राज्य शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा पहले से निर्धारित योजना के तहत क्रमोन्नति, क्रमोन्नति एरियर्स, अतिथि शिक्षकों की वेतन और अवकाश के साथ-साथ लंबित समस्याओं के समाधान के लिए जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने कलेक्टर महोदय को ज्ञापन दिया। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सरकारी आदेशों के बावजूद क्रमोन्नति और एरियर्स का भुगतान नहीं हो रहा है जबकि सरकार द्वारा कई महीने पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं। इसे शासन की अवहेलना कहा जा सकता है। शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि
अब केवल आश्वासन नहीं, हमें समाधान चाहिए।
अगर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया, तो राज्य शिक्षक संयुक्त मोर्चा को चरणबद्ध आंदोलन का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। शिक्षकों ने यह भी कहा कि
जो व्यवस्था शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए मजबूर करती है, वह प्रतिकूल व्यवस्था है। इस कार्यक्रम में संजय अग्रवाल, नवनीत चतुर्वेदी, जे.पी. हल्दकार, रमाशंकर तिवारी, आशीष उरमलिया, संजय मिश्रा, अखिलेश पांडेय, सुशील तिवारी, इलयास खान, रामाधार सोनू सरावगी, कंचन पांडेय, किशन लाल भुमियाँ, राम बाई कोल, रश्मि खरे, विमलेश तिवारी, रेखा पटेल, रामबाई कोल, रमा यादव, मनीष दीक्षित, उमेश गर्ग, दिनेश पाली, रोहित तिवारी, ब्रजेश मिश्रा, सुखदेव चौरसिया, फूल सिंह धुर्वे, सावित्री वर्मा, श्रवण पाठक, बसंत पांडेय, अभिनय मिश्रा, राममित्र हल्दकार, साबिर खान, उपेंद्र शर्मा, देवी सिंह, फहीम खान, पीयूष त्रिपाठी, नेहा ठाकुर, रश्मि तिवारी, दमयंती डेहरिया, अलका दहायत सहित अनेक शिक्षक साथी शामिल हुए। आज के इस आंदोलन में राज्य कर्मचारी संघ, राज्य अध्यापक संघ, शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस, आजाद अध्यापक संघ, आजाद शिक्षा परिषद, PMUMS कर्मचारी कल्याण कोष संघ, NMOPS पुरानी पेंशन बहाली संघ, समग्र शिक्षक संघ, और अतिथि शिक्षक संघ के नेताओं और पदाधिकारियों की गर्वमयी उपस्थिति रही।
राज्य शिक्षक संयुक्त मोर्चा, कटनी
