शहर में अवैध विवाह स्थलों पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गई है। वास्तविकता में हालात पूरी तरह से असंतोषजनक दिखाई देते हैं। कुछ दिन पहले नगर निगम कटनी के आयुक्त ने अवैध विवाह स्थलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के आदेश दिए थे, लेकिन उन आदेशों का पालन करने वाले अधिकारियों के लिए ये निर्देश बेकार साबित हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, वैध और अवैध विवाह स्थलों की निगरानी और कार्रवाई का कार्यभार भवन अनुज्ञा शाखा के अंशुमान सिंह को सौंपा गया है। फिर भी, अब तक किसी व्यापक जांच का आरंभ होना तो दूर, किसी अवैध विवाह स्थल पर प्रभावी कार्रवाई के कोई संकेत भी नहीं मिल रहे हैं।
शहर के निवासियों का कहना है कि विवाह आयोजनों में बढ़ती अनियमितताएं, ट्रैफिक व्यवस्था की खराबी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से रोजाना समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन संबंधित विभाग केवल औपचारिकताओं में व्यस्त दिखाई देता है।
नगर निगम आयुक्त के निर्देशों के बावजूद अगर कार्रवाई धरातल पर नहीं दिखती है, तो यह संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि प्रशासन कागज़ी कार्यवाहियों से बाहर निकलकर वास्तव में अवैध विवाह स्थलों पर किसी मजबूती से कार्रवाई करता है या नहीं।
