ट्रकों की हड़ताल से पेट्रोल पंप पर लगी पेट्रोल डीजल भराने वालों की भीड़

सीबीगंज (बरेली)। ट्रकों की हड़ताल का आम जन जीवन पर कितना असर पड़ने वाला है इसका अंदाजा मंगलवार को पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लंबी कतारों से लगाया जा सकता है। ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल का असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ने लगा है। ट्रक, बसों की हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की किल्लत होनी शुरू हो गई है। इस बीच पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा जा सकती है। जानकारी के अनुसार, देशभर में नए हिट एंड रन कानून के विरोध में बस और ट्रक ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज भी जारी है।

प्राप्त सूचना के आधार पर दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में ट्रक ड्राइवर हड़ताल कर रहे हैं। देशव्यापी इस हड़ताल के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति धीरे-धीरे ठप्प होती नजर आ रही है यह हड़ताल कुछ एक दिन और चली तो लोगों का जीना दुश्वार हो जाएगा इसका अंदाजा पेट्रोल पंप पर लगी लंबी-लंबी लाइनों से लगाया जा सकता है जहां पर पेट्रोल भरवाने आए लोगों में एक तरफ सरकार को लेकर भारी आक्रोश है वहीं दूसरी तरफ अपनी रोजमर्रा की वस्तुओं को लेने की होड़ मची हुई है की न जाने कब कौन सी रोजमर्रा की चीज की कमी बाजार में हो जाए इसीलिए पहले से ही अपने घर की आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोग दुकानों पर भी सामान लेते नजर आए। लोगों का मानना था कि जैसे-जैसे हड़ताल आगे बढ़ेगी दुकानदार समान महंगा कर देंगे इसलिए समय रहते हैं अपने घर की आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी समय से कर रहे हैं जिससे हमारी जेब पर अतिरिक्त भार न पड़े।

ट्रक चालको की हड़ताल की वजह से सीबीगंज स्थित मुकुट बिहारी लाल पेट्रोल पंप पर भी लोगों की भारी भीड़ देखी गई। वहीं शहर के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की खत्म भी हो चुका है। बरेली में बसों और ट्रक की कतारें लगी हुई हैं। यात्री परेशान हो रहे हैं, लेकिन बस ड्राइवर चलने को तैयार नहीं है। ट्रक ड्राइवरों की इस हड़ताल का असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। हड़ताल की वजह से खाने पीने की सामग्री, दवाईयां और रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो सकती है। बरेली के परसाखेड़ा क्षेत्र में भी फैक्ट्रियों के आगे ट्रकों की लंबी-लंबी कतारे देखने को मिली। अब देखना बाकी है कि सरकार इस हड़ताल से कैसे पर पाएगी।

चक रोड पर अंतिम संस्कार करने को मजबूर

सीबीगंज (बरेली)। चकरोड पर अंतिम संस्कार की घटना को देखकर सरकार के बड़े बड़े दावों की पोल खुल गई है. बरेली के शेरगढ़ ब्लॉक के नगरिया खुर्द गांव की कहानी भी कुछ ऐसी ही नजर आती है। यहां गांव के लोग इस कदर बेबस हैं कि अगर उनके घर के किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसे अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम भी नसीब नहीं होता। मजबूरन व्यक्ति के पार्थिव शरीर को अपने खेत या चकरोड पर ही रखकर अंतिम संस्कार करना होता है। हालांकि प्रदेश में कई ऐसी सरकारें आई जो सिर्फ विकास के ढोल पीट कर चली गईं, और उनके बाद जो सरकार आई उसने भी विकास का ढोल पीटना शुरू कर दिया।

पिछली सरकारों को असंवेदनशील और खुद को अति संवेदनशील बताने वाली यह सरकारें आखिर दिखाना क्या चाहती हैं। समझ से परे ही नजर आता है। मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन प्रशासन का मुंह ताक रहे शेरगढ़ ब्लॉक के नगरिया खुर्द गांव में हैरान कर देने वाले इस मामले ने सिस्टम के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी है।


सीबीगंज क्षेत्र के भी दो गांव चन्दपुर काजियान, चन्दपुर जोगियान ऐसे हैं जहां पर ग्राम सभा की जमीन होने के बाबजूद शमशान घाट नहीं है। यहां पर भी लोग चकरोड या अपने निजी खेत में ही अपने परिजनों के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करते देखे जाते हैं। इन ग्राम सभा की जमीनों पर समुदाय विशेष का कब्जा बताया जाता है. जिसको आज तक कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। इन गांवों के हालात आज भी जस के तस हैं।

यहां अंतिम यात्रा भी मजबूरियां भरी है। भले ही योगी सरकार प्रदेश में तमाम मूलभूत सुविधाएं होने का दावा करती हों लेकिन सच्चाई तो ये है कि यहां मरने के बाद शव को जलाने के लिए श्मशान घाट भी नहीं है। खुले आसमान के नीचे चकरोड पर दाह संस्कार करते दिख रहे ये लोग किसी दुर्गम क्षेत्र के नहीं वरन बरेली के शेरगढ़ ब्लॉक के ग्राम नगरिया खुर्द के है। यह ग्राम कहने में तो एक अच्छे गांव की श्रेणी में आता है, लेकिन धरातल पर कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। इस गांव में ग्राम सभा की जमीन उपलब्ध है लेकिन उस पर एक समुदाय के व्यक्ति का सालों से कब्जा है और ग्राम प्रधान भी उसी समुदाय से आते हैं. लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान और कब्जेदार एक ही समुदाय के होने के कारण ग्राम सभा की जमीन कब्जा मुक्त नहीं हो पा रही है और न ही गाँव में शमशान घाट बन पा रहा है इसलिए मजबूरी बस चकरोड पर ही अंतिम संस्कार किए जाते हैं।

कब मिलेगी राख से मुक्ति, क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त

सीबीगंज (बरेली)। बीएल एग्रो (बैल कोल्हू) के बॉयलर से निकलने वाले धुएं के साथ भूसी की राख ने क्षेत्र वासियों का जीना दुश्वार कर रखा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों ने पर्यावरण मंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी शिकायत भी दर्ज की थी। जिसके बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने मौके पर जाकर अपनी जांच की थी। जांच को दस दिन हो चुके हैं लेकिन अभी भी हालातो में कोई सुधार होता नही दिखाई दे रहा।

पर्यावरण अभियंता जितेंद्र लाल व उनके सहयोगी सुनील कुमार और सुनील सिंह चौहान ने सीबीगंज क्षेत्र में पहुंचकर लोगों की छतों का निरीक्षण भी किया था जहां पर जांच करने आए अधिकारियों को लोगों द्वारा बताए गए तथ्यों में सच्चाई नजर आई थी। जांच अधिकारियों ने लोगों की छतों पर पड़ी राख की वीडियोग्राफी और बीएल एग्रो (बैल कोल्हू) फैक्ट्री की मशीनों और चिमनी आदि की भी वीडियोग्राफी कर ली थी जो शासन को भेजी गई है लेकिन रिपोर्ट अभी तक पर्यावरण विभाग तक अभी आ सकी है या नही, इसको तो पर्यावरण विभाग ही बेहतर जानता होगा।

आपको बता दें कि इस राख की वजह से क्षेत्र की जनता का जीना दुश्वार है। बी एल एग्रो (बैल कोहलू) फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाले धुएं के साथ बॉयलर में जलने वाली भूसी की राख हवा की दिशा के अनुरूप क्षेत्र के लोगों की छतों पर जा गिरती है। जिससे क्षेत्र की जनता का बुरा हाल है, अब तो ये राख क्षेत्र के सर्वोदय नगर कॉलोनी, सनौआ सनईया रानी, पस्तौर, सरनिया, हैदराबाद उर्फ खडौआ तक पहुँचने लगी है, सोमवार को धूप निकलने के कारण जंहा क्षेत्र की जनता को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली, लोगों ने अपनी छत पर धूप सेकने का मन बनाया लेकिन इस रख के कारण वहां भी लोग नहीं बैठ सके। लोग फैक्ट्री प्रशासन, के साथ जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई पर्यावरण विभाग की टीम को भी कोसते हुए नजर आए, इस राख को लेकर सीबीगंज कस्वा क्षेत्र के रहने वाले ज्ञानपाल सिंह का कहना हैं कि पर्यावरण विभाग द्वारा जो टीम भेजी गई थी यदि उस टीम द्वारा फैक्टरी प्रशासन को कठोर चेतावनी दी जाती और जिला प्रशासन की ताकत का एहसास कराया जाता है तो यह राख कब की बन्द हो चुकी होती।

फैक्ट्री प्रशासन अपनी गलती मानने को तैयार तक नहीं है और न ही इस राख के मामले में कोई सुधार कर रही हैं। इसी प्रकरण को लेकर स्थानीय पार्षद रचित गुप्ता, राजन श्रीवास्तव का एक प्रतिनिधि मंडल के साथ वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार से मिल चुके हैं और अपनी समस्या उनके समक्ष रख चुके हैं वही इसी मामले पर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल शाखा सीबीगंज के सदस्यों द्वारा अध्यक्ष धीरेंद्र गंगवार के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर उदित पवार को भी दिया जा चुका है। जिसके बाद पर्यावरण विभाग में कुछ हरकत देखी गई थी और विभाग के अधिकारियों की एक टीम ने बीएल एग्रो (बैल कोल्हू) फैक्ट्री की वीडियोग्राफी भी की थी। पर्यावरण विभाग द्वारा जो जांच की गई थी। उसे शासन को भेज दिया गया है, ऐसा बताया जा रहा है।

नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर पर्यावरण विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना था कि जल आकाश और बीएल एग्रो फैक्ट्री की चिमनियों के उच्चीकरण के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है, फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा जैसे ही उच्चीकरण का प्रस्ताव विभाग को प्राप्त होगा. विभाग शासन स्तर पर कार्रवाई कर प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने का कार्य करेगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल से बड़ी महंगाई,बरेली में पेट्रोल ₹160 प्रति लीटर

बरेली। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल से अचानक बड़ी महँगाई की मार। बरेली डेलापीर स्थित एक पेट्रोल पंप पर जब हमारा एक संवाददाता पेट्रोल भरवाने पहुँचा तो उसे पेट्रोल 160 रुपये प्रति लीटर बताया गया तो कई पेट्रोल पंप पर पेट्रोल न होने की वजह से भी दिक्कतों का सामना झेलना पड़ रहा है।
अगर इसी प्रकार हड़ताल जारी रही तो महँगाई बढ़ेगी क्योंकि ट्रांसपोर्ट न होने के कारण आयात निर्यात नही होगा और इस महगांई की मार निचले तबके के लोगों को झेलनी पड़ेगी।
पेट्रोल के साथ साथ सब्जियों पर भी ये मार देखने को मिल रही है, प्याज़ 60 रुपये से 25 रुपये किलो पहुँचा ही था कि फिर से अचानक हुई हड़ताल से 40 रुपये किलो पहुँच गया तथा हरी सब्जियों के दामों में भी इज़ाफा हुआ है।
यातायात आवागमन के किराये में भी दोगुने का इज़ाफा हो गया है अगर यही हाल रहा तो एक बार फिर लॉकडाउन जैसी महंगाई की स्थिति बन जायेगी जोकि जनमानस के घरेलू बजट पर एक प्रहार से कम नही होगा।

हिट एंड रन के विरोध में रोडवेज और ट्रक चालकों की हड़ताल, जनता बेहाल

बरेली। हिट एंड रन के विरोध में नए साल के पहले दिन सोमवार को रोडवेज और ट्रक चालकों ने हिट एंड रन के विरोध में हड़ताल कर दी। नए कानून का विरोध करते हुए बसें खड़ी कर दी। इस कारण माल व यात्री अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सके।

रोडवेज स्टैंड से मायूस होकर लौट रेलवे स्टेशन की ओर चले गए।भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान है। जगह-जगह इस नए कानून के विरोध में चक्का जाम हो रहा है। वहीं बरेली में भी वाहन चालकों की हड़ताल से हाहाकार मच गया है। नया कानून लागू होने से वाहन चालकों ने इसके विरोध में हड़ताल की है। जिस कारण यातायात पुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।चालकों ने बताया कि अगर घर में कोई अकेला कमाने वाला है। अगर कोई हादसा हो जाता है तो उसके घर का जीवन यापन कैसे होगा। सरकार को इसके बारे में सोचना चाहिए। चालकों ने बताया कि नियम इतना कठोर न हो कि किसी चालक या उसके परिवार को परेशानी न आए। यात्रियों ने बताया कि काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री निशू ने बताया कि उन्हें मुरादाबाद जाना है।

वह रोडवेज स्टैंड पहुंची तब उन्हें जानकारी हुई कि बस नहीं चल रही है। अब वह ट्रेन से जाएंगी। सतीश ने बताया कि उन्हें देहरादून जाना है। चालकों की हड़ताल के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। वह ट्रेन से जाएंगे। परिचालक राघवेंद्र ने बताया कि नए कानून के विरोध में हड़ताल कर रहे है। तीन जनवरी तक विरोध पर रहेंगे।
 

अवैध खनन के खिलाफ बाबा ने खोला मोर्चा, दूध फैक्ट्री के सामने शुरू किया धरना-प्रदर्शन

आंवला। अवैध खनन के खिलाफ योगी बाबा ने खोला मोर्चा, दूध की फैक्ट्री के सामने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बाबा ने अवैध खनन करने वालों पर आरोप लगाया है कि यह लोग बिना परमिशन अवैध खनन कर रहे हैं इससे पहले इस संबंध में 29-12-2023 को तहसीलदार आवला को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी और तीन दिन का समय दिया था अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने के उपरांत आज अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दूध फैक्ट्री के मैनेजर अनमोल शर्मा ने बताया बाबा जी का धरना अवैध खनन के खिलाफ है हमारी कम्पनी में सभी कार्य नियम अनुसार ही होते हैं हमें जितनी भी मिट्टी की जरूरत होती है उसकी परमिशन लेकर ही मिट्टी लेते हैं।

आज समस्त मोटर वाहनो की रही हड़ताल यात्री हुए परेशान



आँवला। आज अचानक हुई मोटर वाहनो की हडताल की वजह से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
आंवला पुरेना बस स्टैंड तिराहे से बरेली बदायू दिल्ली रामपुर चंदोसी आदि स्थानों पर जाने वाली प्राईवेट बसो नगर निगम और रोडवेज बसो के अलावा टैम्पो आदि का आवागमन व संचालन अनिशचित काल के लिए रोक दिया गया। जब से इस नये कानून व नियमों का पता चला कि यदि किसी भी वाहन चालक से एक्सीडेंट के दौरान किसी की मृत्यु होती है तो ड्राइवर पर 10 लाख का जुर्माना और दस साल की सजा होगी तब से ही बस यूनियन के अध्यक्ष व अन्य सदस्यो ने तहसील पर इस कानून को हटाने हेतु पर दर्शन किया और कहा कोई ड्राईवर जान बूझकर किसी का एक्सीडेंट नही करता उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इस कानून को बदला नही जायेगा कोई वाहन नही चलेगा।

भीषण ठंड को देखते हुए आंवला तहसील परीसर मे निर्धनों को बाटे गये कम्बल


आंवला। आज तहसील परीसर मे उप-जिलाअधिकारी की देख रेख मे गाँव से आई बुजुर्ग और निर्धन महिलाओं को लगभग सौ कम्बल वितरण किये गए इसके तदोपरांत जिन महिलाओं को कम्बल नही मिल पाये उनको आश्वासन दिया गया कि जल्द ही सरकार द्वारा कम्बलो को भेजा जायेगा तथा ग्राम सचिवों और प्रधान द्वारा अवगत कराया जायेगा ।

नव वर्ष 2024 के शुभ अवसर पर सम्मान समारोह


बरखेड़ा। नव वर्ष के शुभ अवसर पर एक जनवरी को बरखेड़ा पत्रकार संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यो का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।समारोह के मुख्य अतिथि मोहम्मद अहमद (पूर्व सैनिक)को संगठन के पदाधिकारियों के द्वारा सम्मानित किया गया उसके बाद पूर्व सैनिक ने पत्रकार संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यों को सम्मानित किया इस मौके पर संगठन के संरक्षक सत्य प्रकाश सक्सेना,मोहम्मद सादिक ,अध्यक्ष मो0 इसरार, उपाध्यक्ष शिवकुमार प्रभाकर,हरीओम वर्मा,महामंत्री पवन सक्सेना,संगठन मंत्री मो0 जैनुल,सह संगठन मंत्री रूपकिशोर जोशी मंत्री अवध किशोर सक्सेना,कोषाध्यक्ष मनोज सक्सेना, मीडिया प्रभारी विमलेश कुमार,सह मीडिया प्रभारी सेठ अनस,बिधिक सलाहकार अवधेश गुप्ता,सदस्य मुकेश गुप्ता,जगदीश कुमार,राहुल शर्मा,रामपाल, वैभव गुप्ता,मैजूद रहे।

जिलाधिकारी की पहल पर पहले सोमवार को रामगंगा घाट पर किया गया आरती का आयोजन

वन राज्यमंत्री एवं बिथरी चैनपुर विधायक डॉ० राघवेंद्र शर्मा रहे शामिल

बरेली। वर्ष पहले माह के पहले सोमवार को रामगंगा चौबारी घाट पर सायं लगभग छह बजे गंगा आरती कराई गयी। गंगा आरती कराए जाने के लिए जो भी संस्था या इंडस्ट्री प्रायोजक बनेगी उसका फोटो बैनर पर लगाया जाएगा इस क्रम राष्टीय जागरण युवा मंच के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके संरक्षक अमित भारद्वाज,अध्यक्ष राजू उपाध्याय जिला गंगा समिति कमेटी और जिलाधिकारी की पहल पर वन राज्यमंत्री अरुण कुमार सक्सेना एवं बिथरी चैनपुर विधायक डॉ०राघवेंद्र शर्मा शामिल सहित सैकड़ों क्षेत्र वासी भी आरती में आरती में मौजूद रहे।

चौबारी में बनाए जा रहे अंत्येष्टि स्थल के लिए चिन्हित भूमि की पैमाइश कराकर निर्माण कराने के निर्देश भी दिए हैं।आरती को लेकर शाम को ही तैयारियां पूरी कर ली गई थी। गंगा किनारे एक कैंप भी लगाया गया।

यहां आयोजक और जिला गंगा समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। गंगा किनारे दीप जलाए गए। इस दौरान लोगों ने फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए।
बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बीते दिनों हुई जिला गंगा समिति की बैठक में हर सोमवार को रामगंगा आरती करने की पहल की थी।

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