bhopal news भोपाल छात्रा मौत केस में बड़ा खुलासा! हादसा नहीं, दोस्त ने दूसरी मंजिल से धक्का देकर की हत्या

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चूनाभट्टी थाना क्षेत्र के एक भवन से गिरने के कारण कॉलेज की छात्रा की मृत्यु के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। प्रारंभ में इस घटना को दुर्घटना समझा जा रहा था, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने छात्रा के मित्र कपिल तुषार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को दूसरी मंजिल से धक्का दिया, जिससे उसकी मृत्यु हुई। घटना के बाद से आरोपी फरार है और उसकी खोज जारी है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार 7 जनवरी को चूनाभट्टी क्षेत्र में रहने वाली 22 वर्षीय प्रिया मेहरा छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। एक युवक उसे गंभीर अवस्था में जेपी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह युवक अस्पताल में शव छोड़कर भाग गया। अस्पताल प्रशासन को यह मामला संदिग्ध लगा, जिससे पुलिस को सूचना दी गई।
परिवार ने हत्या का संदेह जताया था। पुलिस घटनास्थल पर जब पहुंची, तो युवती के शरीर पर चोटों के निशान मिले, जिससे संदेह बढ़ गया। एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह ने कहा कि शुरू में पुलिस ने इसे छत से गिरने की घटना मानकर जांच जारी रखी थी। लेकिन दो दिन बाद मृतका के परिजनों ने कोलार थाना क्षेत्र के दानिश कुंज चौराहे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि प्रिया की हत्या कर इसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया है।
परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में तेजी लाई। चूनाभट्टी थाना के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र मौर्य के मुताबिक, ईश्वर नगर की निवासी प्रिया मेहरा नूतन कॉलेज की बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। वह 7 जनवरी को कॉलेज जाने की योजना बनाकर घर से निकली थी, लेकिन कॉलेज जाने की बजाय अपने दोस्त कपिल तुषार के पास पालिका कॉलोनी पहुंच गई। वहीं एक मकान की दूसरी मंजिल से गिरने के बाद उसकी मृत्यु हुई।

jabalpur news जघन्य वारदात में अपर सत्र न्यायालय पाटन का सख्त फैसला, पत्नी-परिजनों पर कुल्हाड़ी से किया था जानलेवा हमला

जबलपुर। घरेलू झगड़े के कारण बर्बरता की सभी सीमाएं पार करते हुए हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है, जिससे समाज को एक स्पष्ट संदेश मिला है कि गंभीर अपराधों को किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, श्री ओमप्रकाश रजक की अदालत ने थाना चरगंवा में चर्चित और सनसनीखेज सत्र प्रकरण क्रमांक 439/2021 में अभियुक्त कल्याण सिंह को हत्या के अपराध में आजीवन कठोर कारावास और विभिन्न धाराओं में दंडित किया है।
न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और 2000 रुपये का आर्थिक दंड, धारा 324 भादवि में छह महीने का कारावास व 500 रुपये का आर्थिक दंड तथा धारा 307 भादवि में तीन साल का कठोर कारावास और 1000 रुपये का आर्थिक दंड दिया।
पूरा मामला क्या है –
अभियोग पत्र के अनुसार, 29 दिसंबर 2020 को ग्राम हीरापुर में झगड़े की सूचना पर थाना चरगंवा की पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायतकर्ता पन्नालाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी चचेरी बहन गुड्डी बाई की शादी आरोपी कल्याण सिंह से हुई थी। पारिवारिक विवाद के कारण आरोपी अपनी पत्नी के साथ बार-बार मारपीट करता था। 28 दिसंबर की रात भी आरोपी ने गुड्डी बाई के साथ क्रूरता से मारपीट की थी।
घटना के थोड़ी देर बाद आरोपी के बेटे शिवम ने फोन किया और बताया कि उसके पिता ने दवाई पी ली है और वह कमरे में बेहोश हैं। इस सूचना पर पन्नालाल, उसके परिवार के लोग और महिलाएं आरोपी के घर पहुंचे। बातचीत करते समय आरोपी अचानक गुस्सा हो गया और अभद्र गालियां देते हुए कमरे से एक लोहे की कुल्हाड़ी लाया।
आरोपी ने जान से मारने की मंशा से कल्लू बाई पर कुल्हाड़ी से हमला किया। बीच-बचाव के लिए आए पन्नालाल पर भी उसने वार किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसी बीच, अन्य परिजन जान बचाकर भागने लगे। भागते समय रज्जू गिर पड़ा, जिस पर आरोपी ने उसकी गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से कई बार वार करके उसकी मौके पर ही हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।पुख्ता जांच, सही सबूत बनी सजा का आधार-
घटना के संदर्भ में थाना चरगंवा में अपराध संख्या 418/2020 के अंतर्गत धारा 294, 307, 302, 506/2 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच तत्कालीन थाना प्रमुख एसआई रितेश पांडेय द्वारा की गई। वैज्ञानिक, सही और मजबूत सबूतों के संग्रह के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रभावशाली ढंग से अपना मामला पेश किया।
अदालत ने सभी सबूतों, गवाहों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई। यह निर्णय केवल पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान करने वाला नहीं है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास को भी बढ़ावा देता है।

katni news today बिलहरी पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत गंभीर अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान में बिलहरी पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक संदिग्ध को पकड़ लिया है। 09 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि शिकायतकर्ता अपने घर के सामने बीड़ी भर रहा था, तभी गांव का कुंवर पटेल वहां पहुंचा और गाली देकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद, आरोपी ने घर की ऊपरी मंजिल से पत्थर फेंका, जो चांदनी पटेल के सिर पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। घायल को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले के दर्ज होने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बड़गांव मोड़ के समीप मौजूद है। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी बिलहरी उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय और पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

katni news बरही में सेंट्रल बैंक के पास युवक हुआ साइबर ठगी का शिकार

कटनी। जिले में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालिया घटना बरही थाने के क्षेत्र में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पास हुई, जहां एक युवक साइबर धोखाधड़ी का शिकार बना। पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता कुठिया मोहगवां का निवासी 28 वर्षीय शिवम उपाध्याय ने कहा कि 23 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच, जब वह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बरही के पास उपस्थित था, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे साइबर धोखाधड़ी की। आरोपी ने ट्रांजेक्शन आईडी 535709513873 और 535709523930 का उपयोग करते हुए धोखाधड़ी की, जिससे युवक को वित्तीय हानि उठानी पड़ी। पीड़ित की शिकायत पर बरही पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए संबंधित ट्रांजेक्शन आईडी के आधार पर प्रयास कर रही है। बैंक और साइबर सेल की सहायता से आरोपी के बैंक खाते और स्थान को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने जनता से निवेदन किया है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना ओटीपी, पिन, बैंक जानकारी या निजी विवरण साझा न करें। यदि साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत 1930 हेलpline पर कॉल करें या निकटतम थाने में मामला दर्ज कराएं।

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