उज्जैन में ठगों ने बुजुर्ग महिला को पुलिसकर्मी बनकर डराया

मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान करने वाली ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी के रूप में आए ठगों ने एक वृद्ध महिला को धोखे में लेकर लाखों रुपये के आभूषण चुरा लिए। यह घटना नीलगंगा थानाक्षेत्र में हुई, जहां साईनाथ कॉलोनी की निवासी सरोज जैन रोज की तरह सुभाष नगर स्थित चौमुखा जैन मंदिर के दर्शन के लिए निकली थीं। यात्रा के दौरान, दो युवक बाइक पर आए और स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर महिला को आगे लूटपाट का अंदेशा सुनाया। ठगों ने महिला से कहा, “आगे चौराहे पर लूट हुई है, अपने सोने के आभूषण कागज की पोटली में रख लीजिए।” पहले तो महिला को संदेह हुआ, लेकिन तभी एक तीसरा युवक वहां आया जिसने अपनी सोने की चेन उतारकर वैसी ही पोटली में रख दी। इसे देखकर महिला ने भी अपने सुनहरे कंगन निकालकर पोटली में डाल दिए। ठगों ने चालाकी से कागज बदलकर वहाँ से भाग गए। जब महिला मंदिर पहुँची, तो उसने देखा कि उसकी पोटली में केवल कागज थे, और गहने गायब थे।
सरोज जैन ने तुरंत अपने परिवार को इस मामले की सूचना दी और पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि उनके कंगन लगभग छह तोले के थे, जिनकी कीमत करीब ₹7.6 लाख रुपये है। अब पुलिस जैन मंदिर और समीपवर्ती क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें दो हेलमेट पहने हुए युवक महिला से बातचीत करते हुए देखे जा रहे हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि हाल के समय में पुलिस ने हेलमेट पहनने के प्रति जागरूकता अभियान चलाया है, लेकिन ठगों ने इसका लाभ उठाते हुए हेलमेट पहनकर अपनी पहचान छिपा ली। फुटेज में उनके चेहरे स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि मंदिर और मुख्य सड़कों पर गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही ठगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करेंगे। यह घटना फिर से यह दर्शाती है कि यदि सड़क पर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस बताकर इस तरह की सलाह दे, तो हमें सावधानी बरतनी चाहिए।

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालु की मौत

मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में एक बार फिर अव्यवस्था का सामना करना पड़ा है। दर्शन करने आए एक भक्त की आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिसके बाद गोस्वामी समाज ने मंदिर को पवित्र करने के लिए यमुना का जल छिड़का। यह घटना न केवल भक्तों को चौंका गई, बल्कि मंदिर के प्रशासन और हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर में दर्शन हेतु आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि व्यक्ति बैठते-बैठते जमीन पर गिर गए और थोड़ी देर बाद उनका निधन हो गया। यह बताया गया कि मंदिर में इतनी भीड़ थी कि तुरंत सहायता नहीं मिल पाई। इससे पहले भी इस मंदिर में ऐसी घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
घटना के पश्चात गोस्वामी समाज ने मंदिर को बंद कराकर यमुना के किनारे से जल लाकर पूरे परिसर में छिड़काव किया। मंदिर के अंदर तथा उस जगह भी जहां श्रद्धालु का निधन हुआ, यमुना जल डाला गया। गोस्वामी समाज का कहना है कि यह प्रक्रिया मंदिर की शुद्धि और मृत आत्मा की शांति के लिए की गई है।
मंदिर के गोस्वामी हिमांशु ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दो श्रद्धालुओं का निधन हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के द्वारा आखिर क्या कार्रवाइयां की जा रही हैं? भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को क्यों नहीं सुनिश्चित किया जा रहा? उन्होंने यह भी बताया कि लगातार हो रही घटनाओं से भक्तों में भय और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

ग्वालियर से दबोचा गया सूदखोर वीरेंद्र तोमर, 151 दिन से फरार था 

छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने गंभीर मामलों जैसे सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के आरोप में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर, जिसे रूबी सिंह तोमर के नाम से भी जाना जाता है, को अंततः गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से पकड़ा, जहां वह साधारण कपड़े पहनकर पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था। वीरेंद्र तोमर पिछले 151 दिनों से पुलिस से बचते-बचते भाग रहा था। इस खोजना काम में पुलिस को कई राज्यों में टीमें भेजनी पड़ी थी। अंदरूनी जानकारी के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए जगहें लगातार बदल रहा था और फर्जी पहचान के माध्यम से विभिन्न शहरों में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी रायपुर पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि ग्वालियर से पकड़ने के बाद वीरेंद्र तोमर को जल्द ही रायपुर लाया जाएगा, जहां उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस को संदेह है कि फरारी के दौरान वह अपने नेटवर्क के माध्यम से सूदखोरी का व्यापार जारी रखे हुए था।
वीरेंद्र तोमर पर कई आपराधिक मामले शिकायत में हैं, जिनमें अवैध वसूली, धमकी और रंगदारी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, वह लोगों को ऊँचे ब्याज दर पर पैसे उधार देता था और कर्ज चुकाने में चूक होने पर उन्हें धमकाकर वसूली करता था। इसके अलावा, वह अपने गुर्गों की मदद से क्षेत्र में डर का माहौल भी बनाता था।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद मामले की गहराई तक जाने के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी। इस टीम का कार्य तोमर के सहायक लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कदम उठाना होगा। इस बीच, उसके फरार साथी रोहित की खोज अभी भी जारी है।

फीस विवाद से नाराज छात्र ने कॉलेज में लगाई खुद को आग

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक अत्यंत दुखद घटना प्रकाश में आई है। यहां के डीएवी कॉलेज में बीए तीसरे वर्ष के छात्र उज्जवल राणा ने फीस के विवाद के चलते कॉलेज के परिसर में अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। छात्र को आग में घिरा देखकर कॉलेज में हड़कंप मच गया। वहां उपस्थित अन्य विद्यार्थियों ने बैग और कपड़ों का इस्तेमाल कर आग बुझाई और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गंभीर रूप से जल चुके छात्र को तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसकी नाज़ुक स्थिति के कारण उसे मेरठ में रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार, उज्जवल राणा को कॉलेज में 7,000 रुपये की फीस जमा करनी थी, जिसमें उसने 1,750 रुपये जमा किए थे। बाकी राशि न दे पाने के कारण कॉलेज प्रशासन ने उसका परीक्षा फॉर्म लेने से मना कर दिया। छात्र ने आरोप लगाया कि इस दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल प्रदीप कुमार ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और पुलिस के साथ मिलकर उसे परेशान किया। इस मानसिक तनाव के चलते उसने यह अत्यंत गंभीर कदम उठाया।
घटना से एक दिन पहले उज्जवल ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उसने कॉलेज प्रशासन और कुछ पुलिसकर्मियों पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। उस वीडियो में छात्र ने कहा, “अगर मैं कुछ गलत कदम उठाता हूं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रिंसिपल और संबंधित पुलिसकर्मियों की होगी।”
इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों और आसपास के ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पीड़ित छात्र के परिजन भी कॉलेज के गेट पर धरने पर बैठ गए और आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की।

पुरानी रंजिश में दरिंदगी: युवक को नंगा कर सड़क पर घुमाया

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शुक्रवार की रात, संतोष आचार्य नामक व्यक्ति की प्रेमिका और पुरानी शत्रुता के कारण आठ लोगों ने निर्दयता की हत्या कर दी। पहले तो घर का आयरन का दरवाजा अनब्लॉक कर दिया गया और फिर संतोष को बाहर खींच लिया गया । इसके बाद उनकी पेंटिंग्स ने सड़कों पर नंगा खड़ा कर दिया और बारी-बारी से उनकी बुरी तरह की पिटाई की। फिर, उन्हें सदर बाजार ले बिल्डिंग इंडस्ट्रीज और पत्थरों से भी जोड़ा गया । चार महीने पहले उनकी पत्नी फ्रेंचाइजी चली गईं थीं। संतोष अध्यापक (47 वर्ष) दुर्ग के शीतला नगर में रहते थे । उनके साथ उनकी पत्नी रानी सोनी और तीन बेटियां भी थीं। लेकिन चार महीने पहले उनकी पत्नी रानी सोनी और बेटियाँ वार्ड नंबर 6 में अपनी बिकवाली कर गईं। पत्नी ने बताया कि हाल ही में उनके पति ने और अधिक शराब की दुकानें शुरू कर दी थीं । इसी वजह से उनका अक्सर बाहर के लोगों से झगड़ा होता था। इस कारण से वह अपनी बेटी के साथ चली गई। संतोष के खिलाफ एक दिन पहले ही मामला दर्ज हुआ था । 7 नवंबर को दुर्ग नागपुर में प्रथम सोनी (पिता: चैतराम सोनी) ने संतोष आचार्य के विरुद्ध प्राथमिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे वे गांधी चौक के पास राम मंदिर के निकट विश्वासपात्र थे , तभी आचार्य संतोष वहां आए और बिना किसी कारण के उनसे मुलाकात की । जब उन्होंने उन्हें गालियां देने से रोकने की कोशिश की, तो संतोष ने उनकी जान को खतरे में डाल दिया
और फिर उनके चेहरे पर लैपटॉप मारा गया। घटना के वक्त नितेश सोनी और मयंक सोनी भी वहां मौजूद थे.
इसके बाद शाम को फिर विवाद हो गया। दिन में संतोष और प्रथम के बीच फिर झगड़ा हुआ । रानी सोनी ने बताया कि शाम 4 बजे उनके पति ने उन्हें फोन किया और कहा कि कुछ लोग उन्हें चाकू लेकर मारने के लिए आ रहे हैं। रानी ने अपने पति को सलाह दी कि वे घर में रहें, क्योंकि पुलिस आई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाएगी। परन्तु रात को उन्हें न मालूम हुआ, कि उन लोगोंने अपने पति का पता लिया । घर का लोहे का दरवाजा बंद था, जिसमें गैस कटर से 15-20 लोगों ने अपने पति को बाहर खींच लिया। फिर उनके पति को नंगा करके पीटा गया और पूरे इलाके में घुमाया गया। इसके बाद उन्हें सदर बाजार में ले जाकर तब तक मारा गया जब तक उनकी जान नहीं निकल गई। उस समय उनकी पत्नी अपने घर में अकेली थीं । पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने चैतराम सोनी, मनीषी, दादू, शिव समेत 8 लोगों को पकड़ लिया है। बताया गया है कि घटना के बाद सभी बेघर बच्चे चले गए थे, जिनमें बाद में पुलिस ने थाने पर कब्जा कर लिया था । सभी से पूछताछ की जा रही है। पत्नी ने पति के खिलाफ कुछ दिन पहले शिकायत की थी। पत्नी रानी ने बताया कि उसके पति संतोष इन दिनों अधिक शराब का सेवन करने लगे थे, जिससे उनका अक्सर झगड़ा होने लगा था। उन्होंने तीन-चार दिन पहले पुलिस से मांग की थी कि उनके पति को गिरफ्तार किया जाए क्योंकि वह अत्यधिक शराब पीने लगे थे। उनकी लड़ाई अब सड़कों पर भी होने लगी थी, क्योंकि वह लोगों को ब्याज पर पैसे देते थे, लेकिन कोई भी पैसे वापस नहीं करता था।
रानी ने यह भी कहा कि वह हमेशा दूसरों की सहायता करते थे और धीरे-धीरे पैसे वसूलते थे। बार-बार झगड़े के कारण रानी ने पुलिस को तीन-चार बार यह कहा था कि उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया जाए। पुलिस की गाड़ी कई बार उनके घर आई, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।
रानी ने यह जानकारी भी दी कि उन्होंने पुलिस को बताया था कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो कोई न कोई उनकी हत्या कर देगा, लेकिन किसी ने इसकी अहमियत नहीं समझी। आज इसी वजह से उनकी हत्या कर दी गई है।
संतोष के पिता वेंकट ने बताया कि उनके तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। संतोष सबसे बड़ा बेटा है। उसने 25 साल पहले प्रेम विवाह करके परिवार से अलग कर लिया था।
जांच में लगे एएसपी सुखनंदन राठौर ने कहा कि शुक्रवार रात एक घटना घटी, जिसमें संतोष आचार्य नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। यह विवाद एक निजी रंजिश का परिणाम था, जिसमें 7-8 युवकों ने हमला किया था। उन्हें हाथों, मुक्कों और धारदार औजार से मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
एएसपी ने कहा कि घायल संतोष को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हत्या की शिकायत दर्ज किया गया है और जांच प्रगति पर है। इस समय पुलिस ने 8 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।

श्योपुर में बहू ने जेठ की कुल्हाड़ी से मारकर की हत्याः

श्योपुर: मध्यप्रदेश के श्योपुर थाना क्षेत्र में स्थिति दुवावली गांव में एक बहू ने अपने दिव्यांग जेठ की हत्या कुल्हाड़ी से की। यह मामला शुक्रवार सुबह का है। पुलिस ने अभियुक्त कंचन बाई को दबोच लिया है और जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है। बहू ने खेत में पड़ी कुल्हाड़ी से शंकर के सिर पर हमला किया।
शुक्रवार की सुबह, शंकर अपने छोटे भाई काशीराम जाटव के साथ खेत में काम कर रहा था। इसी वक्त, कंचन बाई ने खेत में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और शंकर के सिर और गले पर दो बार वार किया। इसके कारण शंकर की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
जब यह घटना हुई, काशीराम पास के खेत में थे। चीखने की आवाज़ सुनकर वे वहां पहुंचे और अपनी पत्नी कंचन को खून से सनी कुल्हाड़ी के पास पाया, जबकि शंकर वहां मृत अवस्था में थे। काशीराम ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने जब कंचन बाई से पूछताछ की, तो उसने यह स्वीकार किया कि वह अपने जेठ की देखभाल करते-करते मानसिक रूप से थक गई थी और लगातार के विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और इस मामले में आवश्यक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। रघुनाथपुर थाना इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों की जांच चल रही है। स्थानीय लोग और शंकर के परिजन इस घटना से बहुत सकते में हैं।

छात्र का क्लासरूम में आत्मदाह प्रयास

मुजफ्फरनगर: क्लासरूम में छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की, प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित डीएवी कॉलेज में एक छात्र ने कथित रूप से क्लासरूम के अंदर आग लगाई। छात्र ने प्रिंसिपल पर लेट फीस के चलते अपमानित करने और धमकाने का आरोप लगाया है। छात्र का उपचार जारी है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुजफ्फरनगर: क्लासरूम में छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की, प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप।


सूत्रों के अनुसार, उज्ज्वल को कॉलेज में फीस न जमा करने के कारण क्लास में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। छात्रों का कहना है कि इस समय उसके साथ कथित रूप से कठोर व्यवहार किया गया। इस वजह से उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।


शुक्रवार को वह क्लास में पहुंचा और अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। वहां उपस्थित छात्रों और कर्मचारियों ने आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।


उज्ज्वल ने अस्पताल में दिए गए कथित बयान में प्रिंसिपल और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने बताया कि लेट फीस के कारण उसे लगातार पीटा गया औ

र डांटा गया। कॉलेज प्रबंधन ने कहा है कि वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही कोई जानकारी दी जाएगी।
पुलिस ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और छात्र के दोस्तों के बयान लेने प्रारंभ कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी पक्ष के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उज्ज्वल की स्थिति अस्पताल में स्थिर बताई जा रही है।

सास ने दामाद पर करवाई बेटी के मर्डर FIR

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक महिला ने अपने दामाद और अपनी बेटी के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने FIR भी दर्ज कराई। महिला ने कहा कि उनके ससुराल वालों ने उनकी बेटी की हत्या कर दी है और लाश भी कहीं छिपा दी है। हालांकि, जब सच सामने आया, तो मां को शर्मिंदा होना पड़ा। असल में, उनकी बेटी जिंदा थी और अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। उधर, ससुराल वालों ने जब आरोपों से अपनी बेगुनाही साबित होते देखी, तो उन्होंने राहत की सांस ली। यह घटना सादात थानाक्षेत्र के बरहपार भोजूराय की है। यहाँ 3 अक्टूबर को राजवंती देवी, जो स्व. रामजी दास की पत्नी हैं, ने पुलिस में शिकायत दी थी और FIR दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी रूचि को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया और फिर उसकी हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।


जब पुलिस ने गहन तरीके से जांच की तो उन्हें मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ और जब उन्होंने तथ्य जुटाने की कोशिश की, तो पता चला कि जिस विवाहिता की हत्या का मामला उसकी मां ने दर्ज कराया है, वह तो जिंदा है। इसके अलावा, वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किसी अन्य व्यक्ति से शादी करके वहां रह रही है। इसी बीच, सूचना के आधार पर शुक्रवार का दिन सुबह 7 बजे सीओ रामकृष्ण तिवारी ने बरेहता पुल से विवाहिता को बरामद किया और उससे पूछताछ की। उसने बताया कि

स्कूल के दिनों से एक युवक से उसका प्रेम था।


विवाहिता ने कहा कि उसके परिवार ने उसकी सहमति के बिना उसकी शादी करवा दी थी, जबकि वह हमेशा से उसी युवक से विवाह करना चाहती थी। उसने बताया कि जब उसे मजबूरन शादी करने के बाद वह उस युवक के साथ चली गई। दूसरी ओर, जब कथित मृतका की जिंदा होने की खबर मिली, तो दहेज हत्या के आरोपों का सामना कर रहे खानपुर के हथौड़ा निवासी उसके पति राजेंद्र, सास कमली देवी, ससुर फूलचंद, देवर मुन्ना, ननद रेनू और आकाश को राहत मिली। पुलिस ने विवाहिता को बरामद करने के बाद मेडिकल जांच के लिए भेज दिया।


राजेंद्र और रूचि की शादी 6 जून, 2023 को हुई थी। वास्तव में, राजेंद्र के विवाहिता के साथ विवाह के लिए 3 अक्टूबर को उसकी मां ने दहेज हत्या की शिकायत दी थी और कहा था कि उन्होंने दहेज के रूप में 50 हजार रुपये और गहने दिए थे। दहेज में बाइक न मिलने पर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया। इसके अतिरिक्त, यह भी कहा गया कि ससुराल वाले उसे मारते, पीटते और भोजन तथा कपड़े भी नहीं देते थे। कई बार पंचायत हो चुकी थी, लेकिन ससुराल वालों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

2 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, तीन दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई से हड़कंप

रीवा: रीवा लोकायुक्त दल ने सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए शनिवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। चुरहट तहसील के टिकर खुर्द गांव में तैनात हल्का पटवारी शिव प्रताप सिंह को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी पटवारी जमीन से संबंधित रिपोर्ट अपने फेवर में तैयार करने के बदले में शिकायतकर्ता से पैसे मांग रहा था। लोकायुक्त द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से भ्रष्टाचार में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


इस मामले की सूचना देते हुए लोकायुक्त टीआई संदीप भदौरिया ने बताया कि शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने 4 नवंबर को रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में यह उल्लेखित था कि जमीन विवाद के मामले में नायब तहसीलदार चुरहट ने स्टे जारी किया था। स्टे के बाद पटवारी को रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन उसने शिकायतकर्ता से रिपोर्ट उनके पक्ष में तैयार करने के लिए 5,000 रुपये की रिश्वत मांग ली। शिकायत का संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और शनिवार को कार्रवाई के दौरान पटवारी को 2,000 रुपये की नकद राशि लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तारी होने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी को आगे की कार्रवाई के लिए सीधी सर्किट हाउस ले जाकर बंद कमरे में पूछताछ और जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया जारी रखी। सूत्रों के अनुसार, टीम अब मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों की भी जांच करेगी, जिससे रिश्वतखोरी की पुष्टि और जुड़े हुए अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

जेठ ने विधवा बहूसे विवाह का प्रस्ताव रखा,नहीं स्वीकार करने पर गुस्से में आया, तेजाब से किया हमला

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना की जानकारी आई है। यहां एक व्यक्ति ने एक विधवा महिला पर उसके मायके में घुसकर एसिड अटैक कर दिया। आरोप लगाने वाला कोई और नहीं बल्कि उस महिला का जेठ है। वह उससे विवाह करना चाहता था। जब महिला ने शादी के प्रस्ताव को अस्वीकार किया, तो वह नाराज हो गया। पुलिस ने देर रात आरोपी को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यह मामला कंपू थाना क्षेत्र के अवाड़पुरा इलाके में एक मुस्लिम बहुल बस्ती में घटित हुआ है। शुक्रवार की रात विधवा महिला को उसी के जेठ ने उसके घर में जाकर एसिड से हमला कर दिया। इस घटना के परिणामस्वरूप महिला गंभीर रूप से झुलस गई और उसे उपचार के लिए ज्यारोग्य अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती किया गया है।

आरोपी का नाम मुशीर खान बताया गया है। वह घटना के समय एसिड की बोतल लेकर आया था।
आरोपी जेठ अपनी बहू से विवाह करने का दबाव बना रहा था। जब महिला ने स्पष्ट रूप से शादी के लिए मना कर दिया, तब गुस्से में आकर आरोपी ने यह घिनौनी हरकत की। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में महिला का पूरा चेहरा, सीना, हाथ और पैर बुरी तरह से झुलस गए हैं। जब यह घटना हुई, तब महिला अपने घर में सब्जी काट रही थी। इसी दौरान हमलावर जेठ ने उस पर हमला कर दिया।


12 वर्ष पहले हुई थी शादी


पीड़िता की शादी 12 साल पहले पड़ोस में रहने वाले एक युवक से हुई थी। वह युवक शराब का आदी था और 9 महीने पहले बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद, पीड़िता अपने मायके में रहने लगी थी। उसके एक दस साल का बेटा और चार साल की एक बेटी है। आरोपी मुशीर खान की पत्नी का भी निधन हो चुका है। वह महिला से विवाह करना चाहता था, इसी कारण वह बच्चों से मिलने के बहाने महिला के मायके आता था।
आरोपी को गिरफ्तार किया गया


वहीं, पीड़िता ने अपने परिवार के साथ जाकर थाने में घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और देर रात उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

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