कांटी के मारूति वेयरहाउस से 5070 बोरियों में मिली 2 हजार क्विंटल अवैध धान*

जिला प्रशासन के संयुक्त जांच दल द्वारा कार्रवाईयों का क्रम लगातार बना हुआ है। कांटी के मारूति वेयरहाउस से 5070 बोरियों में 2000 क्विंटल की अवैध धान को पाया गया है। मंडी अधिनियम और इसके प्रावधानों के तहत लगभग ढाई लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। बाकल स्थित समर्थ ट्रेडर्स में संग्रहीत 1500 क्विंटल धान की निकासी पर प्रतिबंध लगाया गया है। कटनी। समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की प्रक्रिया शुरू होने से पहले, कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर, जिले की प्रशासनिक टीम ने दलालों, व्यापारियों और बिचौलियों के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए एक ठोस और सुव्यवस्थित रणनीति विकसित की है, और प्रभावी सूचना एवं मजबूत निगरानी प्रणाली की बदौलत संयुक्त जांच दल निरंतर कार्य कर रहा है। इस दल ने विजयराघवगढ़ के ग्राम कांटी में स्थित मारूति वेयरहाउस के खुले क्षेत्र और नजदीकी छोटे गोदाम से 5070 बोरियों में 2028 क्विंटल अवैध धान मिलने पर मंडी अधिनियम के तहत लगभग ढाई लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। राजस्व विभाग, कृषि विभाग, खाद्य विभाग तथा कृषि उपज मंडी की सामूहिक टीम द्वारा मारूति वेयरहाउस का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय, गोदाम में 2028 क्विंटल धान संग्रहीत मिला, जिसका मौके पर पंचनामा कर अभिकथन लिया गया। अदृश्य शक्ति न्यूज से जानकी प्रसाद विश्वकर्मा की खबर
कलेक्टर श्री तिवारी अवैध धान भंडारण व परिवहन के हर मामले पर पैनी नजर रखते हैं
अभिलेख उपलब्ध करायें
कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले में सभी गोदाम संचालकों को अनिवार्य निर्देश दिए हैं कि वे उपज के भंडारण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, जैसे बी-1 खसरा, गिरदावरी, आधार कार्ड, और सिकमी पट्टे की एक प्रति उपस्थित कराने के लिए तैयार रहें। यह मांग प्रशासन की ओर से की गई थी। हालांकि, जब मारूति गोदाम कांटी की जांच की गई, तो वहां के संचालक कमल साहू, जो ग्राम बरखेड़ा बडवारा के निवासी हैं, किसानों द्वारा आवश्यक दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सके। किसानों के पंजीकरण की छायाप्रति केवल मौके पर उपलब्ध कराई गई थी। जब मामले की जांच की गई, तब पता चला कि आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के साथ ही गोदाम में धान का भंडारण खरीदारी की तारीख से पहले से ही किया गया था। मध्य प्रदेश कृषि गोदाम अधिनियम 1947 और भंडारण (विकास और विनियम) अधिनियम 2007 के अनुसार, कृषि उपज की सही पहचान बनाए रखना आवश्यक है। इन नियमों के उल्लंघन के कारण किसानों के नाम पर रखी गई 2,028 क्विंटल धान का अवैध भंडारण पाया गया है। कृषि उपज की मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19 (4) के अनुसार, 5,070 बोरी धान, जिसमें प्रति बोरी 40 किलोग्राम वजन है, अवैध रूप से भंडारित की गई थी। इन बोरियों का वास्तविक वजन 2,028 क्विंटल होने पर 2,49,444 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसमें 41,57,400 रुपए की दंड राशि 2,500 रुपए प्रति क्विंटल के मान से, 2,07,870 रुपए का मंडी शुल्क, और 41,574 रुपए की दंडित निराश्रित सहायता राशि शामिल है, जिसे आठ दिनों में मंडी कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो भू-राजस्व की तरह वसूली की प्रक्रियाएं लागू की जाएंगी, और इसकी जिम्मेदारी गोदाम संचालक की होगी।
बाकल में धान निकासी पर रोक
बाकल स्थित समर्थ ट्रेडर्स के गोदाम की संयुक्त जांच दल द्वारा समीक्षा की गई। मौके पर गोदाम के अंदर लगभग 1,500 क्विंटल धान का भंडारण पाया गया। गोदाम के मालिक शैलेन्द्र जैन को कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देशित किया कि व्यापारियों द्वारा खरीदे गए धान की निकासी पर 20 जनवरी तक रोक लगा दी गई है। इस निरीक्षण दल में नायब तहसीलदार आकाशदीप नामदेव, सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला, और मंडी निरीक्षक प्रशांत मौर्य व सुधीर त्रिपाठी उपस्थित थे।

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