तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर

थाना कुठला क्षेत्र में पहरुआ मंडी में एक तेज गति से चल रही कार ने एक ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर दे दी। इस दुर्घटना में ई-रिक्शा का चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि उसका वाहन काफी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।ड्राइवर ने बताया कि वह ड्राइविंग का काम करता है और अपने परिवार के लिए ई-रिक्शा चलाकर जीवनयापन करता है। उसके ई-रिक्शा का नंबर MP21ZG-0529 है। 08 नवंबर 2025 को सुबह लगभग 11:30 बजे वह बस स्टैंड से अपने घर पहरुआ लौट रहा था। तभी चमड़ा गोदाम के पास मुख्य सड़क पर पीछे से आने वाले एक कार चालक ने लापरवाही से अपनी कार को तेजी से चलाते हुए ई-रिक्शा में जोरदार टकरा दिया।इस टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ई-रिक्शा को नुकसान पहुँच गया, लेकिन किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई। घटना के स्थल पर कार चालक कुछ समय तक रुका रहा, तब पीड़ित ने उसकी कार का नंबर MP21ZA-7136 देखा। जब चालक को टक्कर के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा, “मैं कार ठीक करवा दूंगा,” और फिर वह वाहन के साथ वहाँ से चला गया।पीड़ित ने यह भी कहा कि कई दिनों के बीत जाने के बाद भी कार चालक ने अपना वादा नहीं निभाया और न ही कोई मुआवजा दिया। अंततः उसने थाना कुठला जाकर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई।

मुस्कान विशेष अभियान” के तहत उमरिया पान पुलिस ने दो नाबालिक लड़की को दस्तयाब किया

“मुस्कान विशेष अभियान” के अंतर्गत उमरिया पान पुलिस ने दो युवा लड़की को प्राप्त कर उनके परिवार के हवाले किया।
मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 01.01.25 से 30.11.25 तक “मुस्कान विशेष अभियान” चलाया जा रहा है।

इस परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य लापता नाबालिग लड़कियों की अधिकतम संख्या को ढूंढना है।
श्री पुलिस अधीक्षक महोदय अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में और श्री अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया तथा एसडीओपी महोदय स्लीमनाबाद के सहयोग में थाना उमरिया पान पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत दो लापता नाबालिग बहनों को खोज निकाला।

परिजनों ने थाना उमरिया पान में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्ष 10 महीने की और 13 वर्ष की बेटियाँ घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं, जिनका कोई पता नहीं चल रहा था। शिकायत के आधार पर मामला नंबर 193/25 धारा 137(2) bns के तहत दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।


जांच के दौरान दोनों लापता बहनों को अहमदाबाद, गुजरात से खोजकर उनके परिवार के सुपुर्द किया गया।
पुलिस कार्रवाई में महत्त्वपूर्ण योगदान – उप निरीक्षक थाना प्रभारी दिनेश तिवारी, एएसआई गया प्रसाद मंगोरे, प्रधान आरक्षक अजय तिवारी, अजय सिंह, आशीष मेहरा, आरक्षक योगेश पटेल, मनोज कुम्हरे, मोहन मुबेल, अनिल पांडेय, नीलेश पटेल, महिला आरक्षक दुर्गा शुक्ला, महिला आरक्षक नैना कश्यप, पुलिस लाइन कटनी और साइबर सेल कटनी की अहम भूमिका रही। दोनों को उनके परिवार के पास लौटाया गया।

कटनी जिला अस्पताल में 2 साल का बच्चा गुम। पुलिस ने खोजा ।

कटनी के अस्पताल में एक 2 वर्षीय बच्चा खो गया, कोतवाली पुलिस ने थोड़ी ही देर में उसे सुरक्षित खोज निकाला


आज 10.11.2025 को, सतीश पटेल, जो कुठला के निवासी हैं और जिनकी उम्र 30 वर्ष है, अपनी पत्नी और 2 साल के बेटे विनायक पटेल के साथ कटनी के जिला अस्पताल में इलाज के लिए गए थे और दवा लेने के लिए कतार में खड़े थे। भारी भीड़ के कारण उनका बेटा खेलते समय अचानक कहीं लापता हो गया।

जब बच्चे को मां ने नहीं देखा, तो उसने अपने पति को सूचित किया। 2 साल का बच्चा जब अस्पताल में घूमने लगा, तो वहां अराजकता फैली। जैसे ही जानकारी मिली, कोतवाली के थाना प्रभारी ने तुरंत थाने के कर्मचारियों को अस्पताल भेजा।

कर्मचारियों ने पूरे अस्पताल में बच्चे की खोजबीन शुरू की। काफी प्रयासों के बाद बच्चे को अस्पताल के पीछे के निकास द्वार के पास सुरक्षित रूप से पाया गया और उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्चे को सुरक्षित खोजने में आर. लुटेश प्रजापति, दीपक तिवारी और मंसूर हुसैन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आज़ाद समाज पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न

ग्वालियर में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की सामाजिक, राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्थितियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 6 दिसंबर 2025 को संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के 69वें परिनिर्वाण दिवस पर प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद जी (संस्थापक, भीमआर्मी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, आज़ाद समाज पार्टी) मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।

बैठक प्रदेश प्रभारी मा. महेश चौधरी जी एवं संतोष आनंद जी (प्रदेश सह प्रभारी), भीमआर्मी प्रदेश अध्यक्ष मा. सुनील बेरसिया जी, सुनिल अस्तेय वरिष्ठ नेता (संस्थापक सदस्य आसपा), सतेंद्र विद्रोही जी (प्रदेश अध्यक्ष आसपा), विनोद यादव जी (उपाध्यक्ष), पिंकी गुर्जर जी (प्रदेश सचिव) रामप्रीत गुर्जर (प्रदेश महासचिव) केशव यादव, राहुल वाल्मीकि, राजपाल जाटव जी एवं संचालन राय सिंह बौद्ध जी (प्रदेश महासचिव) ने कर मीटिंग प्रदेश पदाधिकारी गण एवं जिलाध्यक्ष शामिल हुए।

बैठक में सभी पदाधिकारी/कार्यकर्ताओं से इस ऐतिहासिक दिवस की भव्य तैयारी के लिए आह्वान किया गया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन संवैधानिक, संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया जा रहा है।

भीम आर्मी और हिंदू संगठन आमने- सामने

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार (8 नवंबर) को बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिमा जलाने को लेकर बड़ा हंगामा हुआ। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता शास्त्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिस पर हिंदू संगठनों ने तीव्र प्रतिक्रिया दी।
पहले दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी हुई, जो जल्दी ही पत्थरबाजी में बदल गई। स्थिति के बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज और जलक cannon का इस्तेमाल कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
सूत्रों के अनुसार, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता, ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष केशव यादव की अगुवाई में, अंबेडकर पार्क से रैली का आयोजन कर रहे थे। उनका लक्ष्य ग्वालियर चौराहे के निकट पं. धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिमा को जलाना था।
इस बीच, वहां पहले से उपस्थित हिंदू संगठनों के सदस्यों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। हिंदू संगठनों ने जवाब में दामोदर यादव की प्रतिमा को जलाया। पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर दोनों पक्षों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
थाने से लौटते वक्त बढ़ी टकराव की स्थिति
बाद में, भीम आर्मी के सदस्य इंदरगढ़ थाने पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों ने उन्हें जातिगत गालियों का सामना करना पड़ा और उनके कार्यक्रम में हस्तक्षेप किया गया।
आपस में टकराने के बाद, थाने से वापस लौटते समय दोनों समूह फिर से आमने-सामने आ गए और वहां भीषण पत्थरबाजी शुरू हो गई।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
स्थिति के बिगड़ने पर, पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए लाठीचार्ज किया और जलक cannon का इस्तेमाल करके भीड़ को फैलाया। इस अफरातफरी और लाठीचार्ज में तीन लोग घायल होने की खबरें आई हैं।
विरोध की वजह क्या थी?
यह विवाद बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ के विरोध से शुरू हुआ। दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने हाल ही में इस यात्रा के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका डाली थी।
यादव का कहना है कि शास्त्री ने हरियाणा में उनके साथ अभद्रता की और उन्हें धमकाया था। इसके प्रतिरोध में दामोदर यादव के भाई केशव यादव ने इंदरगढ़ में यह प्रतिमा जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया था।
पुलिस का आधिकारिक विवरण
कस्बे में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीओपी (SDOP) अजय कुमार संदीप ने बताया कि पुलिस ने दोनों संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली है और नियमित रूप से शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु अतिरिक्त बल तैनात किया है।

डॉक्टर की कार बेकाबू होकर दुकान में जा घुसी

मैहर : रविवार की रात को मैहर जिले के अमरपाटन बाजार एरिया में एक बड़ा हादसा टल गया। तेज गति से आ रही एक गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे स्थित एक दुकान में घुस गई। इस दुर्घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन टक्कर की तीव्रता और गति इतनी थी कि दुकान का टिनशेड विकृत हो गया और बाहर खड़ी एक मोटरसाइकिल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
CCTV कैमरे में कैद हुई पूरी वारदात
इस घटना का पूरा दृश्य वहां लगे CCTV कैमरे में दर्ज हो गया है। फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि तेजी से चल रही कार ने पहले सड़क के डिवाइडर को पार किया और सीधे दूसरी तरफ की दुकान में घुस गई। घटना के समय वहां मौजूद व्यक्तियों ने किसी तरह बचकर अपनी जान बचाई।
डॉक्टर चला रहे थे वाहन
जानकारी के अनुसार, कार का संचालन अमरपाटन सिविल अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर रमाकांत विश्वकर्मा कर रहे थे। रिपोर्ट मिली है कि अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर तेज गति में डिवाइडर पार करके दुकान से टकरा गई। यह टक्कर इतनी शक्तिशाली थी कि दुकान के सामने रखी वस्तुएं भी बिखर गईं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की जांच
घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति का मूल्यांकन किया, CCTV फुटेज को कब्जे में लिया और मामले की जांच आरंभ की। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या यह हादसा तेज गति के कारण था या फिर किसी तकनीकी malfunction के कारण हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अमरपाटन बाजार क्षेत्र में अक्सर तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों का चलन रहता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतर पैदा होता है। नागरिकों ने प्रशासन से मजबूत यातायात नियंत्रण प्रणाली लागू करने और स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने का अनुरोध किया है।
राहत की बात
सुखद यह रहा कि जब यह हादसा हुआ तब दुकान के आसपास मौजूद भुक्तभोगियों ने समय पर पीछे हटकर अपनी जान की रक्षा कर ली, नहीं तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। फिलहाल पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है और आगे की कार्रवाई CCTV फुटेज के आधार पर की जाएगी।

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