1 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर कटनी जिले के जनप्रतिनिधियों तथा राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस बजट को “विकसित भारत 2047” के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि कांग्रेस के सदस्यों ने इसे आम जनता के खिलाफ और कॉरपोरेट समर्थक कहा है। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ने बजट पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “यह बजट एक खाली झुनझुने की तरह है, जिसमें न तो कोई आवाज़ है और न ही प्रभाव। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे आवश्यक क्षेत्रों की अनदेखी करते हुए सरकार ने कॉरपोरेट के स्वार्थों को प्राथमिकता दी है। गांव, किसान और खेती इस बजट में कहीं नजर नहीं आते। यह केवल गलती नहीं, बल्कि एक राजनीतिक बयान है।” इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एड. अमित शुक्ला ने इसे जनविरोधी, युवा-विरोधी और गरीब-विरोधी बताते हुए कहा कि देश के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, लेकिन बजट में रोजगार सृजन के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं दी गई है। गैस सिलेंडर की कीमत ₹1150 तक पहुँच चुकी है, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं, जिससे महंगाई बेकाबू हो गई है। यह बजट आम नागरिकों के हित में नहीं, बल्कि कुछ बड़े पूंजीपतियों के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने सरकार से महंगाई को नियंत्रित करने, ईंधन और गैस की कीमतें घटाने और शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार के लिए विशेष पैकेज की मांग की। प्रदेश उपाध्यक्ष, मप्र कांग्रेस आईटी सेल शशांक गुप्ता ने कहा कि “यह बजट अज्ञात लोगों को लाभ पहुँचाने वाला है। देश केवल आंकड़ों द्वारा नहीं, बल्कि जनता के भरोसे से चलता है। बढ़ती महंगाई और घटते रोजगार के बीच यह बजट आम जनता को कोई सहारा नहीं देता, इसलिए इसे निराशाजनक कहा जा सकता है।” वरिष्ठ अधिवक्ता और नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन ने भी बजट को आंकड़ों की चालबाज़ी बताते हुए कहा कि युवाओं, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। आयकर में राहत नहीं देकर मध्यम वर्ग की अनदेखी हुई है। यह बजट वास्तविकता से दूर एक दिखावटी दस्तावेज है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बजट का स्वागत किया है। विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने कहा कि केंद्रीय बजट आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहित करने वाला है, जिसमें गरीब, महिलाएँ, किसान और युवा पर ध्यान दिया गया है। ‘सबका साथ–सबका विकास’ की झलक इस बजट में स्पष्ट दिखाई पड़ती है। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत आधार रखता है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और रोजगार से संबंधित उपाय देश के भविष्य का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करते हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के लिए कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत को और अधिक मजबूत बनाएगा। उन्होंने लगातार तीसरी बार बजट पेश करने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। कटनी की महापौर प्रीति संजीव सूरी ने बजट को आम जनता को राहत देने वाला कहा, यह बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया है और इससे सामान्य लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 पर कटनी में राजनीतिक मतभेद स्पष्ट हैं—जहां भाजपा इसे विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानती है, वहीं कांग्रेस इसे आम जनता की अपेक्षाओं से कोसों दूर बताती है।
