मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान करने वाली ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी के रूप में आए ठगों ने एक वृद्ध महिला को धोखे में लेकर लाखों रुपये के आभूषण चुरा लिए। यह घटना नीलगंगा थानाक्षेत्र में हुई, जहां साईनाथ कॉलोनी की निवासी सरोज जैन रोज की तरह सुभाष नगर स्थित चौमुखा जैन मंदिर के दर्शन के लिए निकली थीं। यात्रा के दौरान, दो युवक बाइक पर आए और स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर महिला को आगे लूटपाट का अंदेशा सुनाया। ठगों ने महिला से कहा, “आगे चौराहे पर लूट हुई है, अपने सोने के आभूषण कागज की पोटली में रख लीजिए।” पहले तो महिला को संदेह हुआ, लेकिन तभी एक तीसरा युवक वहां आया जिसने अपनी सोने की चेन उतारकर वैसी ही पोटली में रख दी। इसे देखकर महिला ने भी अपने सुनहरे कंगन निकालकर पोटली में डाल दिए। ठगों ने चालाकी से कागज बदलकर वहाँ से भाग गए। जब महिला मंदिर पहुँची, तो उसने देखा कि उसकी पोटली में केवल कागज थे, और गहने गायब थे।
सरोज जैन ने तुरंत अपने परिवार को इस मामले की सूचना दी और पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि उनके कंगन लगभग छह तोले के थे, जिनकी कीमत करीब ₹7.6 लाख रुपये है। अब पुलिस जैन मंदिर और समीपवर्ती क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें दो हेलमेट पहने हुए युवक महिला से बातचीत करते हुए देखे जा रहे हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि हाल के समय में पुलिस ने हेलमेट पहनने के प्रति जागरूकता अभियान चलाया है, लेकिन ठगों ने इसका लाभ उठाते हुए हेलमेट पहनकर अपनी पहचान छिपा ली। फुटेज में उनके चेहरे स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि मंदिर और मुख्य सड़कों पर गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही ठगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करेंगे। यह घटना फिर से यह दर्शाती है कि यदि सड़क पर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस बताकर इस तरह की सलाह दे, तो हमें सावधानी बरतनी चाहिए।
