jabalpur news today सार्वजनिक गार्डन में कार्यक्रम पड़ा भारी, स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना

जबलपुर : शहर में सार्वजनिक स्थानों और उद्यानों के व्यापारिक इस्तेमाल को लेकर नगर निगम प्रशासन अब काफी सख्त व्यवस्था अपनाने लगा है। जब निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार को यह जानकारी मिली कि एक गैर सरकारी स्कूल के संचालक द्वारा नगर निगम के सरकारी उद्यान में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, तो उन्होंने तुरंत टीम भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए और संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
निगमायुक्त के आदेश पर मौके पर ही स्कूल संचालक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया। इस मामले में निगमायुक्त आरपी अहिरवार ने कहा कि यदि नोटिस का संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो स्कूल की मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी। इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला ने बताया कि निगम की टीम ने गढ़ा वार्ड के संजीवनी नगर में एक निजी स्कूल पर एक लाख रुपये का बड़ा जुर्माना लगाया है।
उन्होंने बताया कि संजीवनी नगर में लक्ष्मी कांत मेमोरियल स्कूल द्वारा सांईं कॉलोनी के सार्वजनिक बाग में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा था, जिसमें टेंट-पंडाल लगाए जा चुके थे और कार्यक्रम की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही थीं। नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक उद्यान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नगर निगम के उद्यान विभाग से औपचारिक अनुमति लेना आवश्यक है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इस तरह की कोई अनुमति नहीं ली थी।मौके पर पहुँची निगम की टीम
जैसे ही बिना अनुमति के कार्यक्रम की जानकारी मिली, निगम के उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। जांच के दौरान यह सामने आया कि सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग बिना किसी आवश्यक कागज और शुल्क के किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तुरंत कार्यक्रम को बंद कर दिया और स्कूल के संचालक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
चेक के जरिए तत्काल हुआ जुर्माने का भुगतान
कार्रवाई की गंभीरता और नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए स्कूल के संचालक संजय श्रीवास्तव ने मौके पर ही जुर्माने की राशि मान ली। उन्होंने 1 लाख रुपये का चेक फौरन निगम के अधिकारियों को सौंप दिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए अतिक्रमण दल के प्रभारी बृज किशोर तिवारी और उनकी टीम मौजूद रहे।
कमिश्नर आरपी अहिरवार के सख्त तेवरों से मचा है हड़कंप
जबलपुर में अपनी नियुक्ति के बाद से नगर निगम के आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कड़े तेवर दिखाए हैं। शहर के विकास को बढ़ावा देने के अलावा, वह नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए नए कदम उठा रहे हैं। जनहित और कल्याण से जुड़ी सेवाओं पर उनकी सख्त निगरानी है, जिसके कारण सुधार में तेजी आ रही है।
पारदर्शिता और सुशासन को अपना मूल मंत्र मानने वाले नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्कूल संचालक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर यह प्रदर्शित किया है कि जो लोग जनहित और जन उपयोगी संपत्तियों को अपनी संपत्ति मानते हैं, उनके लिए अब कठिन दिन शुरू हो चुके हैं।

satna news today वायरल वीडियो के बाद भाजपा नेता अशोक सिंह गिरफ्तार, धमकी और छेड़छाड़ के आरोप

मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक गंभीर बलात्कार मामले के सिलसिले में पुलिस ने भाजपा नेता अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला चाकू के बल पर बलात्कार, वीडियो बनाने और उसे फैलाने की धमकी से संबंधित है। जब से सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, यह मामला अधिक चर्चित हो गया है, जिसमें आरोपित महिला को धमकी देते हुए दिखाई दे रहा है।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने लगभग छह महीने पहले उसके घर में घुसकर चाकू के बल पर बलात्कार किया और आपत्तिजनक वीडियो बनाया। इसके बाद, आरोपी ने वीडियो को वायरल करने और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर उसे काफी समय तक चुप रहने पर मजबूर किया। फिर से, 20 दिसंबर को, आरोपी ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।
22 दिसंबर को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। इस जांच की जिम्मेदारी एक डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई थी। जब वीडियो सामने आया और जांच में आरोपों की पुष्टि हुई, तो आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद में भी तेजी आ गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोपी का धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वीडियो में आरोपी स्पष्ट रूप से कह रहा है कि उसकी सरकार है और उसका कुछ नहीं होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण पीड़िता को दोबारा दुर्व्यवहार सहना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी चल रही है और सभी साक्ष्यों का गहराई से परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी समीक्षा कर रही है। उनका दावा है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

sidhi news सीधी में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर खंभे से टकराया, चालक की दबकर हुई मौत 

सीधी: अमिलिया थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में ट्रैक्टर के चालक की जान चली गई। ग्राम पंचायत सोनवर्षा के चमारी सोनवर्षा के नज़दीक डॉड़ी में एक ट्रैक्टर बिजली के पोल से टकराकर पलट गया। इस दुर्घटना में चालक की मौके पर ही दबकर मृत्यु हुई। खड़बड़ा के निवासी चंद्रमणि पटेल (40 वर्ष), जिनका पिता का नाम बंशबहादुर पटेल है, दिनभर काम करने के उपरांत ट्रैक्टर और धान की कटाई वाली मशीन लेकर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे डॉड़ी के पास पहुंचे, यह घटना घट गई। स्थानीय व्यक्ति और गवाह तारा भाई पटेल ने कहा कि मोड़ अंधा था और ट्रैक्टर की गति तेज थी, जिस कारण चालक वाहन को मोड़ नहीं सका। ट्रैक्टर बिजली के पोल से टकराया और अनियंत्रित होकर पलट गया। मशीन के नीचे दबकर चंद्रमणि पटेल की मृत्यु हो गई। हादसे के तुरंत बाद, खड़ाबड़ा के निवासी पवन विश्वकर्मा ने स्थानीय लोगों के सहयोग से मशीन को उठाया और पुलिस को सूचित किया। अमिलिया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाकर उसे सुरक्षित रखा। शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद उसे परिवार को सौंप दिया जाएगा। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की छानबीन जारी है। ग्रामीणों को शांत करने का कार्य किया गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चरी हाउस भेजा जा रहा है। मृतक के परिवार में तीन बेटियाँ और एक बेटा है।

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