कटनी। मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की जिला शाखा ने गुरुवार को सिविल लाइन के रेस्ट हाउस में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। संघ के जिला अध्यक्ष पूर्णेश उइके और मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने पत्रकारों की एकत्रित भीड़ को संबोधित करते हुए राज्य सरकार के प्रति कर्मचारियों की लंबित मांगों के कारण निराशा व्यक्त की।
संघ के अधिकारियों ने जानकारी दी कि लघु वेतन कर्मचारियों की पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन जारी है। यह आंदोलन सात चरणों की योजना के तहत संचालित हो रहा है, जिसमें से अभी तक पांच चरण पूरे हो चुके हैं, फिर भी सरकार द्वारा इन मांगों पर कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि पूरे प्रदेश में विभिन्न विभागों में लगभग 65 हजार से अधिक लघु वेतन कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन को सुनिश्चित करना, पदनाम परिवर्तन, ग्रेड पे 1300 से 1800 में बढ़ाना, स्थायी कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगियों और अंशकालिक कर्मचारियों का नियमितीकरण करना, पुराने पेंशन योजना को लागू करना, और परिवीक्षा अवधि के पुराने नियमों के अनुसार लागू करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को शीघ्र लागू करने, कार्यभारित और आकस्मिक निधि कर्मचारियों को नियमित स्थापना में सम्मिलित कर 300 दिनों का अर्जित अवकाश नगद देने, आउटसोर्स प्रणाली का गठन करने, रसोइया बहनों को 10000 रुपए मानदेय देने, तथा आशा-उषा कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं देने की मांग भी उठाई गई।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द ही सही निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। इस दिशा में 21 फरवरी 2026 को भोपाल के अंबेडकर मैदान में एक बड़े धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी मध्यप्रदेश सरकार की होगी।
प्रेस वार्ता के दौरान संघ की ओर से सम्मानित पत्रकारों को फूलों की माला, शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संघ के अधिकारी अजय गौतम, मनोज श्रीवास, अजीमुद्दीन शाह, रामावतार विश्वकर्मा, रत्ना ठाकुर, ललिता, खुशबू, उषा, रीना सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
