उमरियापान:- उमरियापान के कुदवारी मोहल्ले में स्थित मुक्तिधाम की दयनीय स्थिति लोगों के लिए लगातार कठिनाइयों का कारण बनती जा रही है। यहां आवश्यक सुविधाओं की कमी के चलते अंतिम संस्कार करते समय परिवार वालों को कई परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां न तो टीन शेड मौजूद है, न चिता स्थल पक्का है, न छाया की व्यवस्था है, न पेयजल की उपलब्धता है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताएँ उपलब्ध हैं।
मुक्तिधाम तक पहुँचने वाला मार्ग भी कच्चा और खस्ताहाल है, जिससे शव यात्रा के दौरान परिजनों को काफी कठिनाई उठानी पड़ती है।स्थानीय लोगों ने कहा कि कुदवारी मोहल्ले के वार्ड नंबर 4 और 5 में मुक्तिधाम के लिए सिर्फ एक खाली जगह ही चिन्हित की गई है। जहां ना तो नियमित सफाई की जाती है और ना ही इसकी देखभाल की जाती है। गांववालों के अनुसार, सैकड़ों वर्षों से इसी स्थल पर अंतिम संस्कार होते आए हैं, परंतु अब तक इसे विकसित करने की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी भर जाने के कारण स्थिति और भी बिगड़ जाती है। लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम पूरी तरह एक खुले मैदान जैसा है, जिससे अंतिम संस्कार के बाद अस्थियाँ भी सुरक्षित नहीं रहती हैं। कई बार कुत्ते राख से हड्डियों को भी निकाल लेते हैं, जिससे परिवार वालों को मानसिक आघात पहुँचता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव में अन्य स्थानों पर बने मुक्तिधाम भी ठीक से व्यवस्थित नहीं हैं, जबकि सरकार द्वारा सुव्यवस्थित मुक्तिधाम बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
हाल ही में हुआ अंतिम संस्कार:- पिछले सोमवार को कुदवारी मोहल्ले में एक वृद्ध महिला का निधन हुआ। मंगलवार को जब उनके परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो उन्हें फिर से खुले में ही संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहां उपस्थित लोगों को भी खुले में बैठकर इंतजार करना पड़ा। गांववालों ने बताया कि यहां हमेशा ही बिना किसी व्यवस्था के अंतिम संस्कार किए जाते हैं और बारिश के दिनों में तो लोगों को पानी रुकने का इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीणों की शिकायत, जिम्मेदार अनजान:-
गांववालों ने कहा कि कई बार पंचायत के जिम्मेदार लोगों को इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इनका कहना है:- अबतक मुक्तिधाम का निर्माण कार्य क्यों नहीं कराया गया है? पंचायत से इसकी जानकारी ली जाएगी। ग्रामीणों की आवश्यकता अनुसार मुक्तिधाम का निर्माण कराने का काम किया जाएगा। :- यजुवेंद्र कोरी, सीईओ जनपद ढीमरखेड़ा
