मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार (8 नवंबर) को बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिमा जलाने को लेकर बड़ा हंगामा हुआ। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता शास्त्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिस पर हिंदू संगठनों ने तीव्र प्रतिक्रिया दी।
पहले दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी हुई, जो जल्दी ही पत्थरबाजी में बदल गई। स्थिति के बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज और जलक cannon का इस्तेमाल कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
सूत्रों के अनुसार, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता, ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष केशव यादव की अगुवाई में, अंबेडकर पार्क से रैली का आयोजन कर रहे थे। उनका लक्ष्य ग्वालियर चौराहे के निकट पं. धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिमा को जलाना था।
इस बीच, वहां पहले से उपस्थित हिंदू संगठनों के सदस्यों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। हिंदू संगठनों ने जवाब में दामोदर यादव की प्रतिमा को जलाया। पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर दोनों पक्षों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
थाने से लौटते वक्त बढ़ी टकराव की स्थिति
बाद में, भीम आर्मी के सदस्य इंदरगढ़ थाने पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों ने उन्हें जातिगत गालियों का सामना करना पड़ा और उनके कार्यक्रम में हस्तक्षेप किया गया।
आपस में टकराने के बाद, थाने से वापस लौटते समय दोनों समूह फिर से आमने-सामने आ गए और वहां भीषण पत्थरबाजी शुरू हो गई।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
स्थिति के बिगड़ने पर, पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए लाठीचार्ज किया और जलक cannon का इस्तेमाल करके भीड़ को फैलाया। इस अफरातफरी और लाठीचार्ज में तीन लोग घायल होने की खबरें आई हैं।
विरोध की वजह क्या थी?
यह विवाद बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ के विरोध से शुरू हुआ। दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने हाल ही में इस यात्रा के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका डाली थी।
यादव का कहना है कि शास्त्री ने हरियाणा में उनके साथ अभद्रता की और उन्हें धमकाया था। इसके प्रतिरोध में दामोदर यादव के भाई केशव यादव ने इंदरगढ़ में यह प्रतिमा जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया था।
पुलिस का आधिकारिक विवरण
कस्बे में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीओपी (SDOP) अजय कुमार संदीप ने बताया कि पुलिस ने दोनों संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली है और नियमित रूप से शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु अतिरिक्त बल तैनात किया है।
