विकासखंड ढीमरखेड़ा के ग्राम कोठी में आंगनवाड़ी केंद्र सेहरा टोला में बच्चों को भोजन देने में हुई गंभीर चूक को कलेक्टर आशीष तिवारी ने गंभीरता से लिया है। मामले की जाँच के लिए एक संयुक्त टीम बनाई गई है, जिसने रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही सेक्टर पर्यवेक्षक पर विभागीय जांच प्रारंभ करने का भी निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके मानदेय में कटौती करने के आदेश दिए गए हैं।
जुड़ी हुई जांच टीम की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने परियोजना अधिकारी ढीमरखेड़ा आरती यादव, सेहरा टोला आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता मीना बैगा और सहायिका मैना बैगा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा कोठी की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुशीला गोंड की वार्षिक मानदेय वृद्धि को रोकने और सेक्टर पर्यवेक्षक अनीता प्रधान के खिलाफ विभागीय जांच करने का भी आदेश दिया गया है। मानदेय में कटौती के आदेश भी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीना बैगा और सहायिका मैना बैगा के खिलाफ दिए हैं, जिसमें उनकी अनुपस्थिति के समय मानदेय में कटौती की जाएगी। यह कटौती उस दिन से प्रभावी होगी जब वे नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित होकर कार्य शुरू करें।
संयुक्त जांच दल में कलेक्टर के निर्देश पर वनश्री कुर्वेती (प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास), आरती यादव (परियोजना अधिकारी, ढीमरखेड़ा) और सतीश पटेल (परियोजना अधिकारी, बहोरीबंद) शामिल रहे।
यूनाइटेड इनवेस्टीगेशन टीम ने सेहरा टोला आंगनवाड़ी केंद्र पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, संबंधित पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की उपस्थिति में जांच की। अनुसंधान के दौरान पाया गया कि नई नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका निर्धारित तारीख पर केंद्र में मौजूद नहीं थीं, जिससे बच्चों को भोजन वितरित करने में परेशानी हुई। जांच के दौरान ग्रामीणों ने सेहरा टोला के लिए नए आंगनवाड़ी केंद्र की स्वीकृति और विद्यालय परिसर में भवन निर्माण की आवश्यकता बताई, जिस पर संयुक्त जांच दल ने नियमों के अनुसार शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
