ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत भमका में जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु वाटरशेड महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। कटनी।। “जल है तो कल है” और “जल ही जीवन है” के सिद्धांत को अपनाते हुए, कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर जल संरक्षण और संवर्धन पर जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक शानदार जल यात्रा भी आयोजित की गई।
इस जल यात्रा में जन प्रतिनिधियों, आसपास के निवासियों, मातृशक्तियों, स्व सहायता समूहों की महिलाओं, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। महिलाओं ने सिर पर मिट्टी के बर्तनों को रखकर और हाथों में जल संरक्षण से संबंधित स्लोगन वाले पोस्टर लिये हुए गांव में घूमते हुए जल बचाने का संदेश फैलाया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संतोष दुबे, उपाध्यक्ष दुर्गा पारस पटेल, विधायक के प्रतिनिधि, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और विकासखंड नोडल अधिकारी, प्रोजेक्ट लीडर यजुवेंद्र कोरी, जलाशय परियोजना के जिला प्रमुख कमलेश सैनी, मीडिया के प्रभारी योगेंद्र कुमार असाटी, जनपद सदस्य, सरपंच और सैकड़ों जागरूक समाजसेवी मौजूद रहे। इस अवसर पर जनपद पंचायत के सीईओ और प्रोजेक्ट लीडर श्री कोरी ने जानकारी दी कि वाटरशेड परियोजना संख्या 1 और 2 के तहत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तालाब और खेत तालाब सहित जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े करीब 13 कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत संपन्न हुआ।साथ ही, पर्यावरण की संतुलन को बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों का रोपण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संतोष दुबे ने जनता से हर एक पानी की बूंद को बचाने की विनती की। उन्होंने ग्राम पंचायत भमका में बनाए गए नेटशेड का उद्घाटन करते हुए उसका रिबन काटा, जिसका मकसद मौसमी सब्जियों के बीज तैयार करके किसानों को प्रदान करना है, जिससे किसान अधिक उत्पादन कर बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकें।
वाटरशेड महोत्सव के अवसर पर जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने वाले जागरूक नागरिकों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मेघा मौर्य, अजय केसरवानी, संतोष द्विवेदी, राहुल पंथ, शिवम यादव, विक्रम विश्वकर्मा, शशि दिवाकर दीक्षित, भूपेंद्र सिंह, अनुपम कुशवाहा, संतोष पाठक, अभिषेक भार्गव सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, स्व सहायता समूहों की महिलाएं और अधिकारी मौजूद रहे।
