latest katni news today अपराधिक तत्वों से निपटने एनकेजे पुलिस का सड़क पर पहरा, मुख्य बाजार में किया पैदल मार्च, संदिग्ध वाहनों की हो रही तलाशी, दलबल के साथ थाना प्रभारी सड़क पर जमे

दिन के उजाले के बाद, आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोग किसी न किसी घटना को अंजाम देने की कोशिश में लग जाते हैं। क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने, साथ ही सुचारू यातायात को सुनिश्चित करने के लिए, एनकेजे पुलिस ने सड़कों से लेकर गलियों चौराहों तक सतर्कता बरती हुई है। शाम होते ही, एनकेजे थाने के प्रभारी रूपेंद्र राजपूत अपनी टीम के साथ मुख्य मार्ग पर पैदल巡िंग के लिए निकले। इस दौरान, संदेहास्पद परिस्थितियों में पाए गए व्यक्तियों को सख्त चेतावनियां दी गईं और शराब पीने एवं वितरण करने वालों पर भी कार्रवाई की गई।कार्यवाही की जानकारी देते हुए, एनकेजे थाने के प्रभारी रूपेंद्र राजपूत ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना का सामना करने और आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश मिले हैं। इन निर्देशों के आधार पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया के नेतृत्व में एनकेजे पुलिस लगातार क्षेत्र में घूमकर ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने और पिलाने वालों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। आज शाम, लगभग छह ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाइयां की गई हैं जो कानून व्यवस्था को बाधित कर रहे थे।

latest katni news today सीएम हेल्पलाइन शिकायत निराकरण में नगर निगम कटनी टॉप टेन में शामिल निगमायुक्त श्रीमती कौर की सतत मॉनिटरिंग से आए सार्थक परिणाम

सीएम हेल्पलाइन की समस्याओं के सफल समाधान के संदर्भ में मंगलवार को जारी प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में नगर निगम कटनी ने पहले समूह के जिलों में ए ग्रेड प्राप्त कर शीर्ष दस नगर निगमों में अपनी जगह बनाई है।निगमायुक्त श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर की कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में नगर निगम कटनी ने कुल 574 दर्ज की गई शिकायतों में से 92.23 प्रतिशत वेटेज स्कोर के साथ 92.23 फीसदी शिकायतों का समाधान करते हुए सातवें स्थान पर सफलता प्राप्त की है। निगमायुक्त श्रीमती कौर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को भविष्य में और भी अधिक संवेदनशीलता के साथ प्रभावी प्रयास करने का निर्देश दिया है।यह ध्यान देने योग्य है कि शासन द्वारा हर महीने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के अधिकारिक समाधान की गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाती है। निगमायुक्त श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित समस्याओं की सतत निगरानी की एवं दिए गए निर्देशों के फलस्वरूप अधिकारियों ने दिसंबर माह में प्राप्त कुल 574 शिकायतों का 53.62 प्रतिशत संतोषजनक समाधान करते हुए 92.23 प्रतिशत कुल वेटेज स्कोर के साथ ए ग्रेड के साथ सातवां स्थान हासिल किया है।

latest jabalpur news today मेडिकल अस्पताल में HLL और UDS प्राइवेट ठेका कंपनी के अधिकारियों की मनमानी, खामोश बैठे मेडिकल अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल हॉस्पिटल में HLL और UDS नामक निजी ठेकेदार कंपनी की बड़ी अनदेखी उजागर हुई है, जहां चिकित्सा कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से आज मेडिकल कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी, जिससे अस्पताल में आने वाले रोगियों और उनके परिजनों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मेडिकल अस्पताल (नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज) में वार्डबॉय और सफाईकर्मियों ने वेतन न मिलने और अन्य सुविधाएं न होने के कारण हड़ताल की है, जिसके परिणामस्वरूप अस्पताल परिसर और वार्डों में साफ-सफाई की कमी हो गई है। मरीजों और उनके परिजनों को काफी असुविधा हो रही है, और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण वेंटिलेटर जैसे उपकरणों के संचालन में गंभीर लापरवाही हो रही है, जिससे मरीजों की जान को खतरा पैदा हो गया है। हड़ताल के महत्वपूर्ण कारणों में वेतन भुगतान में देरी शामिल है, क्योंकि कर्मचारियों को कई महीनों से समय पर वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हुई है। इसका दोषी निजी ठेकेदार कंपनी है। सफाई न होने के कारण पूरे परिसर, वार्डों, गलियों और शौचालयों में गंदगी फैली हुई है। मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है; उन्हें इलाज के साथ ही बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। यह स्थिति आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं और स्वास्थ्य प्रणाली में कमियों को उजागर करती है, जहां वेतन और सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों का जीवन खतरे में है।नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में HLL और UDS प्राइवेट ठेका कंपनी की लापरवाही के कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे की उन्होंने मेडिकल के डीन नवनीत सक्सेना और अधीक्षक अरविंद शर्मा के समक्ष शिकायत की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी प्राइवेट ठेका कंपनी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस स्थिति के कारण मेडिकल अस्पताल के कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में प्राइवेट ठेका कंपनी के अधिकारियों की मनमानी के कारण, मेडिकल के जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं। उन्हें कंपनी के बारे में सभी जानकारी होने के बावजूद, ठेका कंपनी के अधिकारियों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। आखिर इस स्थिति की जिम्मेदारी किसकी है।

katni dhimarkheda news today ढीमरखेड़ा में मंदिरों से चांदी के मुकुट चोरी, दो अलग-अलग मामलों में केस दर्ज

ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव सिलौडी में चोरों ने मंदिरों को अपना लक्ष्य बनाते हुए चांदी के मुकुटों की चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया है। इन घटनाओं के कारण गांव के लोगों में नाराजगी और असुरक्षा का माहौल फैला हुआ है।पहले मामले में गांव सिलौडी के निवासी विष्णु प्रसाद मिश्रा (52) के मंदिर से लगभग 28 हजार रुपये मूल्य का एक चांदी का मुकुट चोरी हो गया है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 38/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।दूसरी घटना में छोटेलाल चक्रवर्ती (62) के मंदिर से सुबह 9 से 11 बजे के बीच तीन चांदी के मुकुट चोरी हो गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 45 हजार रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 39/26 दर्ज किया है।दोनों मामलों की जांच उप निरीक्षक अनिल द्वारा की जा रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और चोरी से संबंधित सुराग इकट्ठा करने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज देख रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों का पता लगाकर उन्हें सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

jabalpur news today जबलपुर में दिनदहाड़े कत्ल! घर से बाहर बुलाकर युवक पर हमला

रांझी पुलिस थाने के क्षेत्र में, मानेगांव इंद्रा आवास बस्ती में मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे घर से बाहर बुलाकर रितेश पटेल उर्फ आयुष पर एक्टिवा बाइक सवार बदमाशों ने चाकू से बर्बर हमला कर दिया। इस घटना के बाद रितेश को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ वो उपचार के दौरान निधन हो गया। पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल कॉलेज में भिजवाते हुए आरोपी की खोज शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रितेश अपने घर पर था जब आवाजें निकालते हुए एक युवक और उसके साथी ने एक्टिवा पर आकर उसे बुलाया। जैसे ही रितेश बाहर आया, उन दोनों ने उस पर चाकुओं से जोरदार हमला कर दिया।जब आसपास के लोग और रिश्तेदार उस शोर के कारण बाहर आए, तो दोनों आरोपी एक्टिवा छोड़कर वहां से भाग गए। कुछ लोगों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए उनका पीछा किया, लेकिन वे भाग निकलने में सफल रहे। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और एसएसएल की टीम ने सबूत इकट्ठा करते हुए एक्टिवा को जब्त कर लिया और आरोपी की सक्रियता से तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि लड्डू बावरिया नाम के आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि उसके साथी राजू सोनकर की खोज जारी है। मृतक लगभग 23 साल का था और निजी क्षेत्र में कार्यरत था।रितेश की हत्या की खबर मिलते ही उसके दोस्तों की एक टोली मानेगांव पहुंच गई और आरोपी के घर पर पथराव करते हुए उनकी कार, एक्टिवा और खिड़की-दरवाजों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान हमलावरों ने आरोपी के साथी विवेक के साथ भी हिंसा की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और वहां से भाग निकला। थाना प्रभारी उमेश गोलानी ने बताया कि रितेश पटेल उर्फ आयुष पर लड्डू बावरिया और राजू सोनकर ने चाकू से हमला कर दिया। उनके बीच पूर्व में अवैध शराब की बिक्री को लेकर संघर्ष चल रहा था, जिसमें दोनों के खिलाफ पहले भी आबकारी के मामले दर्ज किए गए थे। हालाँकि, लड्डू को पकड़ लिया गया है और राजू सोनकर की खोज की जा रही है।

umariapan news today ग्राम पंचायत उमरियापान न्यू बस स्टैंड बना गंदगी का अड्डा

कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत उमरियापान का नया बस अड्डा हाल ही में अपनी बुरी स्थिति और फैली गंदगी के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि सरकार और प्रबंधन ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई की पहल को बढ़ावा देने का दावा करते हैं, वास्तविकता इन दावों के विपरीत नजर आती है। न्यू बस स्टैंड पर गंदगी इस हद तक फैली हुई है कि न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि यहां से गुजरने वाले यात्री भी नाक बंद करके निकलने पर मजबूर हैं। यह हैरान करने वाली बात है कि पंचायत हर महीने सफाई के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इसका कोई प्रभाव ग्राउंड लेवल पर दिखाई नहीं देता।कागजों में सफाई, धरातल पर खराब स्थितिस्थानीय लोग बताते हैं कि पंचायत हर महीने सफाईकर्मियों को भुगतान और कचरा उठाने के लिए बड़ी राशि खर्च कर रही है। परंतु इन खर्चों का कहीं भी न्यू बस स्टैंड पर असर नहीं दिख रहा है। बस स्टैंड के मार्ग गंदगी से भरे हुए हैं, वहां कचरा संग्रहण की सुविधा नहीं है, और जो कचरा डस्टबिन में होना चाहिए, वह संपूर्ण क्षेत्र में बिखरा हुआ है। कई स्थानों पर नालियों की सफाई महीनों से नहीं की गई है, जिसके परिणामस्वरूप उनमें पानी और कचरा सड़ने लगा है, जिससे मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।यात्रियों के लिए परेशानी: गंदगी और दुर्गंधहर दिन सैकड़ों यात्री बस स्टैंड पर आते हैं, लेकिन इनके लिए न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का माहौल, यात्री बस के इंतजार में दुर्गंध और गंदगी का सामना कर रहे हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और बिगड़ जाती है, कीचड़, जलभराव और कचरा यात्रियों के लिए असहनीय परिस्थिति उत्पन्न करते हैं। कई यात्रियों ने यह भी बताया है कि गंदगी और बदबू के कारण उन्हें चक्कर भी आने लगते हैं। पंचायत पर सवाल: बजट कहाँ जा रहा है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सफाई के लिए हर महीने लाखों रुपये खर्च होते हैं, तो न्यू बस स्टैंड पर सफाई क्यों नजर नहीं आती? क्या सफाई का काम केवल कागज़ों पर किया जा रहा है? क्या सफाईकर्मी समय पर ड्यूटी नहीं निभाते हैं? या फिर जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका सही से नहीं निभा रहे हैं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से लापरवाह और भ्रष्टाचार से ग्रसित है।क्या स्वच्छता अभियान केवल दिखावा है?देशभर में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए बड़ी-बड़ी बैठकें और रिपोर्टें तैयार की जाती हैं। पंचायत स्तर पर भी सफाई अभियान की कार्यशालाएँ, जागरूकता कार्यक्रम और निरीक्षण किए जाते हैं। लेकिन उमरियापान का नया बस अड्डा यह स्पष्ट करता है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजात, दीवारों पर लिखित नारों और सोशल मीडिया की पोस्ट तक ही सीमित हैं। चारों ओर फैली गंदगी, प्लास्टिक का कचरा, खराब नालियां, आवारा जानवरों की भीड़ और दुर्गंध को देखने के बाद गांव की साफ-सफाई की रैंकिंग पर भी प्रश्न उठते हैं।

विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन ने ‘बॉर्डर-2’ को टैक्स-फ्री करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

देशभक्ति से भरी फिल्म ‘बॉर्डर-2’ को मध्यप्रदेश में करमुक्त करने की मांग को लेकर विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन ने शुक्रवार को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) प्रमोद चतुर्वेदी को माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया कि ‘बॉर्डर-2’ जैसी एक राष्ट्रवादी फिल्म युवा पीढ़ी में देशप्रेम, बलिदान, त्याग और भारतीय सेना के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करती है। ऐसे प्रेरणादायक सिनेमा को अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इसे करमुक्त करना जनहित में जरूरी है। इस मौके पर फाउंडेशन के अध्यक्ष अर्जित खरे की अगुवाई में एडवोकेट राज दुबे, विपांशु पटेल, हर्ष चौधरी, दीपक, सुयंत गर्ग, ध्रुव बिचपुरिया, करण मिश्रा, एडवोकेट जया थापा, यश कोटवाल तथा अन्य सदस्य मौजूद थे। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर सरकार से अपील की कि इस राष्ट्रवादी फिल्म को करमुक्त कर आम लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी ने ज्ञापन को उचित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।

rithi news today उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लटके ताले… बिना इलाज लौट रहे मरीज

कटनी जिले के रीठी तहसील के अंतर्गत सरकारी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति तेजी से घटिया होती जा रही है। ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा देने के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ऐसी है कि तहसील से लेकर जिले तक के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अपनी आंखें बंद किए हुए हैं। चाहे व्यवस्था में सुधार हो या न हो, बस कागजों पर सब सही लगना चाहिए।स्वास्थ्य विभाग की इस गंभीर लापरवाही का एक ताजा उदाहरण रीठी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े बड़खेरा उप स्वास्थ्य केंद्र में देखा गया। चिकित्सा के लिए आई बुजुर्ग महिलाएं घंटों इंतजार करने के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो गईं, क्योंकि केंद्र पर हमेशा की तरह इस बार भी ताला लटका हुआ मिला।ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। इस उप स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर ताला लगा ही रहता है। इलाज मिलने की तो बात छोड़िए, यहां के कर्मचारी भी समय पर नहीं आते। बड़खेरा ही नहीं, क्षेत्र के अन्य कई उप स्वास्थ्य केंद्रों की भी यही स्थिति है—कहीं ताला, और कहीं सुविधाएं केवल नाम की ही होती हैं।सबसे आश्चर्य की बात यह है कि संबंधित अधिकारियों को इस अव्यवस्था से कोई अंतर नहीं पड़ता। मरीज तड़पते रहें, समस्याओं का सामना करें—उन्हें सिर्फ कागज पर डेटा पूरा चाहिए। वास्तविकता से उनका कोई लेना-देना नहीं है।ग्रामीणों में नाराजगीइस लापरवाह सिस्टम से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से कठोर कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में मिलनी चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थितियों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को सही समय पर सेवा मिल सके।

katni news today वाहन चालकों को कानून का पाठ पढ़ाने दलबल के साथ सड़क पर उतरी लेडी शहर कोतवाल, मिशन चौक से जगन्नाथ चौक तक काटे अव्यवस्था फैलाने वालों 26 वाहन चालकों के चालान

कटनी। शहर में वाहन चलाने वाले लोग जहाँ भी चाहें अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं, जिससे रास्ते में बाधा उत्पन्न होना आम बात बन चुकी है। मिशन चौक से लेकर जगन्नाथ चौक तक, पुल के नीचे खड़े वाहन हमेशा ट्रैफिक में रुकावट डालते रहते हैं। आज इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देते हुए, लेडी शहर कोतवाल राखी पांडे अपने दल के साथ सड़कों पर निकलीं। उन्होंने मिशन चौक से जगन्नाथ चौक तक, पुल के नीचे खड़े वाहनों के ड्राइवरों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए उनके खिलाफ चालान जारी किए।
इस मौके पर बातचीत के दौरान, लेडी शहर कोतवाल राखी पांडे ने कहा कि कटनी शहर में अनुचित पार्किंग हमेशा पैदल चलने वालों के लिए परेशानियों का कारण बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा सख्त कदम उठाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त निर्देशों के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस लगातार बाजार क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई कर रही है, कभी सावधान करके और कभी सख्ती से, व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास में। आज इसी सिलसिले में, मिशन चौक से जगन्नाथ चौक तक पैदल चलते हुए, पुल के नीचे खड़े वाहनों के चालान बनाए गए। इस कार्रवाई में 26 लापरवाह वाहन चालकों पर आर्थिक दंड लगाया गया है। उन्हें चेतावनी भी दी गई है कि यदि वे फिर से ऐसी गलती करते हैं और अव्यवस्था उत्पन्न करते हैं, तो उनके वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

katni news today कुठला थाना क्षेत्र में जमीन को लेकर मारपीट, बड़े भाई के सिर पर फावड़े से वार

कुठला थाना क्षेत्र में एक जमीन के विवाद को लेकर मारपीट की एक घटना रिपोर्ट की गई है। वार्ड नंबर 5 चाका का निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को सूचित किया कि वह कृषि कार्य में संलग्न है। 19 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 9 बजे, वह अपने बड़े भाई वीरेंद्र सिंह के साथ अपने घर के निकट मिट्टी फैलाने का कार्य कर रहा था, तभी रघुवीर सिंह, खूब सिंह, बलराम सिंह और रामखिलावन सिंह वहां पहुंचे और जमीन के मुद्दे पर बहस शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने गालियाँ देनी शुरू कर दीं। जब उसने विरोध किया तो दीप सिंह भी मौके पर आ गए और दीप सिंह, बलराम सिंह तथा रामखिलावन सिंह ने शिकायतकर्ता पर हाथ और मुक्कों से हमला किया। इसी दौरान, रघुवीर सिंह और खूब सिंह ने फावड़ा छीनकर वीरेंद्र सिंह के सिर पर वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। बीच-बचाव के दौरान शिकायतकर्ता को भी फावड़े के हैंडल से दाहिने हाथ के अंगूठे में चोट आयी।
घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकियाँ देते हुए भाग गए। गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र सिंह को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर कुठला थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296(a), 115(2), 351(3), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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