कटनी। सड़क पर होने वाले हादसों को नशे के प्रभाव से रोकने और पैदल चलने वालों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा नशेड़ियों के खिलाफ 185 के तहत कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। इस बीच, बहोरीबंद पुलिस के लिए यह कार्रवाई संकट का कारण बन गई है। एक व्यक्ति, जो नशे में गाड़ी चलाते हुए दो बार पकड़ा गया था और भारी जुर्माना भी लगाया गया था, उसने पुलिस पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिशें करनी शुरू कर दी हैं। ऐसे आरोप लगने की संभावना है कि यह व्यक्ति, जो राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, अपने खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को दबाने के लिए ऐसा कर रहा है।
यह है मामला
असल में, बहोरीबंद पुलिस ने 6 दिसंबर को जांच करते समय एक स्विफ्ट डिजायर कार को रोका, जिसमें विनय पटेल, छोटू गडारी और संदीप लोधी नशे की हालत में पाए गए। संदीप लोधी इस कार को चला रहा था। पुलिस ने चालक के खिलाफ 185 मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कार को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई की जानकारी माननीय न्यायालय के सामने पेश की गई, जिसने 7 जनवरी को 11500 रुपये का जुर्माना लगाया। इसी प्रकार, 5 जनवरी 2026 को, जांच के दौरान विनय कुमार पटेल शराब पीकर मोटरसाइकिल चलाते हुए फिर से पकड़े गए। उन्हें नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में 185 एमवी एक्ट के तहत फिर से कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल को जब्त किया गया और इसकी सूचना माननीय न्यायालय में दी गई, जहां 7 जनवरी 2026 को 10000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बौखलाया नशेड़ी लगा रहा आरोप
खुद को सुधारने की बजाय, दो बार शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने और भारी जुर्माना लगाए जाने से बौखलाए इस व्यक्ति ने अब बहोरीबंद पुलिस पर झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। नशेड़ी ने पुलिस और थाना प्रभारी पर मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए उनकी छवि को खराब करने की कोशिशें की हैं। साथ ही, वह पुलिस पर दबाव डालने का प्रयास कर रहा है कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। अगर ऐसे नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो हो सकता है कि उनकी नशे की आदत किसी अन्य राहगीर के लिए खतरनाक साबित हो जाए। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्षेत्र के कुछ राजनीतिक और सामाजिक प्रभावशाली लोग इस नशेड़ी को सहायता प्रदान कर रहे हैं। तो क्या ऐसे लोगों को इस तरह का समर्थन मिलना उचित है? आप ही विचार करें, बाकी जो है सो तो है ही…
