बदेरा थाना क्षेत्र से एक किशोरी को लुभाकर ले जाने और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का एक अत्यंत चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए केवल तीन दिनों के भीतर किशोरी को गुजरात के वडोदरा से सुरक्षित रूप से वापिस लाने में सफल रही और संदिग्ध युवक को पकड़कर अदालत के सामने पेश किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 नवंबर को एक शिकायतकर्ता ने बदेरा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 साल 7 महीने की बेटी अचानक बिना किसी सूचना के घर से निकल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर लड़की की खोज तेज कर दी। वडोदरा में मिली लोकेशन, 28 नवंबर को बरामदगी।
पुलिस की लगातार निगरानी के दौरान किशोरी का पता गुजरात के वडोदरा में लगा। इसके बाद, बदेरा थाना के प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिंह परिहार के मार्गदर्शन में एक टीम वडोदरा के लिए रवाना हुई और 28 नवंबर को किशोरी को वहां से सुरक्षित बरामद कर लिया।बरामदगी के उपरांत नाबालिग द्वारा दिए गए बयान में उल्लेख किया गया कि अभियुक्त युवक उसे शादी का बहाना बताकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया। बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले से संकलित मामले में नए धाराएं जोड़ते हुए धाराएं 64(2)(m), 96 बीएनएस और पॉक्सो एकट की धारा 4, 5(L) और 6 भी जोड़ दी हैं।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान सतीश वादी (उम्र 19 वर्ष), पिता रमन भाई वादी के रूप में हुई है, जो ग्राम जूना केशराना मुवाडा, थाना डेशर, जिला वडोदरा (गुजरात) के निवासी हैं। पुलिस ने अभियुक्त को अपनी गिरफ्त में लेकर मैहर लाया और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक मैहर अवधेश प्रताप सिंह, एएसपी डॉ. चंचल नागर और सीएसपी महेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में निरीक्षक अभिषेक सिंह परिहार, गंगादीन वर्मा, रमेश प्रसाद ओझा, मनीष लारिया,आर. सुशील कुमार, गजराज सिंह, दिलीप ओझा, पूर्णिमा सिंह, संदीप सिंह परिहार और सुशील द्विवेदी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुलिस के अनुसार मामले की आगे की जांच अभी भी जारी है।
