था। यह पर्यावरणीय कानूनों में उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन था। इस आधार पर दोषी पाए गए मामलों की जानकारी के अनुसार जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 33 ‘क’ और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31 ‘क’ के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए इन 10 इकाइयों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री को इन सभी कंपनियों के विद्युत कनेक्शन को काटने और खनिज एवं उद्योग विभाग को इन फर्मों के सभी सरकारी लाभ को समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

katni news today चाकूबाजी करने वाले दो बदमाशों को कुठला पुलिस ने किया गिरफ्तार

कुचला पुलिस ने थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के निर्देशन में 5 फरवरी को पुरैनी में चाकूबाजी करने वाले दो आरोपियों को पकड़कर उन्हें जेल भेजने में सफलता हासिल की है। जानकारी साझा करते हुए थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्र ने बताया कि 21 वर्षीय मोहित पटेल, जो हीरापुर कौड़िया का निवासी है, ने 24 जनवरी को थाने पहुंचकर शिकायत दी थी कि वह सौरभ शुक्ला और आशीष पटेल के साथ एक मोटरसाइकिल से बस स्टैंड से पुरैनी की ओर जा रहा था। इंडिया होटल के पास बजरंगबली मंदिर के समीप ओम रजक और अंकित रजक ने लापरवाही से उन्हें टक्कर मारी। जब मोहित ने समझाने की कोशिश की, दोनों ने विवाद शुरू कर दिया और धक्का-मुक्की की। रात लगभग साढ़े 9 बजे जगन्नाथ मैरिज गार्डन के नजदीक ओम रजक और अंकित रजक ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और उसके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। इस बीच ओम रजक ने आशीष पटेल को जान से मारने की कोशिश करते हुए चाकू से पेट पर वार किया, जिससे आशीष पटेल को दाहिनी तरफ पसली के नीचे चोट आई और खून बहने लगा। बचाव करते समय आरोपी वहां से भाग गए। घटना के बाद आशीष पटेल को अधिक रक्तस्राव के चलते जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। गिरफ्तार किए गए आरोपी अंकित रजक उर्फ अनिकेत, उम्र 18 वर्ष, पिता पीताम्बर उर्फ बुईया रजक और ओम रजक, उम्र 20 वर्ष, पिता पीताम्बर उर्फ बुईया रजक, दोनों इंडिया होटल के पीछे थाना कोतवाली कटनी के निवासी हैं। यह सारी कार्रवाई निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र की देखरेख में की गई, जिसमें प्रधान आरक्षक राहुल मिश्रा, सुनील पाण्डेय और अन्य कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।

katni news शास्त्री कॉलोनी में कार की टक्कर से दो युवक घायल

कोतवाली थाना सीमा के तहत शहर के शास्त्री कॉलोनी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर दो युवकों को कपड़े की फेरी लगाने के दौरान एक तेज गति से चल रही कार ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों को चोटें आईं। दोनों घायलों को इलाज के लिए जबलपुर भेजा गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, गांव खजरी बायपास के निवासी वीरू कुछवंधिया (47) कपड़े की फेरी का व्यवसाय करते हैं। वे 5 फरवरी को अपने बेटे वीरेन्द्र कुछवंधिया, साथी शेख मोहम्मद और उसके बेटे मोहम्मद हसन के साथ लोडिंग ऑटो से कटनी में फेरी लगाने आए थे।

करीब 1:20 बजे सभी लोग शास्त्री कॉलोनी क्षेत्र में खड़े होकर फेरी के दौरान आवाज लगा रहे थे, तभी कटनी शहर की दिशा से आ रही कार (जिसका नंबर MP 20 TA 2278 है) के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए वीरेन्द्र और मोहम्मद हसन को टक्कर दे दी।

इस घटना में दोनों युवकों के हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल युवकों को शेख मोहम्मद के साथ एक निजी वाहन द्वारा इलाज के लिए जबलपुर भेजा गया, जबकि वीरू कुछवंधिया ने थाने जाकर घटना की रिपोर्ट लिखवाई और कार्रवाई की मांग की।

कोतवाली पुलिस द्वारा अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा BNS 125(a), BNS -291 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

error: Content is protected !!