सी.एस.पी. नेहा पचीसिया ने साझा की जानकारी 12 जनवरी 2026 को नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत अवैध शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में झिंझरी पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस ने एक बड़ा मात्रा में अवैध देशी शराब ले जा रहे दो व्यक्तियों को पकड़ा और उनके पास से शराब से भरा लोडर वाहन भी जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पचीसिया तथा थाना प्रभारी माधवनगर श्री संजय दुबे की देखरेख में पुलिस चौकी झिंझरी द्वारा की गई।
घटना का विवरण
12 जनवरी 2026 को रात की गश्त के दौरान पुलिस चौकी झिंझरी को एक मुखबिर से सूचना मिली कि एक अशोक लीलैंड कंपनी का लोडर वाहन अवैध शराब के साथ तेवरी से कटनी की दिशा में आ रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-30 रोड पर ग्राम देवरीटोला स्थित मेगी प्वाइंट ढाबा के सामने उस वाहन को रोका। जब पुलिस ने उन्हें देखा, तो वाहन का चालक और उसके साथ बैठा व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें पुलिस स्टाफ और रास्ते में मौजूद गवाहों की सहायता से चारों ओर से घेर कर पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए व्यक्तियों ने अपने नाम बताए—माधव केवट, पिता शंभू शंकर केवट, उम्र 19 वर्ष, निवासी विवेकानंद चौक लखेरा, थाना रंगनाथ नगर, जिला कटनी और गोपी भूमिया, पिता गंगाराम भूमिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी टिकरिया स्कूल के पास, थाना रंगनाथ नगर, जिला कटनी।
जब्ती की कार्रवाई
वाहन की तलाशी के दौरान—32 पेटी लाल मसाला देशी शराब, कुल 1600 पाव (288 बल्क लीटर) शराब की अनुमानित कीमत ₹1,76,000 के साथ एक अशोक लीलैंड लोडर (MP-20-GB-3452), जिसकी कीमत लगभग ₹7,50,000 है, बरामद किया गया। कुल जब्ती मूल्य लगभग ₹9,26,000 आंका गया। पुलिस ने इन व्यक्तियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें अपनी हिरासत में लिया है।
संगठित अपराध की आशंका
पुलिस की जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी संगठित तरीके से अवैध शराब का व्यापार कर रहे थे। पुलिस चौकी झिंझरी ने पिछले दो महीनों में अवैध शराब की छह बड़ी खेपें पकड़ चुकी है। जांच के दौरान अधिक आरोपियों के खुलासे की संभावना भी जताई गई है।
सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी उनि राजेश दुबे के नेतृत्व में सउनि शशिभूषण सिंह, प्रधान आरक्षक राजेश चौधरी और प्रधान आरक्षक पंकज त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
