बैंक और होटल में आने वाले ग्राहक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन मजबूरन सड़क पर और नो-पार्किंग जगहों पर खड़ा करने को बाध्य हैं, जिसके कारण पूरा रास्ता जाम हो जाता है।चौंकाने वाली बात यह है कि कार्रवाई ग्राहकों के वाहनों पर चालान बनाकर की जा रही है, जबकि संस्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जनता की सुरक्षा खतरे में है, और यह प्रशासन की अनदेखी पर सवाल उठाता है। फायर सुरक्षा और इमरजेंसी निकासी द्वार की अनुपस्थिति है।पार्किंग की व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है।यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है।अब प्रश्न उठता है—कब नियमों का उल्लंघन करने वाले बैंक और होटल के खिलाफ कार्रवाई होगी?
