मध्यान्ह भोजन एवं शिक्षा की गुणवत्ता परखने जिला पंचायत सीईओ ने विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, बच्चों का बढ़ाया हौसला
कटनी। आज जिला पंचायत के सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने माध्यमिक विद्यालय बड़गांव में निरीक्षण के दौरान कक्षा सात के छात्रों से कुछ सवाल किए जैसे कि आपका नाम क्या है, आप किस कक्षा में हैं, आज आपने क्या अध्ययन किया और किस प्रकार का भोजन किया, और भविष्य में आपकी ambitions क्या हैं।इसके लिए आपने क्या तैयारी की है
छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए सुश्री कौर ने यह कहा कि अपने सपने को साकार करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि पिछले तीन सालों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें। नियमित अध्ययन और जिज्ञासा की आवश्यकता है। इस मौके पर अधिकारियों ने उपस्थिति पंजी का निरीक्षण भी किया। विद्यालय में सबसे अधिक उपस्थिति वाले छात्रों को अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए कहा गया। इस दौरान, उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और वितरण के बारे में बच्चों से जानकारी प्राप्त की। नमन रैदास ने पानी के महत्व के बारे में बताया और छवि मिश्रा ने एक उत्साही कहानी सुनाई।
सुश्री कौर के पूछने पर नमन रैदास ने पानी की अहमियत के बारे में विचार साझा किए, जबकि छवि मिश्रा ने उत्साह से लबरेज एक कहानी सुनाई। जिला पंचायत की सीईओ ने उनकी प्रशंसा करते हुए बाकी छात्रों से तालियाँ बजवाईं।
कुपोषित बच्चों की जानकारी मिलने पर जताई चिंता
आंगनबाड़ी केंद्र रैपुरा का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से बातचीत की और नन्हे बच्चों से भी संवाद किया। उन्होंने कुपोषित बच्चों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल और नियमित पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नन्हे बच्चों की मासूमियत देखकर उन्होंने कहा कि उनकी माताओं से संपर्क स्थापित करें ताकि वे बच्चों को ठीक से तैयार करके आंगनबाड़ी केंद्र भेज सकें।
पीडीएस भवन रैपुरा और घुघरा के छात्रावास का किया निरीक्षण
जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने रैपुरा में पीडीएस की जांच करते हुए दुकान खोलने के दिन, स्टॉक स्थिति आदि के बारे में दुकान प्रभारी से जानकारी ली। उन्होंने सख्ती से आदेश दिया कि जन सुविधा के लिए सूचना पट्ट पर दुकान खोलने के दिन, उपलब्ध वस्तुओं, स्टॉक स्थिति एवं मोबाइल नंबर को स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए, ताकि नागरिकों को जानकारी के बिना भटकना न पड़े। इसके बाद, सुश्री कौर ने आदिवासी कन्या छात्रावास घुघरा में सुविधाओं और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। उन्होंने बालिकाओं से वार्तालाप कर आवश्यक जानकारी इकट्ठा की और अधिकारियों को आवश्यक सुधार और अधूरे काम को पूरा करने के लिए निर्देशित किया।
