तपती दुपहरी में सीईओ का कड़क एक्शन!

कटनी (2 अप्रैल)- मानव जीवन के लिए पानी का प्रत्येक कतरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्षा के जल को संरक्षित करना और इसके लिए उठाए गए कदमों का समर्थन करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है, और यदि हम सचेत नहीं हुए तो आगामी पीढ़ी का भविष्य गंभीर समस्याओं से प्रभावित होगा। इसे सुरक्षित रखने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से स्वीकृत अमृत सरोवर, चेकडैम, सोक पिट, खेत तालाब और अन्य जल संरचनाओं के लिए स्थान का चयन बहुत ही सावधानी से तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए किया जाए, और निर्धारित समय सीमा में अधूरे कार्यों को प्रमुखता से गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। इस संबंध में निर्देश जिला पंचायत की सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने गुरुवार को रीठी विकासखंड के छह या अधिक गांवों का आकस्मिक निरीक्षण करते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री और अन्य तकनीकी अधिकारियों को दिए। सुश्री कौर ने ग्राम पंचायत हथकुरी के नवापट्टी में सुनमान सिंह के खेत तालाब का निरीक्षण करते हुए स्थान चयन के प्रति अपने असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने तकनीकी स्वीकृति, व्यय राशि, और मूल्यांकन राशि आदि की जानकारी प्राप्त की।

13 लाख की चोरी का खुलासा

माधवनगर थाना क्षेत्र में बैंकिंग एजेंसी से लाखों रुपये की चोरी के संदर्भ में पुलिस ने चंद ही घंटों में मामले को सुलझा लिया। पुलिस ने अपराधी को पकड़कर उसके पास से अधिकांश चुराई गई नकदी भी बरामद कर ली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमित जैसवानी (40 वर्ष), जो कैरन लाइन में पानी की टंकी के पास रहते हैं, अपने घर से फिनो पेमेंट बैंक का डिस्ट्रीब्यूटर आउटलेट चलाते हैं। यहाँ पर जिले के माइक्रो फाइनेंस एजेंट नकद राशि जमा करते हैं, जिसे वे विभिन्न बैंकों में भेजते हैं। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन तथा बैंक की छुट्टियों की वजह से उनके पास लगभग 13 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। इसी बीच अनजान व्यक्ति ने पूरी राशि चुरा ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक कटनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्परता के साथ कार्रवाई करने के आदेश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में माधवनगर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने घटना स्थल के निकट के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हुई। साइबर सेल की सहायता से आरोपी का स्थान ट्रैक किया गया। जांच के दौरान जानकारी मिली कि संदिग्ध व्यक्ति जबलपुर की दिशा में भाग रहा है। इसके बाद, स्लीमनाबाद और सिहोरा थाना की पुलिस ने मिलकर उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम मगन यादव उर्फ राजवीर (46 वर्ष) है, जो कुठला, कटनी का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के पास से चुराई गई राशि में से 12,51,995 रुपये नकद, घटना के समय पहने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल की गई दोपहिया वाहन जब्त किया है। कार्रवाई में शामिल टीम में थाना प्रभारी संजय दुबे, उप निरीक्षक योगेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक अजीत बागरी, भूवनेश्वर बागरी, आरक्षक लोकेन्द्र, नवीन शुक्ला, महिला आरक्षक आरती, स्लीमनाबाद थाना प्रभारी सुदेश समन और सिहोरा थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बड़वारा विधायक के नाम दारू भट्टी हटाने जाने के लिए सौंपा ज्ञापन

बड़वारा विधायक के नाम विधायक जी के निज निवास जाकर दारू भट्टी हटाने जाने के लिए सौंपा ज्ञापन बड़वारा में बस्ती के बीच संचालित दारू दुकान से यहां से स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राए निकलते हैं। उनके साथ शराबी शराब पीकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। एवं आम जनों महिलाओं, बच्चे, बच्चियों को गलत शब्द बोलते हैं। चूंकि दुर्गा मंदिर के 100 मीटर के अंतर गत शराब दुकान संचालित है। चूंकि मंदिर होने के कारण यहां पर धर्म प्रेमी लगातार मंदिर आकर पूजा करते हैं और सभी त्योहारों पर यहां पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है । जैसे नवरात्रि, जवारा। जिससे धार्मिक भावना आहत होती है। जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को अपशब्द सुनना पड़ता है। विधायक महोदय से निवेदन है कि पिछले सत्र का ठेका लगभग सम्पत हो चुका आगामी वर्ष इस स्थान से दारू भट्टी को हटाया जाय। चूंकि पिछले साल भी ग्रामीणों के द्वारा दारू भट्टी को हटाने के लिए आंदोलन किया गया था । जिसमें कोई कार्यवाही नहीं की गई इस मौक पर जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, धनेंद्र, अनुज, रामखिलवान, करन, राजा, अंकुश, अनीत आदि ग्रामीण लोगों की मौजूदगी रही

ऑपरेशन शिकंजा जब शिकारी खुद शिकार बन गया,क्लाइमैक्स मे 500 का नोट बना फंदा फिल्मी जाल

सीक्रेट ऑपरेशन शिकंजा: जब शिकारी खुद ही शिकार बन गया, क्लाइमैक्स में 500 का नोट बना फंदा
फिल्मी
जाल, वास्तविक शिकंजा महिलाएं DSP और SDOP का वेश धारण कर रिश्वतखोर आरक्षक को पकड़ा, SP के कठोर कदमों से बहोरीबंद थाना हिल गया
कटनी
जिले के पुलिस विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा हमलाः हुआ कि पूरे संगठन को झकझोर कर रख दिया। वेश बदलकर ट्रैक्टर में बैठी महिला पुलिसकर्मियों ने एक आरक्षक को 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्यवाही केवल एक गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि यह पुलिस व्यवस्था में जिम्मेदारी और ईमानदारी की नई दिशा तय करने वाली साबित हुई।
सीक्रेट
ऑपरेशन ‘शिकंजा’: जब शिकारी खुद शिकार बन गया
किसानों
और ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली की निरंतर मिल रही शिकायतों ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। एक गुप्त योजना बनाई गई, जिसका नाम दिया गया ऑपरेशन शिकंजा। इस योजना के तहत स्लीमनाबाद के SDOP आकांक्षा चतुर्वेदी और प्रशिक्षु DSP शिवा पाठक को निर्धारित किया गया। सोमवार सुबह लगभग 5 बजे, टीम बहोरीबंद पहुंच गई। महिला अधिकारियों ने ग्रामीण महिलाओं का रूप धारण किया और एक ट्रैक्टर में सवार हो गईं। ट्रैक्टर चालक को पहले से पहचाना गया 500 रुपये का नोट दिया गया। निर्देश स्पष्ट थे, यदि कोई पुलिस कर्मी पैसे मांगे तो यही नोट थमाना है। स्लीमनाबाद मोड़ पर पहले से मौजूद बहोरीबंद थाना का मोबाइल वाहन चालक आरक्षक लक्ष्मण पटेल ट्रैक्टर को रोकता है। कार्रवाई की धमकी देकर वह 500 रुपये की मांग करता है। जैसे ही नोट उसके पास आता है, अचानक ट्रैक्टर में बैठी महिलाओं का असली रूप सामने आता है। महिला DSP और SDOP तुरंत बाहर निकलकर आरक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लेती हैं। पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो जाता है। यह दृश्य, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी। SP का सख्त कदम: तुरंत कार्रवाई, जीरो टॉलरेंस का संदेश
जैसे
ही वीडियो और रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के पास पहुंची, कार्रवाई में कोई देरी नहीं हुई। बहोरीबंद थाना प्रमुख अखिलेश दहिया को तत्कालन हटा दिया गया और रिश्वत लेते पकड़े गए आरक्षक लक्ष्मण पटेल को निलंबित कर दिया गया। पूर्व में आयी शिकायतों के आधार पर अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई की गई, यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि वर्दी में किसी प्रकार के दाग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिकायतों
का अतिक्रमण: कार्रवाई का इंतजार
बहोरीबंद
थाना क्षेत्र में लंबे समय से नियमित रूप से यह शिकायतें रही थीं कि वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली के लिए ट्रैक्टर चालकों से 500 से 1000 रुपये की मांग की जाती थी, कार्रवाई का भय दिखाकर शोषण किया जाता था। इतना ही नहीं, पहले भी हवलदार द्वारा की गई ऑनलाइन वसूली और SI द्वारा की जा रही रिश्वत मांगने के वीडियो वायरल होते रहे हैं।
महकमे
में हड़कंप: अब अगला कौन?
इस
फिल्मी शृंगार वाली घटना के बाद केवल कटनी में नहीं, बल्कि समूचे प्रदेश के पुलिस विभाग में हलचल उत्तेजित हो गई है। जहाँ-जहाँ अवैध वसूली के बारे में बातें थीं, वहां अब डर का माहौल पनप गया है। अब यह भय साफ देखा जा रहा है कि कहीं भी, कभी भी, कोई भी फंस सकता है। ईमानदार नेतृत्व का अनुकरण बनते हुए एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने यह घटना स्पष्ट कर दी है कि यदि नेतृत्व निष्कलंक और दृढ़ हो, तो प्रणाली में सुधार संभव है। अभिनय विश्वकर्मा ने यह सिद्ध किया कि शिकायतों की अनदेखी नहीं होगी। प्रणाली के भीतर की सफाई उतनी महत्वपूर्ण है जितनी कि बाहरी कानून व्यवस्था। उनके कार्यशैली ने आम जनता में विश्वास को बल प्रदान किया है।
वर्दी
की प्रतिष्ठा बनाम लालच की कीमत
यह
घटना केवल एक पुलिसकर्मी के पकड़े जाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच का प्रतिबिम्ब है जो प्रणाली को भीतर से कमजोर बनाती है। जब कानून के रक्षक ही कानून का उल्लंघन करने लगते हैं, तो आम जन का भरोसा टूटना स्वाभाविक होता है। हालांकि, इस कार्यवाही ने इस उम्मीद को भी सृजित किया है कि प्रणाली में अभी भी ऐसे अधिकारी हैं जो न केवल गलत को पहचानते हैं, बल्कि उसे समाप्त करने की हिम्मत भी रखते हैं। नियमित निगरानी की जवाबदेही तय करने और ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, तभी जनता का पुलिस पर विश्वास बना रह सकेगा।
एक
कार्यवाही, कई संदेश
बहोरीबंद
की यह गतिविधि केवल एक ट्रैप नहीं है, बल्कि उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो वर्दी की सुरक्षा में भ्रष्टाचार के खेल में लगे हुए हैं। कटनी से उठी यह आवाज अब समग्र प्रदेश में सुनाई दे रही है। ईमानदारी अब एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गई है।

अमेरिका-ईरान युद्ध से सोने में 17 वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण मार्च में सोने की कीमतें 17 वर्षों में सबसे ज्यादा गिरावट का सामना कर चुकी हैं, इस दौरान इस बहुमूल्य धातु की कीमत लगभग 14.5 प्रतिशत कम हो गई है।

इससे
पहले इतनी भारी गिरावट लगभग 17 वर्ष पूर्व देखी गई थी, जब अक्टूबर 2008 में सोने की कीमत लगभग 16.8 प्रतिशत घट गई थी।

वर्तमान
में कॉमेक्स पर सोने की कीमत लगभग 4,600 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, जब कि इस महीने के प्रारंभ में सोने का मूल्य लगभग 5,400 डॉलर प्रति औंस था।

विशेषज्ञों
का मानना है कि सोने में आए तीव्र गिरावट के लिए मुनाफा निकालना, डॉलर के सूचकांक में वृद्धि, बॉंड यील्ड का बढ़ना और कच्चे तेल जैसी अन्य वस्तुओं में वृद्धि जिम्मेदार हैं। इन सभी तत्वों ने सोने पर दबाव डाला।

विशेषज्ञों
ने आगे बताया कि पिछले चार वर्षों में सोने के व्यापार के तरीके में बदलाव आया है।

उन्होंने
कहा, “यूक्रेन युद्ध से पहले, सोने के दाम का बॉंड यील्ड और अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन के विपरीत संबंध था; जब ये सूचकांक घटते थे, तो सोने की कीमतें बढ़ती थीं, और जब ये सूचकांक बढ़ते थे, तो सोने की कीमतें घटती थीं।”

उन्होंने
आगे कहा, “यूक्रेन युद्ध के बाद की अवधि में इन संबंधों में पूरी तरह से बदलाव आया, खासकर 2025 और 2026 की प्रारंभिक अवधि में जब सोने की कीमतों में तेजी से वृद्धि देखी गई।”

ईरान
के युद्ध के बाद, सोने ने अपने पारंपरिक संबंधों को फिर से स्थापित किया है।

उन्होंने
कहा, “जब बॉंड यील्ड और अमेरिकी डॉलर दोनों में वृद्धि हुई, तब सोने ने इन मानकों के प्रति अपनी पारंपरिक विपरीत संवेदनशीलता को प्रदर्शित किया, जिससे इसकी कीमतों में कमी आई।”

हालांकि,
पिछले वर्ष में सोने ने बेहद ऊंची रैली दर्ज की है। डॉलर के मुकाबले सोने की कीमत पिछले एक साल में 45 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है। वहीं, पिछले छह महीने में सोने की कीमत में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

भू माफिया ने चौकीदार को बंधक बनाकर पीटा

कटनी। बरगवां स्थित एलआईसी भवन के निकट मंगलवार की सुबह लगभग 4 बजे एक गंभीर आपराधिक घटना हुई। गवाहों के अनुसार, 8 से 10 चेहरे ढंके व्यक्तियों के साथ आए एक कथित मुस्लिम समुदाय के भू-माफिया तथा उसके साथियों ने चौकीदार को बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पिटाई की और वहां की बाउंड्री वॉल को नष्ट कर दिया। बताया गया है कि हमलावरों ने पहले चौकीदार को रस्सियों से बांध दिया ताकि वह प्रतिरोध न कर सके, और फिर जेसीबी या अन्य उपकरणों की सहायता से दीवार को गिरा दिया। घटना के दौरान इस क्षेत्र में अत्यधिक डर का माहौल बन गया, और आस-पास के लोग भय के मारे अपने घरों में छिपे रहे। आश्चर्य की बात यह है कि सुबह लगभग 7:30 बजे वही संदिग्ध भू-माफिया फिर से वहां आया और गिरी हुई बाउंड्री वॉल के पास खड़े होकर वीडियो बनवाने लगा। इस पूरे घटनाक्रम से अवैध जमीन कब्जाने की उद्देश्य स्पष्ट है।

स्थानीय
निवासियों का आरोप है कि “नाज़िम” नामक व्यक्ति, जो क्षेत्र में भू-माफिया के तौर पर जाना जाता है, ने जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करने के इरादे से पहले से बने बाउंड्री वॉल को ध्वस्त करवाया है। घटना के बाद क्षेत्र के निवासियों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े अपराध के बावजूद पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी, जिससे अपराधियों का मनोबल ऊँचा है। स्थानीय नागरिकों ने आरोपियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है और अवैध कब्जों को समाप्त करने की गुजारिश की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पड़ताल आरंभ कर दी है। चौकीदार का बयान दर्ज किया जा रहा है और लोगों ने आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस के कार्यपालिका और कथित भू-माफिया के बीच सम्बन्ध जगजाहिर हैं, इसलिए लोगों ने इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कठोर कदम उठाने की अपील की है। ध्यान देने योग्य है कि यह मुद्दा पहले से ही विवादित रहा है। बरगवां निवासी पैट्रिक डन ने एडीएम और तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनकी करोड़ों रुपये की पैतृक भूमि, जो एलआईसी कार्यालय के पीछे स्थित है, पर कुछ असामाजिक तत्व लगातार निर्माण कार्य में रुकावट डाल रहे थे।

पीड़ित
के अनुसार, यह भूमि खसरा नंबर 209, 210 और 211 में दर्ज है, जो पटवारी हल्का बरगवां, तहसील कटनी नगर, जिला कटनी में находится है। उन्होंने खुद को जमीन का कानूनी मालिक और कब्जाधारी बताते हुए सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ दिनों से अज्ञात लोग मजदूरों को धमका रहे थे, काम रोकने का दबाव बना रहे थे और धन की मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही थी। इसके बाद, निर्माण पूर्ण होने पर बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया गया।
पीड़ित
पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं, माधवनगर थाने के प्रभारी संजय दुबे ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस मामले में किस प्रकार के कदम उठाता है और आरोपियों पर कार्रवाई कब तक की जाती है।

अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बडवारा पुलिस की सख्त कार्रवाई, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा की देखरेख में जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया और डीएसपी मुख्यालय श्री रत्नेश मिश्रा के निर्देशन में बडवारा थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की।

घटना
का विवरण – 30/03/2026 को बसाडी मोड़ पर पुलिस ने जांच के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रेत से भरा हुआ संदेहास्पद स्थिति में पाया। जब चालक से जानकारी मांगी गई, उसने बताया कि उसका नाम अजय साहू है, पिता का नाम रज्जू साहू है, वह 23 साल का है और ग्राम बसाडी, थाना बडवारा, जिला कटनी का निवासी है। पुलिस ने उसे वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के लिए कहा, लेकिन चालक ने कोई दस्तावेज नहीं पेश किया। इसके बाद पुलिस ने उसे अवैध रेत परिवहन करते हुए तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उपस्थित गवाहों के सामने ट्रैक्टर और रेत भरी ट्रॉली को विधिवत रूप से जब्त कर लिया गया और जब्ती पंचनामा बनाया गया। जब्त की गई गाड़ी को थाना परिसर में सुरक्षित ढंग से रखा गया है।

इस
मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस अधिनियम की धारा 106 के तहत विधिक कदम उठाए गए हैं।

विशेष
योगदान- इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के.के. पटेल, सहायक उपनिरीक्षक रघुवीर सिंह, आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी, और आरक्षक गौरीशंकर राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

MP में मिसाल बना कटनी: प्रदेश का पहला यातायात थाना जहाँ ‘सिम्युलेटर’ से दी जाएगी ड्राइविंग की ट्रेनिंग

कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले ने सड़क सुरक्षा और नई तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। सोमवार, 30 मार्च 2026 को कटनी ट्रैफिक थाने में अत्याधुनिक “ट्रैफिक पाठशाला” और “वर्चुअल ड्राइविंग सिम्युलेटर रूम” का शानदार उद्घाटन किया गया। इस पहल के साथ ही कटनी ट्रैफिक थाने, प्रदेश का ऐसा पहला थाना बन गया है जहाँ जन-सहयोग से नई सिम्युलेटर स्थापित किए गए हैं।

एसपी ने किया शुभारंभ, छात्र बने पहले ‘वर्चुअल राइडर’
इस खास प्रोजेक्ट का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा (IPS) द्वारा रिबन काटकर किया गया। उद्घाटन के समय DAV स्कूल के छात्रों को सिम्युलेटर के माध्यम से वर्चुअल राइडिंग का अनुभव दिया गया। एसपी श्री विश्वकर्मा ने बताया कि इस नए सेटअप का लक्ष्य युवाओं को सड़क पर उतरने से पहले एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण में ड्राइविंग की तकनीक और यातायात संकेतों की “सांकेतिक भाषा” समझाना है।

कैल्डेरिस (कैलरी) कंपनी का विशेष सहयोग
यह प्रोजेक्ट कैल्डेरिस कंपनी के सहयोग से बनाया गया है। उद्घाटन के दौरान कंपनी के डीआईओपी श्री सतेन्द्र सिंह और प्लांट हेड श्री प्रियव्रत विश्वास भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने इस जन-सहयोग की सराहना करते हुए इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

क्या हैं इस आधुनिक केंद्र की विशेषताएं?
वर्चुअल ड्राइविंग सिम्युलेटर: बिना वास्तविक वाहन के स्क्रीन और कंट्रोलर के जरिए ड्राइविंग की शिक्षा दी जाएगी। इससे नए चालकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और गलतियों की संभावना कम होगी।
ट्रैफिक पाठशाला: स्कूल के बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जहाँ उन्हें ट्रैफिक संकेत और सुरक्षित यात्रा के नियम सिखाए जाएंगे।
ऑनलाइन DL प्रक्रिया: केंद्र पर ‘सारथी पोर्टल’ के जरिए लर्निंग लाइसेंस के आवेदन, आधार सत्यापन और ऑनलाइन परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट तरीके से समझाया जा रहा है।

दुर्घटनाएं कम करने की दिशा में मील का पत्थर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने कहा, “यह कटनी के लिए गर्व की बात है कि हमारा थाना प्रदेश में इस नए विचार की शुरुआत करने वाला पहला केंद्र बना है। यह तकनीक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार साबित होगी।”

कक्षा 3 की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान गंदे कपड़े और नहाकर न आने के चलते टीचर ने स्कूल से था

पीड़ित परिवार ने स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस ने इस मामले की जांच आरंभ कर दी है। मृतक की बहन भी इसी स्कूल में पढ़ती है। उसने बताया कि उसकी बहन को स्कूल से बेइज्जत करके निकाला गया था। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कन्नौज में एक शिक्षिका ने गंदे कपड़े और नहाकर न आने के कारण तीसरी कक्षा की छात्रा को डांटकर बहुत बेइज्जत किया। इतना ही नहीं, उसे शिक्षकों ने स्कूल से भगा दिया। 4 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गुरुजनों के व्यवहार से आहत नन्ही छात्रा ने घर पहुँचकर मां की साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की मां ने दो महिला शिक्षिकाओं समेत 4 पर बेइज्जती और बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है।

प्राइमरी स्कूल गई थी छात्रा
कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के बेहटा रामपुर गांव निवासी अजय बाथम की 6 वर्षीय बेटी निधि गांव के प्राइमरी स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा है। निधि की मां आरती ने थाना पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा कि शनिवार सुबह हमारी बेटी निधि प्राइमरी स्कूल निवारी रामपुर में पढ़ने गई थी। मारपीट भी की और टॉर्चर भी किया।
स्कूल में शिक्षक ने कहा कि गंदे कपड़े पहनकर आएगी तो स्कूल में नहीं आने देंगे, उसने मारपीट भी की और टॉर्चर भी किया। मृतक की मां ने आगे कहा, ‘हमारी बेटी रोते हुए घर पहुंची, और जब हमने उसकी रोने की वजह पूछी तो उसने कुछ नहीं बताया और घर के बरामदे में धोती से फंदा बना लिया।’ आरोपी टीचर्स के नाम सामने आए।
वहीं, आरती की दूसरी बेटी रिया ने बताया कि स्कूल में शिक्षक ने मारपीट और टॉर्चर किया, वो भी न नहाने और गंदे कपड़े पहनने के कारण। उसने बताया कि इससे पहले भी कई बार निधि के साथ मारपीट और परेशान किया गया था। मां आरती की शिकायत पर टॉर्चर करने वाले शिक्षक रोहित, मृदुला, आकांक्षा और महेंद्र सिंह के खिलाफ दो धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

दहेज हत्या का इनामी आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार

कटनी: थाना एन. के. जे. पुलिस ने लगभग छह महीने से फरार दहेज हत्या के इनामी आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी आशीष मालवीय, जिसके लिए पुलिस अधीक्षक ने ₹2000 का इनाम निर्धारित किया था, उसे जबलपुर के खजरी खिरिया बायपास से घेराबंदी कर पकड़ा गया।

क्या था पूरा मामला?
यह मामला 19 सितंबर 2025 का है, जब कटनी के सरकारी अस्पताल से एक नवविवाहिता की मृत अवस्था में लाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मर्ग जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने थाना एन. के. जे. में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से मृतिका का पति आशीष मालवीय फरार था।

इनाम और साइबर सेल की मदद से हुई गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने आरोपी पर ₹2000 का इनाम घोषित किया था। एसपी के निर्देशन और एएसपी संतोष डेहरिया व डीएसपी (मुख्यालय) रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई थी।
साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जबलपुर में छिपा हुआ है। दिनांक 29 मार्च 2026 को एन. के. जे. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जबलपुर के पास से आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल कटनी भेज दिया गया है।

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