katni news today उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिला नवजात, कटनी मुड़वारा स्टेशन पर मचा हड़कंप

एस-4 कोच में अकेला शिशु मिला, कटनी में जिला अस्पताल के एससीएनयू में भर्ती। सोमवार सुबह जल्दी कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर उस समय हलचल मच गई जब हरिद्वार से पुरी की दिशा में जा रही उत्कल एक्सप्रेस के एस-4 कोच के शौचालय में एक नवजात शिशु बिना किसी देखभाल के पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन और पुलिस विभाग में अफरा-तफरी फैल गई।

सूत्रों
के अनुसार, एक यात्री जब कोच के शौचालय में गया, तो वहां नवजात बच्चे को देखकर वह घबरा गया। उसने तुरंत रेलवे के इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए बच्चे को सुरक्षित रूप से अपने पास ले लिया। इसके बाद नवजात को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे स्पेशल केयर न्यूबॉर्न यूनिट (एससीएनयू) में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चालू है।

इस बीच,
आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। यात्रियों से पूछताछ की जा रही है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात बच्चे को इस हालत में ट्रेन में किसने और किस कारण से छोड़ा। यह घटना समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर गहरे सवाल उठाती है। एक निर्दोष बच्चे को इस तरह अकेला छोड़ना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह कानूनी तौर पर अपराध भी है।

भीम आर्मी ने की डॉ अंबेडकर जी जयंती को लेकर महत्वपूर्ण बैठक।

कटनी आगामी डॉ अंबेडकर जयंती एवं ज्योतिबा फुले जी जयंती को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मीटिंग का आयोजन किया 14अप्रैल 2026 एवं 11 अप्रैल 2026 जिसमें विस्तार से चर्चा की गई कि किस-किस तारीख को जिले के किन-किन स्थानों में महापुरुषों की जयंती मनाई जानी है। सभी साथियों ने अपनी राय बारी-बारी दी। सभी साथियों को विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया की बहुत जल्द तारीख तय कर कार्यक्रम रखा जाएगा। इस मौके पर भीम आर्मी उपाध्यक्ष जय सूर्यवंशी, कोषाध्यक्ष नागेंद्र अहिरवार, प्रीतम चौधरी, साजन दस, सुनिल, रोहित, रामखिलवन, करन, अनुज, धनेंद्र, राजा, रोहित चौधरी, दीपक, गुड्डू, आदि लोगों की मौजूदगी रही।

बड़वारा 5 वर्षों से भुगतान के इंतजार में, संकट में स्व-सहायता समूह की नर्सरी

बड़वारा जनपद: 5 वर्षों से भुगतान के इंतजार में, संकट में स्व-सहायता समूह की नर्सरी
बड़वारा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी दावे जनपद पंचायत बड़वारा जिला कटनी में बेकार साबित हो रहे हैं। यहां ‘दुर्गा स्व-सहायता समूह’ की सदस्याएं पिछले पांच साल से अपनी मेहनत का भुगतान पाने के लिए सरकारी दफ्तरों में लगातार घूम रही हैं, चक्कर लगा रही है। लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं आया है।

अधिकारियों की लापहरवाही
स्व-सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत के ऊपर भरी बड़ा जनपद पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही।
साल 2020 में उत्साहपूर्वक दुर्गा स्व-सहायता समूह को नर्सरी के संचालन का कार्य सौंपा गया था। महिलाओं ने पूरी मेहनत से पौधों की तैयारी की। इन पौधों का वितरण मनरेगा के माध्यम से जिले के अलग-अलग पंचायतों में किया गया, लेकिन काम खत्म होने के बाद विभाग ने अपने किए गए वादे को भुला दिया। और अपनी बातो से मुकर गए।

भुगतान
अस्वीकृत भुगतान: 5 साल गुजर जाने के बावजूद पौधों की बिक्री और मेहनत की रकम समूह को नहीं मिली। जो लगत लगाई गई वह भी बसूला नहीं हुई। समूह की महिलाएं तो बर्बाद हो जाएगी।

नर्सरी हुई बंद:
आर्थिक समस्याओं के चलते एक सफल नर्सरी अब वीरान हो चुकी है। पेड़ पूरी तरह से सुख गए ।

सीएम हेल्पलाइन द्वारा सहायता: महिलाओं ने निराश होकर 181 (शिकायत संख्या 37345594) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है,पर अधिकारियों की मिली भगत होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुई। न ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कोई जब्बा मिला।

अधिकारियों पर मनमानी और पक्षपात का आरोप

समूह की महिलाओं का सीधा आरोप बड़वारा में कार्यरत प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह बघेल पर है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। और हमेशा कार्यालय के चक्कर काटने पर मजबूर किया। कुछ खास समूहों को लाभ दिया गया।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं का कहना

“हमने इस नर्सरी को अपने सपनों के साथ शुरू किया था ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे सपने को चूर-चूर कर दिया। आज हम पूरी तरह से टूट चुके हैं। अपना समय और पैसा दोनों ही हमने लगता दिया । पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ। कुछ खास समूहों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और हमें अनदेखा किया जा रहा है।” — अध्यक्ष/सचिव, दुर्गा स्व-सहायता समूह

प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल
एक ओर सरकार ‘महिला सशक्तिकरण’ का संदेश देती है, दूसरी ओर एक ही स्थान पर कई सालों से बैठे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिन पर महिलाओं का उत्पीड़न किया जाता है। और शासन प्रशासन के लोग महिलाओं के हितों को मर रहे हैं। आखिर क्यों एक गरीब स्व-सहायता समूह की फाइल 5 वर्षों तक दबाई रही? समूह ने कुछ पाया नहीं बस अपना सब कुछ खोती रही क्या प्रशासन इन महिलाओं को न्याय दिलाने में सक्षम होगा या उनका हक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा? इस तरह के भ्रष्टाचार को आखिर कब तक लोगों की उम्मीदों से खेलते रहेगा। स्व-सहायता समूह की महिलाओं मांग है कि जल्द से जल्द ठोस कारवाही की जाए। जाने रोज और कितने भ्रष्टाचार बड़वारा जनपद पंचायत के अधिकारियों के द्वारा किए जाते होगे। सच सबके सामने आना चाहिए

नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नक़ल करने वाले छात्र हुए pass

प्रभारी प्राचार्य की संलिप्तता से बहोरीबंद उत्कृष्ट विद्यालय में छात्रों को नकल कराने का मामला, शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है।
कटनी
(ईएमएस) शासकीय नवोदय आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नकल की घटना काफी समय से सुर्खियों में है। परीक्षा के परिणाम आने के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद में केंद्रीय नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान, प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राय ने परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के साथ मिलकर कुछ छात्रों को नकल करने की अनुमति दी थी। इसके बाद एक सामान्य अभिभावक ने 19 दिसंबर 2025 को अपनी पहचान गुप्त रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री, नवोदय विद्यालय समिति और जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी थी।19 जनवरी 2026 को नवोदय विद्यालय समिति भोपाल ने नकल के गंभीर मामलों की जांच के लिए नवोदय विद्यालय बड़वारा को निर्देश दिए थे। 22 जनवरी 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कटनी ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोज गर्ग और बीआरसी प्रशांत मिश्रा को नोटिस भेजा, जिसमें कहा गया कि नवोदय विद्यालय जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में नकल की घटना गंभीर है और तीन दिन के भीतर विभाग को जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था।
परिणाम
के बाद शिक्षक के करीबी सभी छात्र उत्तीर्ण हुए–
17 मार्च 2026 को नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। महावीर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बहोरीबंद में जिन छात्रों को नकल कराई गई, उनमें से एक छात्रा के अलावा सभी उत्तीर्ण हो गए हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान कुछ शिक्षकों के परिवार या रिश्तेदारों को नकल कराने का लाभ मिला था, और जिन छात्रों के नाम उजागर हुए हैं, वह नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए योग्य बताये जा रहे हैं।
आम
अभिभावक ने शिकायत दर्ज कर विद्यालय की पोल खोली–

महावीर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बहोरीबंद में आयोजित परीक्षा के दौरान जिन छात्रों को अनुचित लाभ देकर नक़ल कराई गई थी, उनमें छात्रा देविका सैनी, हेमांग रजक,(शिक्षक ललित रजक का भतीजा) पारुल नायक, (शिक्षक प्रदीप नायक की पुत्री), आराध्या नायक(शिक्षक अरविन्द नायक की पुत्री),संतीक्षा नायक(शिक्षक उमेश नायक की पुत्री),पारुल नायक (शिक्षक प्रदीप नायक की पुत्री) सहित एक अन्य छात्र की शिकायत नामजद की गई थी। यह भी आरोप थे कि उक्त छात्रों को परीक्षा के समय परीक्षा इयूटी में लगे कुछ शिक्षकों ललित रजक, प्रदीप नायक एवं दो अन्य शिक्षकों द्वारा प्राचार्य की मिलीभगत से उक्त गंभीर एवं बेहद निंदनीय कार्यों को अंजाम दिया गया जो परिणाम आने के बाद परीक्षा ड्यूटी के दौरान शिक्षकों पर लगाये गए आरोप सच साबित हो गए है।

आम
अभिभावकों में आक्रोश उत्पन्न हुआ–
महावीर
उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक महेंद्र राय के प्रति अभिभावकों का गुस्सा परिणामों के प्रकाश में बढ़ गया है। अभिभावकों का आरोप है कि प्रधान ने अपने पद की गरिमा को धूमिल किया है, जो नैतिक शिक्षा के विपरीत गंभीर गलत कार्यों में शामिल है। शिक्षण में धांधली, अनैतिक व्यवहार और पेशेवर लापरवाही से शिक्षा प्रणाली के खिलाफ गंभीर अपराध हुआ है।

इनका कहना है- मनोज गर्ग- बीईओ,बहोरीबंद। नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नक़ल कराने के मामले की जाँच नवोदय विद्यालय समिति ने स्वयं किया है।

15 करोड़ की लागत से बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट अब तक शुरू नहीं, मरीजों को नहीं मिल रही बेहतर सुविधा

कटनी. दो वर्ष से चल रहा निर्माण, अब भी 2-3 माह का इंतजार, लापरवाही और धीमी प्रगति पर उठ रहे सवाल
कटनी.
जिले के अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से सजी क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य पिछले दो वर्षों से चल रहा है, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट से क्षेत्र के मरीजों को बेहतर आपात चिकित्सा सेवा मिलने की आशा थी, जो अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यूनिट के चालू होने में अगले 2 से 3 महीने लग सकते हैं।
इस
क्रिटिकल केयर यूनिट में आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, यहाँ आइसोलेशन वार्ड और आर्थो (हड्डी रोग) वार्ड भी तैयार किए जा रहे हैं। भवन के पहले तल पर 26 बेड की क्षमता वाला वार्ड बनाया जा रहा है, जबकि दूसरे तल पर दो आधुनिक ऑपरेशन थियेटर और 16 बेड का आईसीयू स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, डायलिसिस हेतु 2 बेड की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। एक अन्य तल पर 16 बेड का एक और आईसीयू भी बनाने का प्रस्ताव है, जिससे गंभीर मरीजों की देखभाल की क्षमता में सुधार होगा।

सुविधाएं
हो रहीं प्रभावित
हालांकि,
निर्माण की धीमी गति के कारण मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में गंभीर मरीजों को सीमित संसाधनों में उपचारित किया जा रहा है, जिसके कारण कई बार उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों में रेफर होना पड़ता है। स्थानीय जनता और मरीजों के परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निर्माण कार्य की नियमित और प्रभावी निगरानी नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। यदि समय पर कार्य पूरा होता, तो जिले को अब तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल चुकी होती। अब देखना होगा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना को कितनी जल्दी पूरा कर पाते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

बड़वारा के 15 स्कूलों में 75 लाख का खेल! नियमों को ताक पर रखकर भोपाल के ठेकेदार को सौंपा मरम्मत का काम

बिना किसी टेंडर या कोटेशन के दिए गए कार्य, अधूरे प्रोजेक्ट के बावजूद भुगतान की योजना, बीइओ कार्यालय द्वारा चल रही प्रक्रिया और जिम्मेदार लोगों की चुप्पी पर उठी चिंताएँ। बड़वारा विकासखंड में स्थित 15 सरकारी विद्यालयों में निर्माण और सुधार कार्यों से संबंधित गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। हाल के वर्षों में बने विद्यालय भवन, जिनकी आयु 20 वर्ष से अधिक है, के लिए हर स्कूल को 5 लाख रुपये की राशि मरम्मत, पेंटिंग और शेड निर्माण हेतु मंजूर की गई है, लेकिन इस राशि के इस्तेमाल में नियमों का उलंघन हो रहा है। फिर भी, मरम्मत के लिए धन मिलने से विद्यालय प्रशासन उत्साहित है कि इससे विद्यार्थियों की सुविधाएँ बढ़ेंगी।

सूत्रों
से मिली जानकारी के अनुसार, बिना किसी टेंडर या कोटेशन प्रक्रिया के, भोपाल के एक ठेकेदार को एक जनप्रतिनिधि के दबाव में सीधे काम आवंटित किया गया। ठेकेदार ने एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में कार्य की शुरुआत तो की, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कार्य अधूरा ही रह गया है। इसके बावजूद, मार्च में बजट को शेष रखने के नाम पर बिना पूरे कार्य के ही भुगतान करने की तैयारी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि प्राचार्यों से उपयोगिता और पूर्णता प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं, जबकि कार्य स्थल पर वास्तव में काम अधूरा है। पूरा कार्य बड़वारा बीईओ कार्यालय के माध्यम से संचालित हो रहा है, जहां धन सीधे भोपाल मुख्यालय में पहुंचता है और वहीं से मनमाने तरीके से खर्च किया जा रहा है। इस सभी घटनाक्रम में जिला मुख्यालय स्तर पर कोई निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

इन स्कूलों के लिए आई है राशि

जानकारी के अनुसार बड़वारा विकासखंड के 15 स्कूलों के राशि आई है इनमें गुणाकलां, बिजौरी, निगहरा, राहनियां, खरहटा, पठरा, भजिया, बसाड़ी, गणेशपुर, भदौरा नंबर एक, लुहरवारा, विलायतकला, ठुठिया सलैया, नन्हवारा सेझा, मझगवां स्कूल शामिल है।

‘पुलिस को इतना मत बेचो कि ईमानदार आदमी नौकरी ही न कर पाए’, लिखकर हेड कॉन्स्टेबल ने पिया जहर

Neemuch News : नीमच में एक हेड कॉन्स्टेबल, होशियार सिंह ने विष का सेवन कर लिया है। उन्होंने चार पन्नों का आत्महत्या पत्र लिखा है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि पुलिस को इस हद तक मत गिराने दो कि ईमानदार व्यक्ति नौकरी नहीं कर सके। वर्तमान में इस मामले की जांच जारी है। नीमच: शहर के पुलिस लाइन में उस समय caos उत्पन्न हुआ, जब वहाँ एक हेड कॉन्स्टेबल ने उच्च अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। कनावटी पुलिस लाइन में तैनात 50 वर्ष के होशियार सिंह ने रविवार दोपहर एक विषैले पदार्थ का सेवन किया। इसके बाद वे स्वयं कंट्रोल रूम पहुंचे और मौजूद कर्मचारियों को इस घटना की सूचना दी। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी और उपचार के दौरान उन्होंने निधन कर दिया। वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाए गए
होशियार सिंह ने अपने आत्महत्या पत्र में रक्षित निरीक्षक (आरआई) विक्रम सिंह भदौरिया और लाइन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल प्रणव तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि नीमच पुलिस लाइन में सब कुछ बिक रहा है। रोजनामा लिखने से लेकर ड्यूटी लगाने के लिए कर्मचारियों से पैसे लिए जा रहे हैं। पत्र में पीड़ा के साथ यह लिखा गया है कि महोदय, पुलिस को इतनी भी न गिराओ कि ईमानदार लोग नौकरी ही न कर सकें। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसे लेकर ड्यूटी लगाता है। जो कर्मचारी पैसे देता है, उसे अच्छे स्थान पर तैनात किया जाता है, और जो नहीं देता, उसे प्रताड़ित किया जाता है। साहब के नाम पर वसूली का धंधा
आत्महत्या पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब भी भ्रष्टाचार का विरोध किया जाता था, तो उच्च अधिकारियों का डर दिखाया जाता था। होशियार सिंह ने लिखा कि प्रणव तिवारी कहता है कि वह और आरआई साहब उच्च अधिकारियों के व्यक्तिगत खर्चों का ध्यान रखते हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। होशियार सिंह ने डीजीपी, डीआईजी और एसपी से यह कहते हुए निवेदन किया कि यदि विभाग में ऐसा ही चलना है, तो उन्हें आत्महत्या की इजाजत दी जाए। उन्होंने ट्रेजरी गार्ड की नियुक्तियों में 5 से 10 हजार रुपये की अवैध वसूली की जांच की भी मांग की है। सिस्टम से हार गया एक पुलिसकर्मी
होशियार सिंह पिछले पांच दिनों से छुट्टी पर थे और सोमवार को उन्हें कार्य पर लौटने की आवश्यकता थी। लेकिन विभाग की बेरुखी और अपने सहकर्मियों के उत्पीड़न के कारण वे इतने टूट चुके थे कि उन्होंने ड्यूटी जॉइन करने के बजाय मृत्यु को चुनना अधिक उचित समझा। इस घटना के बाद शहर में चर्चाओं का जोर है। जबकि पुलिस विभाग इस मामले की जांच की बात कह रहा है, वहीं आम लोगों के बीच पुलिस की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

चार पन्नों का आत्महत्या पत्र लिखा
मौत से पहले होशियार सिंह ने चार पन्नों का एक आत्महत्या पत्र लिखा, जो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहा है। इस पत्र ने पुलिस विभाग में चल रहे वित्तीय खेलों और भ्रष्टाचार के मामले को उजागर कर दिया है।

Petrol Diesel Price Today : आज तय होगी पेट्रोल-डीजल की कीमत, आम आदमी को राहत या महंगाई का नया झटका

Petrol Diesel Rate Today दिन का आरंभ धूप के साथ नया पेट्रोल और डीज़ल मूल्य तय होने के साथ होता है, जिसका सीधा प्रभाव आम लोगों के वित्त पर पड़ता है। सुबह 6 बजे, राष्ट्रीय तेल कंपनियाँ नए मूल्यों की घोषणा करती हैं। ये मूल्य अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर आधारित होते हैं। ये परिवर्तन सभी की दिनचर्या पर असर डालते हैं। इसलिए, कीमतें देखना सिर्फ आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक समझदारी भरा चुनाव भी है। UAE ने फरवरी 2026 के लिए ईंधन की कीमतें जारी की हैं, जिसमें सभी श्रेणियों के पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्शाई गई है। आइए आज 10 फरवरी 2026 के नवीनतम मूल्यों पर नज़र डालते हैं।
अपने शहर में पेट्रोल और डीज़ल की नवीनतम दरें जानें
दिल्ली में

आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 94.77 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 87.67 रुपये है।

मुंबई में

आज पेट्रोल का दाम प्रति लीटर 103.54 रुपये है।

आज डीजल का दाम प्रति लीटर 90.03 रुपये है।

कोलकाता में

आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 105.45 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 92.02 रुपये है।

चेन्नई में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 100.84 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 92.39 रुपये है।

अहमदाबाद में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 94.68 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 90.35 रुपये है।

बैंगलोर में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 102.92 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 90.99 रुपये है।

हैदराबाद में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 107.50 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 95.70 रुपये है।

जयपुर में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 104.91 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 90.38 रुपये है।

लखनऊ में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 94.69 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 87.81 रुपये है।

पुणे में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 103.87 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 90.40 रुपये है।

इंदौर में

आज पेट्रोल की दर प्रति लीटर 106.81 रुपये है।

आज डीजल की दर प्रति लीटर 92.18 रुपये है।

पटना में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 105.41 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 91.66 रुपये है।

सूरत में

आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 94.69 रुपये है।

आज डीजल की कीमत प्रति लीटर 90.38 रुपये है।

नासिक में

आज पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 104.50 रुपये है।

आज डीजल का मूल्य प्रति लीटर 91.02 रुपये है।

10 फरवरी 2026 को कीमतों में उछाल और गिरावट दोनों दर्ज

10 फरवरी 2026 को भारत के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में निरंतर हलचल देखी जा रही है। पिछले सोमवार को इन दोनों कीमती धातुओं में वृद्धि देखने को मिली, हालाँकि मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों के कारण कीमतों पर थोड़ा दबाव भी दिखा। घरेलू बाजार में आज 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के आस-पास कारोबार कर रहा था, वहीं चांदी का मूल्य लगभग ₹3 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर है। वैश्विक स्तर पर डॉलर सूचकांक, अमेरिकी बांड उपज और आर्थिक अनिश्चिता का सीधा प्रभाव कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सप्ताह आई गिरावट के बाद सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने और चांदी की मांग में फिर से वृद्धि हुई है। इसीलिए बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव के बावजूद कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

प्रमुख नगरों में आज के मूल्य
देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में 10 फरवरी 2026 को सोना-चांदी के नवीनतम मूल्य इस प्रकार हैं

दिल्ली
24 कैरेट सोना: ₹1,58,060 / 10 ग्राम
चांदी: ₹3,01,900 / किलोग्राम

मुंबई
24 कैरेट सोना: ₹1,58,560 / 10 ग्राम
चांदी: ₹3,00,900 / किलोग्राम

चेन्नई
24 कैरेट सोना: ₹1,59,360 / 10 ग्राम
चांदी: ₹3,04,200 / किलोग्राम

कोलकाता
24 कैरेट सोना: ₹1,58,060 / 10 ग्राम
चांदी: ₹3,01,900 / किलोग्राम

मध्य प्रदेश में सोने के मूल्य (10 फरवरी 2026)
24 कैरेट सोना: लगभग ₹15,341 प्रति ग्राम (≈ ₹1,53,410 प्रति 10 ग्राम)
22 कैरेट सोना: लगभग ₹14,610 प्रति ग्राम (≈ ₹1,46,100 प्रति 10 ग्राम)
मध्य प्रदेश में चांदी के मूल्य (10 फरवरी 2026)
चांदी का मूल्य: लगभग ₹263,550 प्रति किलो (≈ ₹2,63,550)

इन दरों में आभूषण निर्माण प्रसंस्करण शुल्क और जीएसटी शामिल नहीं हैं। वास्तविक खरीदारी के समय स्थानीय ज्वेलर्स से अंतिम मूल्य की पहले पुष्टि करना आवश्यक है।

latest katni news जनसंतुष्टि के आधार पर थानों की रैंकिंग जारी, कोतवाली थाना अव्वल, सेकंड पोजीशन माधव नगर थाने की

कटनी। कटनी के पुलिस प्रमुख कलाकार ने जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने और गोलियों की बौछार में स्पष्टता के लिए एक नया विचार प्रस्तुत किया है। जनवरी 2026 के आंकड़ों पर आधारित जिलों में ज्वालामुखी की ‘जनसंतुष्टिक रैंकिंग’ प्रकाशित की गई है, जिसमें जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। इस तंत्र में डेटा एकत्र करने के लिए ट्राई फिमिलैमिक तंत्र पुलिस अधीक्षक की ओर से शुरू की गई है ।​​​​ ​एकांत में आने वाले डायलॉग्स का फ़्रॉम थ्री पार्ट लिया गया। इसमें शामिल हैं ‘ क्रॉस – कॉलिंग ‘ ।​​​​ जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, नासिक जिले में 98.30% जनसंतृप्ति सबसे शीर्ष पर है। जबकि, माधवनगर थाना ने 213 रिज़ॉर्ट जिले में ( सबसे अधिक ) 98.10% का उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। उमरियापान थाना 93.29% संतोष की दर के साथ तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ, कुछ नाटकों का प्रदर्शन पात्रों के अनुसार कम हो रहा है। अजाक थाना (83.33%), स्लिमनाबाद (84.12%) और बरही (84.41%) रैंकिंग में पीछे रह गये । कम रैंकिंग वाले निबंधों में सुधार के संकेत कलाकारों ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानेदारों और उनके सहयोगियों के निदेशकों और उन्हें पुरस्कृत किया । इसके साथ ही, निम्नलिखित सूची वाले क्लिप्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रवेश और व्यवहार में हैं

अच्छा सुधार ताकि नागरिक स्टेशनों से रेस्तरां लौट सकें। इसका पहला मकसद पुलिस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील, जिम्मेदार और जनता के प्रति समर्पित बनाना है।

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