रीवा: एक मामूली भूमि विवाद के चलते एक युवक को उसके अपने भाइयों पर सामूहिक हत्या का आरोप लगा है, जिसमें आरोपियों ने शव को जंगल में एक पेड़ से लटकाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पीड़िता का दावा है कि जब उसने इस घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने का प्रयास किया, तो पुलिस ने हत्या के मामले को लेने के बजाय उसे टाल दिया और पीएम रिपोर्ट का इंतजार करने का कहा। इसके बाद, पीड़िता ने आज आईजी कार्यालय में न्याय की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम दुआरी की निवासी संगीता रजक ने पुलिस महानिरीक्षक को दिए गए पत्र में उल्लेख किया कि 31 दिसंबर 2025 की रात उसके पति ज्ञानू रजक (28 वर्ष) को उनके बड़े भाई शम्भू रजक अपने घर बुलाकर ले गए थे। वहां भूमि वितरण को लेकर हुए झगड़े के बाद आरोपियों शम्भू रजक, सत्येंद्र रजक और संतोष रजक ने मिलकर ज्ञानू पर हमला किया और उसकी हत्या गला दबाकर की।
शिकायतकर्ता पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या के रूप में पेश करने की कोशिश की और शव को घर से तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर ले जाकर आम के पेड़ से तौलिए से लटका दिया। संगीता के अनुसार, स्थानीय गुढ़ थाना पुलिस ने उसकी बात सुनने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया।
छोटे-छोटे दिव्यांग बच्चों के भविष्य पर संकट पीड़िता ने बताया कि उसके दो छोटे बच्चे हैं, और दोनों को पैरों से दिव्यांगता है। पति की मृत्यु के बाद उनके परिवार के सामने जीवनयापन और सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिला ने आईजी से अनुरोध किया है कि दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
