दद्दा धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर, प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन स्थल का लिया जायजा
कटनी। दद्दा धाम में नौ से तेरह नवम्बर तक आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का मुआयना किया। कलेक्टर आशीष तिवारी और एसपी अभिनव विश्वकर्मा महोत्सव की जगह पहुंचे और आयोजन की तैयारियों के बारे में प्रबंधन समिति से जानकारी प्राप्त की। उनके साथ अन्य शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी थे। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि यह आयोजन सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पूरा हो। इस समय निगम आयुक्त तपस्या परिहर, एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी, एडिशनल एसपी संतोष डेहरिया, माधव नगर थाने के प्रभारी संजय दुबे, यातायात प्रभारी राहुल पांडे, दद्दा जी के पुत्र पंडित नीरज त्रिपाठी, तनवीर खान, सुमित (संजू अजमानी), दीपक जैन, दद्दा जी शिष्य मंडल के मीडिया प्रभारी संजीव श्रीवास्तव, दीपक दुबे, राहुल गर्ग, संतोष गुप्ता, गोविंद पटेल, नितेश दुबे, अमित पांडे, आशीष गुप्ता और नितिन पाठक उपस्थित रहे।
भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस उत्सव के दौरान दद्दा धाम में कई धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। आयोजनों की श्रृंखला में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगा। महारुद्राभिषेक और भंडारा, महाप्रसाद दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। अमृतमयी कथा 11 से 13 नवम्बर तक शाम 4 बजे पंडित इंद्रेश उपाध्याय जी (वृंदावन) द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। मुख्य अनुष्ठान 11 नवम्बर (अगहन कृष्ण पक्ष सप्तमी) को सुबह 10 बजे सम्पन्न होगा। इस अवसर पर विभिन्न हिस्सों से प्रसिद्ध संतों और अन्य मेहमानों की उपस्थिति रहेगी।
विशेष कथावाचक और संतजन
दद्दा धाम में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में पंडित मोहित मराल गोस्वामी जी (राधा वल्लभ मंदिर, वृंदावन), पंडित अनिरुद्ध आचार्य जी (गौरी गोपाल आश्रम, वृंदावन), पंडित पुंडरीक गोस्वामी जी (कथावाचक, वृंदावन), रेणुका जी (राधा रमण मंदिर, वृंदावन) और संत लाल दास साईं जी (झूलेलाल मंदिर, छत्तीसगढ़) उपस्थित रहेंगे।
प्रतिदिन संगीतमय भक्ति संध्या
महोत्सव के दौरान दद्दा धाम में हर दिन संगीतमय भक्ति संध्या का आयोजन होगा, जिसमें देश भर के प्रसिद्ध भजन गायक और कलाकार अपने भजनों और गीतों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेंगे। 9 नवम्बर को संजो बघेल सुबह 9 बजे अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद 11 नवम्बर को शाम 6 बजे कन्हैया मित्तल जी की भजन संध्या होगी। 12 नवम्बर को चित्र विचित्र जी महाराज शाम 6 बजे भक्तों के साथ भक्ति रस में शामिल होंगे। उत्सव के समापन पर 13 नवम्बर को निकुंज कामरा, आरुषि गंभीर, भक्त भगवान प्रभु जी और बृजरस अनु रानी ‘पूर्णिमा’ जी शाम 6 बजे अपने संगीत और भजनों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इन संध्याओं में भक्ति रस, संगीत और भावनाओं का अद्वितीय मिश्रण देखने को मिलेगा।
