katni news नववर्ष 2026 के स्वागत में कटनी पुलिस अलर्ट, शहर से लेकर गांवों में सघन चेकिंग अभियान

नव वर्ष 2026 के आगमन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कटनी पुलिस पूरी तरह से तैयार है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में, जिले के शहरों और गाँवों में थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी ने मोर्चा संभाल लिया है।
इस अभियान के तहत, शराब के प्रभाव में वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कठोर कदम उठाए गए हैं। इसी दिशा में, नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में, शहर के सभी थाना क्षेत्रों का दौरा कर पुलिस टीमों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र में सिटी मॉल, एनकेजे थाना क्षेत्र के साबा रीजेंसी, स्काई लार्क, माधवनगर थाना क्षेत्र के होटल अरिंदम, टीजीएस, होटल उर्वशी, तथा अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान ढाबों, रेस्टोरेंटों और होटलों का भी मूल्यांकन किया गया। शेष क्षेत्रों में यह जांच अभियान अगले दिनों में भी जारी रहेगा।
इस धांचागत अभियान के दौरान, धारा 185 के अंतर्गत सभी थाना क्षेत्रों में वाहनों की जांच की गई और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की गई।
इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया, कोतवाली टीआई राखी पांडे, माधवनगर टीआई संजय दुबे, कुठला थाना प्रभारी, रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, एनकेजे थाना प्रभारी रूपेंद्र राजपूत के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल उपस्थित था।

NH-43 पर भीषण हादसे, अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत

कटनी। जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र के नैगवां गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग NH-43 पर सोमवार की शाम कई घटनाएँ हुईं। एक अज्ञात गाड़ी ने एक बाइक सवार युवक को कुचल दिया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई। साथ ही, इस घटना को देख रहे एक स्कॉर्पियो कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोर से टक्कर मार दी, जिसके कारण कार में सवार महिलाओं सहित चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनारी गांव का निवासी मूरत महोबिया (38 वर्ष) अपने मित्र रामदयाल, जो ग्राम करौंदी के निवासी हैं, के साथ मोटरसाइकिल पर कटनी से अपने घर बिजौरी लौट रहा था। उसी समय, नैगवां गांव के निकट एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर दी और घटना के बाद चालक गाड़ी लेकर भाग गया। इस दुर्घटना में मूरत महोबिया की मौके पर मृत्यु हो गई, जबकि उनके साथी रामदयाल को गंभीर चोटें आईं।
सड़क दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की बड़ी संख्या इकट्ठा हो गई। इस बीच, कटनी की दिशा से उमरिया जा रही एक स्कॉर्पियो कार का चालक गाड़ी रोककर उस हादसे को देख रहा था। तभी कटनी की तरफ से उमरिया की ओर बढ़ रहे एक तेज पत्ते वाले ट्रक ने सड़क के किनारे खड़ी स्कॉर्पियो को पीछे से जोरदार टक्कर दे दी। इस दूसरे हादसे में स्कॉर्पियो में महिलाएं निर्मला सिंह, धापल सिंह और चालक गंभीरता से घायल हुईं। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के पुर्जे उड़ गए।
1 किलोमीटर लंबा जाम, पुलिस ने स्थिति संभाली
लगातार हुए दो हादसों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, लगभग 1 किलोमीटर तक सड़क के दोनों किनारों पर जाम लग गया। सूचना मिलने के तुरंत बाद बड़वारा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया, पंचनामा तैयार किया और मर्ग दर्ज कर जांच आरंभ की है। पुलिस ने एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात को पुनः स्थापित किया। पुलिस अब उस फरार अज्ञात वाहन की खोज में जुट गई है।

katni news महापौर ने पार्षद साथियों व अधिकारियों के साथ पुलिस अधिक्षक से की मुलाकात

कटनी (29 दिसंबर)-नगर निगम और पुलिस विभाग के सामूहिक प्रयास से यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, हाल ही में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता के एक मामले की जांच की जा रही है। इसके तहत सोमवार को महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, पार्षदों और निगम के अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में उन्होंने दद्दाधाम कटनी के निवासी श्री श्याम सुन्दर पाण्डेय को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। महापौर ने ज्ञापन में जानकारी दी कि नगर निगम कटनी ने जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग से ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नो-पार्किंग और अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों को हटाने की पहल की है। इसी संदर्भ में, 27 दिसंबर 2025 को, श्याम सुन्दर पाण्डेय ने सड़क के बीच में वाहन खड़ा कर यातायात में बाधा उत्पन्न की। जब अतिक्रमण और यातायात प्रबंधन के कर्मचारी उसे हटाने के लिए अनुरोध करने गए, तो उन्होंने उन कर्मचारियों के प्रति अभद्रता व्यक्त की और अस्वीकार्य भाषा का प्रयोग किया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर फैल गया है। महापौर ने अपनी बात में कहा कि ऐसे घटनाएं न केवल सरकारी कार्य में रुकावट पैदा करती हैं, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी गिराती हैं। इसलिए इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, श्याम सुन्दर पाण्डेय के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

घर में घुसा बाघ, आदिवासी युवक पर जानलेवा हमला

उमरिया। पनपथा टाइगर रिज़र्व के बफर क्षेत्र में बेल्दी बीट के निकट स्थित बेल्दी गांव में मंगलवार को बाघ का खौफ खुलकर सामने आ गया। जंगल से भटककर गांव में पहुंचा बाघ एक घर के भीतर घुसकर एक आदिवासी व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल पैदा हो गया है और villagers में गुस्सा बढ़ गया है।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, गोपाल पिता हेतराम कोल (उम्र 52 वर्ष), जो पडवार के निवासी हैं, अपनी बहन से मिलने बेल्दी गांव गए थे। इसी दौरान अचानक एक बाघ गांव में घुस आया और गोपाल पर हमला कर दिया। हमले के दौरान बाघ ने उसका पैर बुरी तरह काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। ग्रामीणों की सहायता से उसे पहले बरही अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए भेज दिया।

घटना के बाद गांव में बाघ की लगातार गतिविधियों से भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। महिलाएं और बच्चे अपने घरों में छिपने के लिए मजबूर हैं, और खेतों तथा सड़कों पर जाना भी अत्यधिक खतरनाक हो गया है। सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंची और लोगों से सतर्क रहने की अपील की, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ अपील से जान नहीं बचेगी, बल्कि ठोस उपायों की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से वन विभाग की गंभीर लापरवाही की शिकायत की है। उनका कहना है कि न तो नियमित रूप से खोजबीन की जाती है, और न ही बाघों की उचित निगरानी की जाती है। इसी कारण बाघ बार-बार जंगल से बाहर निकलकर बस्तियों में पहुंच रहे हैं और ग्रामीण व आदिवासी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। प्रश्न यह उठता है कि बफर जोन में स्थित गांवों की सुरक्षा के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली और रात के समय गश्त आखिर क्यों नहीं की जा रही है?
इस बीच, बाघ की उपस्थिति के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय होने का दावा कर रही है और लोगों को सचेत किया जा रहा है। हालांकि, असली स्थिति यह है कि जब तक बाघ को सुरक्षित ढंग से ट्रेस, रेस्क्यू या नियंत्रित नहीं किया जाता, तब तक बेल्दी और आस-पास के गांवों को खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, स्थाई निगरानी प्रणाली स्थापित की जाए, और पीड़ितों को त्वरित मुआवजा दिया जाए—अन्यथा अगला हमला किसी और की जान ले सकता है।

 jabalpur news today नाबालिगों ने छात्रों को पीटा, फिर जबरन पैर पड़वाए—वीडियो वायरल

जबलपुर : ग्रामीण इलाकों में गांव और स्कूल में प्रभाव दिखाने के लिए वहां के कुछ नाबालिग लड़कों ने पढ़ाई करने वाले दो छात्रों को पहले बुरी तरह से पीटा और फिर उनके पैर पड़वाने का एक वीडियो भी इंटरनेट पर साझा कर दिया। शनिवार को जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, तो पीड़ित छात्रों के परिवार वाले इंद्राना पुलिस चौकी पहुंचे और गांव के तीन लड़कों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि गांव के तीन लड़के अपने एक साथी जो शासकीय स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र है तथा उसी स्कूल के एक अन्य 11वीं कक्षा के छात्र के साथ गाली-गलौज कर रहे थे, तभी उनका एक मित्र वहां पहुंचा और उसने विरोध किया। इसके बाद वहां मौजूद चार से पांच लड़कों ने दोनों छात्रों पर पहले बेरहमी से हमला किया और फिर उनसे जबरन गृहनगर के संस्कार के अनुसार अपने पैर पड़वाने के लिए कहा। ये सभी छात्र हॉकी और बेसबॉल से लैस थे। पीड़ित छात्र यह कहकर अपने आपको बचाने की कोशिश कर रहा था कि वह उसके भाई हैं और बार-बार आरोपियों से गुहार कर रहा था कि उसे ना मारा जाए, लेकिन आरोपी लगातार उस पर हॉकी और बेसबॉल से हमला कर रहे थे। इस दौरान पूरी घटना का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। सोशल मीडिया में प्रसारित हो रहे दो वीडियो में से एक में एक छात्र को उसके सहपाठियों द्वारा पिटते हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरे वीडियो में उसे जबर्दस्ती पैर पड़वाने के लिए कहा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को इंद्राना पुलिस चौकी ने गंभीरता से लिया है। एएसआई संतोष कुमार ने कहा कि छात्र की शिकायत पर तीन छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जो गांव के निवासी हैं और अभी फरार हैं। उनकी खोज जारी है।

rithi news स्वच्छता अभियान को बनाया मजाक

स्वच्छता के कार्यक्रम का बनाया गया मजाक, वर्षो से गांव में सफाई नहीं हुई है। गांधी जी का लक्ष्य था कि देश को जागरूक और स्वच्छ बनाया जाए। उनके इस सपने को पूरा करने का प्रयास आज भी जारी है। इसी कारण से 2 अक्टूबर 2014 को गांधी जी के जन्मदिन पर भारत सरकार ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य पूरे देश को साफ करना था। लेकिन आज भी भारत के कुछ स्थान ऐसे हैं, जिनकी स्थिति में बदलाव नहीं आया है। कचरे के ढेर और भरी हुई नालियां गांव में बदबू फैला रही हैं, जिससे लोग बीमारियों का डर महसूस कर रहे हैं। फिर भी अधिकारी कर्मचारी इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं।
कटनी जिले की रीठी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिरुहली के निवासियों ने आरोप लगाया है कि इस गांव में वर्षों से सफाई नहीं की गई है। नालियां न बनने के कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। जहां नालियां बनी हैं, वहां भी सफाई का कोई काम नहीं हुआ है। सभी नालियां खुली हुई हैं, जिनकी बदबू से लोग परेशान हो रहे हैं। कई बार पंचायत के मुखिया को मौखिक शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई भी सफाई का कार्य नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर गांव और नालियों की सफाई नहीं की गई, तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, शंकर मंदिर के पास एक रंगमंच बनाने की मांग की गई है, ताकि वहां सफाई बनी रहे और पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो।

katni news today कानून व्यवस्था पर हमला बर्दाश्त नहीं: नगर निगम कर्मचारियों का आक्रोश

नगर निगम कटनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति सम्मान और प्रशासनिक मानदंडों पर हुए खुल्लम-खुल्ला हमले ने पूरे निगम के कर्मचारियों को हिला कर रख दिया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए की जा रही विधिक कार्रवाई के दौरान निगम के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कर्मचारियों में काफी गुस्सा उत्पन्न हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर 2025 को नगर निगम के अतिक्रमण विभाग ने जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग से नीतिगत तरीके से सड़कों पर अव्यवस्थित खड़े वाहनों और दुकानों के सामने रखे माल को हटाने का कार्य शुरू किया। इसी बीच, श्री श्याम सुंदर पाण्डेय ने सड़क पर अपनी गाड़ी लगाकर यातायात में रुकावट पैदा कर दी। जब निगम के कर्मचारियों ने नियमों के अनुसार वाहन हटाने का अनुरोध किया, तो संबंधित व्यक्ति ने गुस्से में आकर कर्मचारियों से गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
यहां तक कि आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने कर्मचारियों से मारपीट करने के लिए लाठी निकाल ली, निगमायुक्त के लिए अभद्र और अनुचित भाषा का प्रयोग किया और खुलेआम धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया पर प्रसारित हो चुका है, जिससे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में तीव्र रोष उत्पन्न हो गया है।
एकजुट होकर सड़क पर उतरा निगम अमला
घटना के खिलाफ नगर निगम कटनी के सभी अधिकारी और कर्मचारी मिलकर थाना कोतवाली पहुंचे और दोषी व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी कार्य के दौरान इस तरह अपमानित और धमकाया जाएगा, तो यह पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला है।
कर्मचारी संघों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो निगम कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।
अधिकारी के सम्मान में कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े
नगर निगम कर्मचारियों का यह आक्रोश एक ही घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संकेत करता है कि वे अपने अधिकारियों के सम्मान, प्रशासनिक गरिमा और कानून व्यवस्था के प्रति पूरी मजबूती से खड़े हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों पर की गई अभद्र टिप्पणी पूरे निगम परिवार का अपमान है।
कानून बनाम दबंगई की निर्णायक घड़ी
यह मामला अब सिर्फ यातायात बाधा या विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून बनाम दबंगई के संघर्ष में परिवर्तित हो चुका है। यदि ऐसे तत्वों पर समय पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे सरकारी कर्मचारियों का मनोबल कमजोर होगा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
नगर निगम कर्मचारी संघ ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कितनी तत्परता और सख्ती से कार्रवाई करते हैं।

katni news today जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में महिलाओं की रही उत्साह जनक भागीदारी

कटनी – जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के आदेश पर जिले भर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने के साथ-साथ अन्य वर्गों ने भी उत्साह पूर्वक भाग लिया। जिले की सभी जनपद पंचायतों जैसे रीठी, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, कटनी, विजयराघवगढ़ और बड़वारा की ग्राम पंचायतों में ये विशेष ग्राम सभाएँ आयोजित की गईं। विशेष ग्राम सभाओं में प्रदान की गई जानकारी में जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने बताया कि पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार भारत सरकार ने विकसित भारत@ 2047 के दृष्टिकोण के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट, 2025 (मनरेगा) के स्थान पर विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वी बी- जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) अधिनियम, 2025 लागू किया है। इसके महत्वपूर्ण प्रावधानों और कानूनी अधिकारों की जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन विशेष ग्राम सभाओं में लोगों की उत्साही भागीदारी और महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से रेखांकित की गई।

jabalpur news today जबलपुर में दुकान संचालक से मारपीट, वारदात सीसीटीवी में कैद

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के गोहलपुर थाने के अंतर्गत स्थित राजुल ड्रीम सिटी अमखेरा में दुकान चलाने वाले विनय गुप्ता की दुकान के अंदर अंकित श्रीवास्तव जिसे टोनी के नाम से भी जाना जाता है, और अजय यादव सहित अन्य दोस्तों ने गाड़ी हटाने को लेकर विनय गुप्ता के साथ झगड़ा किया। इस दौरान उन्होंने गालियों से बात की और मारपीट भी की, साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए।
इस मारपीट की घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पीड़ित विनय गुप्ता ने गोहलपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि अधारताल निवासी विनय गुप्ता ने रिपोर्ट में कहा है कि उसके साथ दुकान के अंदर अंकित श्रीवास्तव और उसके दो साथी मारपीट के दौरान गालीगलौज करते रहे और जान से मारने की धमकियां भी दीं।
इसके अतिरिक्त, जब वह अपने घर लौट रहा था, तभी उसके घर में भी दो एक्टिवा सवार युवकों ने उसे जान से मारने की चेतावनी दी। इस पर विनय गुप्ता ने अधारताल पुलिस में भी एक शिकायत दी है। हालांकि, इस मामले में गोहलपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किया है और आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी है।

jabalpur news today सार्वजनिक गार्डन में कार्यक्रम पड़ा भारी, स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना

जबलपुर : शहर में सार्वजनिक स्थानों और उद्यानों के व्यापारिक इस्तेमाल को लेकर नगर निगम प्रशासन अब काफी सख्त व्यवस्था अपनाने लगा है। जब निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार को यह जानकारी मिली कि एक गैर सरकारी स्कूल के संचालक द्वारा नगर निगम के सरकारी उद्यान में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, तो उन्होंने तुरंत टीम भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए और संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
निगमायुक्त के आदेश पर मौके पर ही स्कूल संचालक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया। इस मामले में निगमायुक्त आरपी अहिरवार ने कहा कि यदि नोटिस का संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो स्कूल की मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी। इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला ने बताया कि निगम की टीम ने गढ़ा वार्ड के संजीवनी नगर में एक निजी स्कूल पर एक लाख रुपये का बड़ा जुर्माना लगाया है।
उन्होंने बताया कि संजीवनी नगर में लक्ष्मी कांत मेमोरियल स्कूल द्वारा सांईं कॉलोनी के सार्वजनिक बाग में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा था, जिसमें टेंट-पंडाल लगाए जा चुके थे और कार्यक्रम की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही थीं। नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक उद्यान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नगर निगम के उद्यान विभाग से औपचारिक अनुमति लेना आवश्यक है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इस तरह की कोई अनुमति नहीं ली थी।मौके पर पहुँची निगम की टीम
जैसे ही बिना अनुमति के कार्यक्रम की जानकारी मिली, निगम के उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। जांच के दौरान यह सामने आया कि सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग बिना किसी आवश्यक कागज और शुल्क के किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तुरंत कार्यक्रम को बंद कर दिया और स्कूल के संचालक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
चेक के जरिए तत्काल हुआ जुर्माने का भुगतान
कार्रवाई की गंभीरता और नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए स्कूल के संचालक संजय श्रीवास्तव ने मौके पर ही जुर्माने की राशि मान ली। उन्होंने 1 लाख रुपये का चेक फौरन निगम के अधिकारियों को सौंप दिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए अतिक्रमण दल के प्रभारी बृज किशोर तिवारी और उनकी टीम मौजूद रहे।
कमिश्नर आरपी अहिरवार के सख्त तेवरों से मचा है हड़कंप
जबलपुर में अपनी नियुक्ति के बाद से नगर निगम के आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कड़े तेवर दिखाए हैं। शहर के विकास को बढ़ावा देने के अलावा, वह नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए नए कदम उठा रहे हैं। जनहित और कल्याण से जुड़ी सेवाओं पर उनकी सख्त निगरानी है, जिसके कारण सुधार में तेजी आ रही है।
पारदर्शिता और सुशासन को अपना मूल मंत्र मानने वाले नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्कूल संचालक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर यह प्रदर्शित किया है कि जो लोग जनहित और जन उपयोगी संपत्तियों को अपनी संपत्ति मानते हैं, उनके लिए अब कठिन दिन शुरू हो चुके हैं।

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