राजधानी के एक हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा की मृत्यु पर पुलिस जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि उसकी हत्या गैंगरेप करने के बाद की गई, जबकि पटना पुलिस का कहना है कि उसकी मृत्यु नींद की गोली के कारण हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी विनय कुमार ने एक सात सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व पूर्वी सिटी एसपी परिचय कुमार करेंगे। जांच की प्रतिदिन समीक्षा आईजी जितेंद्र राणा द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एसआईटी के गठन की पुष्टि की है।
मुन्नाचक में स्थित हॉस्टल में रहकर नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा का पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आया है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि छात्रा के प्राइवेट हिस्से पर गंभीर चोटें थीं और ब्लीडिंग पाई गई है। रिपोर्ट में गाल, गर्दन, माथा, भौंह, कंधे, बांह और कलाई पर नाखूनों के द्वारा खरोंच के कई निशान भी मिले हैं। शरीर पर गहरे नीले और हरे रंग की चोटों का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा के साथ बलात्कारी व्यवहार किया गया और उसने खुद को बचाने की कोशिश की। हालांकि, मृत्यु के निश्चित कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, मगर यौन हमले की संभावना को खारिज नहीं किया गया है।
