पर्यावरण नियमों का पालन न करने वाले औद्योगिक संगठनों और कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कटनी द्वारा जिले में बिना अनुमति और नवीनीकरण के चल रहे 10 उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारी श्री सुधांशु तिवारी ने जानकारी दी कि मेसर्स विनय लाइम इंडस्ट्री पठरा झुकेही, मेसर्स परोहा स्टोन लाइम कंपनी झुकेही, मेसर्स शिवांश इंडस्ट्री (जिसका पुराना नाम रुद्राक्ष लाइम इंडस्ट्री पडखुरी है), मेसर्स शंकरलाल सतेंद्र कुमार जैन मझगवां, मेसर्स इस.बी.एस. रिफ्रैक्ट्री भरौली, मेसर्स चंदन सेरामिक लिग़री, मेसर्स चंदन मिनरल्स एंड रिफ्रैक्ट्री लखापतेरी, मेसर्स बालाजी ट्रेडर्स भरौली, मेसर्स बी.टी. मिनरल्स बड़ागाँव, और मेसर्स ड्राई टेक प्रोडक्ट पठरा को औद्योगिक प्रक्रियाएं बंद करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ये सभी इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति और नवीनीकरण के बिना संचालित हो रही थीं। नियमों के अनुसार, हर उद्योग को उत्पादन करने के लिए बोर्ड से वायु अधिनियम 1981 और जल अधिनियम 1974 के अंतर्गत अनुमति प्राप्त करना तथा उस अनुमति का अद्यतन नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इन सभी उद्योगों ने पर्यावरणीय कानूनों के तहत आवश्यक और प्रभावी वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली लागू नहीं की थी। इसके परिणामस्वरूप आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा था। यह पर्यावरणीय कानूनों में उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन था। इस आधार पर दोषी पाए गए मामलों की जानकारी के अनुसार जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 33 ‘क’ और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31 ‘क’ के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए इन 10 इकाइयों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री को इन सभी कंपनियों के विद्युत कनेक्शन को काटने और खनिज एवं उद्योग विभाग को इन फर्मों के सभी सरकारी लाभ को समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
