कटनी : मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने सिंगरौली जिले में आदिवासी क्षेत्र की भूमि का उपयोग पावर प्लांट और कोयला खदान के लिए अधिग्रहण के खिलाफ राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजा गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सिंगरौली जिले के अजंनी गांव समेत कई आदिवासी केंद्रित क्षेत्रों में लगभग 1400 हेक्टेयर भूमि को खदान के लिए अधिग्रहित किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदायों का स्थानांतरण और उनके जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा। आदिवासी कांग्रेस ने यह आरोप लगाया है कि प्रशासन के दबाव में आदिवासी परिवारों को उनकी भूमि से हटाया जा रहा है।
संगठन ने निम्नलिखित मांगें की हैं:
(1) अजंनी गांव की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।
(2) खनन गतिविधियों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और पारंपरिक जीवन पर प्रभाव का यथार्थ सर्वेक्षण कराया जाए।
(3) आदिवासी अधिकारों के संरक्षण के लिए वन अधिकार कानून का कठोरता से पालन किया जाए।
आदिवासी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो विरोध को और तेज किया जाएगा।
