कटनी ढीमरखेड़ा क्षेत्र के दतला नदी घाटों पर लंबे समय से हो रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने कठोर कदम उठाया है। माइनिंग और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत निकालने और उसकी परिवहन करते हुए चार ट्रैक्टरों को पकड़कर जब्त किया और इन्हें सिलौड़ी चौकी में सुरक्षा के लिए रखा गया है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र के रेत माफियाओं में बड़ा भय उत्पन्न कर दिया है।
सूचनाओं के अनुसार, ढीमरखेड़ा तहसील के विभिन्न नदी घाटों से लंबे समय से अवैध रेत निकालने का कार्य चल रहा था, जिससे सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा था। लगातार मिलने वाली शिकायतों के बाद यह मामला कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा तक पहुँच गया, जिसके बाद उच्च अधिकारियों की निर्देश पर संयुक्त कार्यवाही का कार्यक्रम बनाया गया। ढीमरखेडा थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने कहा कि पुलिस द्वारा अवैध रेत खनन के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन माफिया पुलिस की सक्रियता की जानकारी पाते ही मौके से भाग जाते थे। बुधवार को, माइनिंग इंस्पेक्टर कमलेश परस्ते और पवन कुशवाहा के नेतृत्व में माइनिंग विभाग की टीम ने ढीमरखेडा थाने के पुलिस बल, जिसे अभिषेक चौबे ने नेतृत्व किया, के साथ दतला नदी घाट पर अचानक छापा मारा। छापेमारी के दौरान, दतला घाट, बम्होरी गांव के पास अवैध रेत का खनन कर रहे चार ट्रैक्टरों को पकड़ा गया, जिन्हें सिलौड़ी चौकी लाकर जब्त किया गया। पुलिस और माइनिंग विभाग के इस संयुक्त कार्रवाई को लेकर जनता में खुशी देखने को मिल रही है। जबकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत खनन के खिलाफ आगे भी कठोर अभियान जारी रहेगा और किसी भी हालत में माफियाओं को नहीं बख्शा जाएगा।
