शहर में बिना अनुमति और लाइसेंस के खुलेआम दूध की पैकेजिंग से लोगों की सेहत को खतरा पहुँचाया जा रहा था। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई एक छापेमारी ने इस गंभीर स्थिति को उजागर किया।
लालता चौक पर स्थित विजय डेयरी फार्म में जांच के दौरान यह पाया गया कि दूध को बिना किसी वैध प्रमाण पत्र के पैक कर बेचा जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जिस स्थल पर दूध की पैकेजिंग की जा रही थी, वहां स्वच्छता की स्थिति अत्यंत खराब थी।
खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से 75 पैकेट दूध जब्त कर पैकेजिंग मशीन को सील कर दिया। दूध, पनीर, खोआ और घी सहित छह विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं।
इसी जांच अभियान में गौशाला चौक पर मौजूद ज्ञान डेयरी में भी दस्तावेजों की कमी पाई गई, जहां संचालक कोई वैध रिकॉर्ड नहीं दिखा सका।
यह सवाल उठा है कि यदि बिना लाइसेंस और निगरानी के वर्षों से दूध की पैकेजिंग जारी थी, तो जिम्मेदार विभाग अब तक क्या कर रहा था? वर्तमान में विभाग ने नोटिस जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सतना के लोग अब तक किस प्रकार का दूध पीने को बाध्य थे।
