बड़वारा में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

बड़वारा/कटनी।
कटनी जिले के बड़वारा तहसील क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध शराब के काले कारोबार और गांव-गांव खुली अवैध पैकारियों के खिलाफ अब जनता का सब्र पूरी तरह टूट चुका है। प्रमुख समाजसेवी एवं आंदोलनकारी जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में लंबे समय से चलाए जा रहे अभियानों, बार-बार की शिकायतों, कलेक्टर जनसुनवाई में गुहार और पूर्व में शेर चौक व मिशन चौक पर हुए उग्र धरना-प्रदर्शनों के बावजूद जब पुलिस और आबकारी विभाग की नींद नहीं टूटी, तो ग्रामीणों और जन-प्रतिनिधियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

नायब तहसीलदार बड़वारा और थाना प्रभारी बड़वारा को ‘संयुक्त अंतिम स्मरण पत्र’ सौंपते हुए जय सूर्यवंशी एवं आंदोलनकारियों ने 7 दिनों के भीतर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


जय सूर्यवंशी का आरोप: आंदोलनों और जनसुनवाई की फाइलों को प्रशासन ने दबाया!

मामले में जानकारी देते हुए जय सूर्यवंशी ने बताया कि बड़वारा क्षेत्र में अवैध शराब और पैकारी बंद कराने के लिए उनके व क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से लगातार संघर्ष किया जा रहा है।

  • कलेक्टर जनसुनवाई में गुहार: कटनी कलेक्टर की साप्ताहिक जनसुनवाई और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को जय सूर्यवंशी और ग्रामीणों ने दर्जनों बार लिखित शिकायतें दर्ज कराईं।
  • सड़कों पर प्रदर्शन व चक्काजाम: पूर्व में भी बड़वारा के शेर चौक और मिशन चौक पर जय सूर्यवंशी की अगुवाई में ग्रामीणों ने उग्र धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और चक्काजाम किया था।
  • खोखले आश्वासन: हर बार प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द से जल्द अवैध शराब और पैकारियों पर शिकंजा कसने का आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन, शराब माफियाओं के हौसले और बुलंद होते गए।

‘नवरात्रि और त्योहारों में पावन स्थलों पर छलकाए जा रहे जाम’

ताजा ज्ञापन में ग्रामीणों एवं जय सूर्यवंशी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़वारा थाना व तहसील अंतर्गत मुख्य मार्गों, ढाबों, किराना दुकानों और दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों में खुलेआम अवैध शराब परोसी जा रही है।

तस्करों व माफियाओं की बेखौफी का आलम यह है कि आने वाले पवित्र त्यौहारों और नवरात्रि के पूरे 9 दिनों के दौरान भी इन अवैध पैकारियों पर शराब की बिक्री बेरोकटोक जारी रहती है। जय सूर्यवंशी ने मांग की है कि जन-आस्था को ठेस पहुंचने से रोकने के लिए त्यौहारों में शासकीय शराब दुकानों के साथ-साथ इन तमाम अवैध ठिकानों और पैकारियों को पूर्णतः सील और बंद कराया जाए।


नारकीय बना महिलाओं का जीवन, सुरक्षा पर मंडराया संकट

क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही अवैध पैकारियों के कारण असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।

  • असुरक्षित महसूस कर रहीं बेटियां: मुख्य सड़कों और तिराहों पर शराबियों के जमावड़े के कारण स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं, बेटियों और महिलाओं का निकलना दूभर हो गया है।
  • घरेलू हिंसा और विवाद: गांव-गांव तक पहुंची सस्ती और जहरीली शराब के कारण घरों में कलह, घरेलू हिंसा और आपसी झगड़ों की घटनाएं रोजाना बढ़ रही हैं।

7 दिन की अंतिम चेतावनी: बड़वारा तहसील और थाने का होगा घेराव

प्रशासनिक लापरवाही से क्षुब्ध होकर जय सूर्यवंशी, निवेदक ग्रामीणों, समाजसेवियों और क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है:

“यदि इस ज्ञापन के प्राप्त होने के आगामी 7 दिनों के भीतर क्षेत्र की चिन्हित पैकारियों व अवैध शराब बेचने वालों पर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी कर सख्त FIR दर्ज नहीं की जाती, तो समस्त ग्रामीण बड़वारा तहसील एवं थाना परिसर के सामने ‘अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं चक्काजाम’ करेंगे। इस दौरान उत्पन्न होने वाली समस्त कानून-व्यवस्था एवं अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन की होगी।”

अब देखना यह होगा कि इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर किसी बड़े जन-आंदोलन का इंतजार करता है।


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