धान के अवैध परिवहन और भंडारण पर जिला प्रशासन की कड़ी नजर, राजस्व, खाद्य एवं कृषि उपज मंडी की संयुक्त टीम ने की जांच
चार वेयरहाउस में संग्रहीत कृषि उपज का किया गया आकस्मिक निरीक्षण
फिजिकल सत्यापन में 77 हजार 488 बोरियों में 30 हजार 993 क्विंटल धान का पाया गया। वेयरहाउस प्रबंधकों से निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी मांगी गई।
कटनी – जब से समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया आरंभ होने वाली है, तब से अवैध तरीके से धान का भंडारण और परिवहन करने वाले व्यक्तियों, दलालों, व्यापारियों, और मध्यस्थों पर जिला प्रशासन की पैनी निगाह बनी हुई है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने राजस्व, खाद्य और कृषि उपज मंडी की संयुक्त टीम को निर्देश दिए हैं कि सभी गतिविधियों पर नजर रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशों का पालन करते हुए चार वेयरहाउस में संग्रहीत कृषि उपज का आकस्मिक सत्यापन किया गया। इस अवसर पर इन वेयरहाउसों के भौतिक सत्यापन में 77 हजार 488 बोरियों में 30 हजार 993 क्विंटल धान पाया गया।
इस सत्यापन के दौरान श्रीनिवास वेयरहाउस मझगवां में 19 हजार 352 बोरियों में 7 हजार 740 क्विंटल धान, श्रीराम कृष्णा वेयरहाउस और एग्रो सर्विसेज मझगवां फाटक से 6 हजार 647 बोरियों में 2 हजार 658 क्विंटल धान, मधुर महादेव वेयरहाउस से 15 हजार 808 बोरियों में 6 हजार 323 क्विंटल धान, और गुप्ता वेयरहाउस से 35 हजार 681 बोरियों में 14 हजार 272 क्विंटल धान शामिल थे।
कृषि उपज मंडी के सचिव ने बताया कि 1972 के अधिनियम में उल्लिखित प्रावधान के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। भौतिक सत्यापन दल में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला, तहसीलदार रामटेके, श्री मौर्य, श्री अतुलेश सिंह नायब तहसीलदार, यज्ञ दत्त त्रिपाठी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, खगेश गुप्ता एस ए डी ओ, और के के नरगांवे सचिव कृषि उपज मंडी, श्री सुधीर त्रिपाठी सहायक उप निरीक्षक कृषि उपज मंडी, विकास नारायण मिश्र सहायक उप निरीक्षक कृषि उपज मंडी शामिल थे।
निर्धारित फॉर्मेट में दें जानकारी
वेयरहाउस प्रबंधकों को एक पत्र भेजकर उनसे निर्धारित फॉर्मेट में 24 घंटे के भीतर अधिसूचित कृषि उपजों की संपूर्ण जानकारी मांगी गई है। ताकि धान की खरीद आरंभ होने से पहले भंडारित कृषि उपज का विधिवत निराकरण किया जा सके।
