singrauli news today सिंगरौली मे स्कूली छात्र की बेल्ट से पिटाई।

सिंगरौली। जिले के निवास चौकी क्षेत्र से एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें स्कूली छात्रों के मध्य झगड़ा हुआ। मंगलवार को हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के कारण यह मामला प्रकाश में आया। वीडियो में दो छात्र एक 12वीं कक्षा के छात्र को उसकी बेल्ट से मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित छात्र का नाम ज्ञानेश विश्वकर्मा बताया गया है।

जिले के निवास चौकी क्षेत्र में स्कूल के परिसर की प्रतिष्ठा को कलंकित करने वाली इस घटना का खुलासा हुआ है। यहां 12वीं कक्षा का एक छात्र अपने सहपाठियों द्वारा सार्वजनिक रूप से बेल्ट से पीटा गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के कारण मामला सामने आया। ज्ञानेश विश्वकर्मा, जो कि पीड़ित है, ने बताया कि 26 जनवरी को उसके सहपाठियों समीर साहू, छोटू साहू और सौरव साहू ने उसे अपशब्द कहे थे। परेशान होकर उसने इस विषय में अपने स्कूल के प्राचार्य से शिकायत की। प्राचार्य द्वारा reprimand किए जाने के बाद आरोपी गुस्से में आ गए और प्रतिशोध लेने की योजना बनाई। मंगलवार को लगभग तीन बजे तीनों छात्रों ने ज्ञानेश को अकेला पाकर सड़क पर रोक लिया। आरोप है कि पहले उसे लात-घूसों से मारा गया और फिर बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। इस घटना के दौरान किसी राहगीर ने वीडियो बना लिया, जो बहुत जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई में जुट गई। निवास चौकी पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर तीनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। चौकी प्रभारी प्रियंका सिंह के अनुसार, आरोपियों को ढूंढने का काम जारी है और मामले की पूरी तरह जांच की जा रही है।

katni news today कटनी के बाहर से आने वाली जनता के लिए मुख्य स्टेशन के प्रमुख चौराहे के समीप गंदगी का अंबार

कटनी नगर पालिका निगम द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, पर असलियत मुख्य रेलवे स्टेशन के बाहर कुछ और ही है। स्टेशन के प्रमुख चौराहे और उसके आस-पास दिनभर गंदगी का ढेर देखा जा सकता है। कचरे के ढेर, बिखरी पॉलीथिन, दुर्गंध और अनियमित नालियां वहां आने वाले यात्रियों का स्वागत करती हैं।

कटनी जिले में बाहर से आने वाले लोगों के लिए रेलवे स्टेशन शहर के प्रवेश का प्रतीक है, लेकिन यह प्रतीक साफ-सुथरी जगह के बजाय अव्यवस्था और गंदगी का संकेत दे रहा है। सुबह से लेकर शाम तक इस क्षेत्र में सफाई के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखाई देती। यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को गंदगी के बीच होकर गुजरना पड़ता है।

यह आश्चर्यजनक है कि नगर पालिका निगम के जिन कर्मियों को शहर के अन्य हिस्सों में गंदगी के लिए चालान काटते और तस्वीरें खींचते देखा जाता है, उनका प्रभाव इस महत्वपूर्ण स्थान पर कहीं दिखाई नहीं देता। ऐसा लगता है कि मुख्य स्टेशन क्षेत्र उनकी निगरानी से बाहर है।

शहर की साफ-सफाई पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। यदि मुख्य स्टेशन जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थान पर सफाई की कमी रहती है, तो शहर की छवि आम जनता और बाहर आने वाले यात्रियों के मन में कैसी बनेगी, यह सोचने का विषय है। अब यह आवश्यक है कि नगर पालिका निगम केवल कागजों पर दावों और फोटो सेशनों तक ही सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि कटनी को एक स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के रूप में पहचाना जा सके।

 satna news today सतना में ट्रक ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, पिता-पुत्र की मौत

घटना से नाराज स्थानीय निवासियों ने कुछ समय के लिए सड़क को अवरुद्ध कर दिया और घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को मृतकों के शव को उठाने से रोका। बाद में उच्च अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण और उनके परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत हुए।
मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक तेज गति वाली ट्रक ने बताया जाता है कि एक मोटरसाइकिल को टक्कर दे दी, जिससे उस पर सवार पिता और पुत्र की मौके पर ही जान चली गई। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना कोलगवां थाना क्षेत्र के मटेहना गांव के नजदीक हुई और आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया गया है।

घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने थोड़ी देर के लिए सड़क को बंद कर दिया और पुलिस को मृतक के शव को उठाने नहीं दिया जो मौके पर पहुंची थी। बाद में उच्च अधिकारियों के समझाने पर गांववाले और उनके परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए।

मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसके कारण उस पर सवार पिता और पुत्र की तत्काल मृत्यु हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह घटना कोलगवां थाना क्षेत्र के मटेहना गांव के पास हुई और आरोपी चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

rithi news रीठी स्वास्थ्य विभाग की अनियमितताओं पर जनसुनवाई में उठा मामला

आम जनता को संवेदनशील और जनोन्मुखी प्रशासन प्रदान करने के उद्देश्य से कटनी जिले के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने मंगलवार को रीठी जनपद पंचायत में आयोजित जनसुनवाई में भाग लिया। जहां कलेक्टर श्री तिवारी धैर्यपूर्वक और गंभीरता से लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे। तभी 112 आए, आवेदनों में रीठी स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को उजागर करती हुई जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 9 की सदस्य माला मौसी पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर के समक्ष अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कथित अनियमितताओं और लापरवाही का एक लिखित शिकायत पत्र पेश किया, जिसमें मनमानी और लापरवाही के आरोप लगाए गए थे।

यहां एक महत्वपूर्ण बात यह थी कि जनसुनवाई के दौरान जिले के प्रशासन में स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं था। उन्हें तत्काल फोन करके बुलाया गया। वहीं, जनपद अध्यक्ष प्रभारी प्रकाश साहू ने भी अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता से संबंधित शिकायत पत्र सौंपते हुए जनता को स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की।

जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच की जाएगी और जल्द ही समाधान किया जाएगा।

इस समय जिला पंचायत सीईओ और प्रभारी निगमायुक्त हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम प्रमोद कुमार चतुर्वेदी, जिला प्रबंधक लोकसेवा श्री दिनेश विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिले स्तर के अधिकारी और विकासखंड स्तर के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

patna news today पटना में बालू से लदे ट्रक ने बरपाया कहर, बाइक सवार युवक को कुचला, DSP की गाड़ी को मारी टक्कर

जानकारी के अनुसार, डोमनिया रेलवे ओवरब्रिज पर नो-एंट्री क्षेत्र में घुसे बालू से भरे ट्रक ने बाइक सवार अरविंद सिंह (आरा जिला के निवासी) को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। बाइक पर मौजूद दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज पटना में चल रहा है।

पटना। राजधानी पटना के बिहटा थाने इलाके में मंगलवार को एक बालू से भरा ट्रक सड़क पर खतरनाक स्थिति पैदा कर दिया। रेलवे ओवरब्रिज पर बाइक सवार युवक को कुचलने के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश में दानापुर DSP-2 की सरकारी गाड़ी को भी टक्कर मार दी और उसे रौंदने का प्रयास किया। इस घटना में DSP-2 अमरेंद्र कुमार झा बाल-बाल बचे।

दुर्घटना के बाद, भाग रहे ट्रक की मुठभेड़ दानापुर DSP-2 अमरेंद्र कुमार झा की सरकारी गाड़ी से हो गई। ट्रक ने सीधा DSP की गाड़ी पर चढ़ाई कर दी। सौभाग्य से, DSP और उनके अंगरक्षक को कोई चोटें नहीं आईं।

दुर्घटना के बाद DSP की गाड़ी ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे लगभग 3 घंटे तक सड़क पर जाम लगा रहा। काफी मेहनत के बाद गाड़ी को बाहर निकाला गया। पुलिस ने ट्रक के चालक नीरज कुमार और खलासी सुधीर कुमार (दोनों मनेर थाना क्षेत्र के निवासी) को गिरफ्तार कर लिया है।

स्थानीय निवासियों ने पुलिस और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नो-एंट्री क्षेत्र में बालू के ट्रक बेधड़क चलते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

katni news todayकाम भी बढ़ा, अवकाश घटा बैंक कर्मियों को आखिर हड़ताल पर क्यों उतरना पड़ा… पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर SBI कर्मियों की हुंकार, बैंकिंग सेवाएं ठप बैंककर्मियों की आवाज़ सड़कों तक पहुँची….काम का बढ़ता बोझ बना आंदोलन की वजह. समाधान टकराव में नहीं, संवाद में है सरकार

कटनी।। भारतीय स्टेट बैंक के स्टाफ का एकदिवसीय हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के दिशा-निर्देश पर हुआ। यह आंदोलन वास्तव में सरकार और नीति निर्माताओं के प्रति एक स्पष्ट संकेत है। बीते कुछ वर्षों में बैंकिंग प्रणाली पर जिम्मेदारियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल लेन-देन का बढ़ता प्रयोग, सरकारी स्कीमों का क्रियान्वयन, ऋण वितरण की जिम्मेदारी और ग्राहकों की बढ़ती अपेक्षाएं, इन सभी के बीच बैंक कर्मचारी सीमित संसाधनों और कम अवकाश में काम करने के लिए मजबूर हैं। इस प्रकार, एक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग अब कोई विलासिता नहीं रह गई है, बल्कि यह कार्य-जीवन संतुलन की एक आवश्यक आवश्यकता बन गई है। हड़ताल का सीधा प्रभाव आम लोगों पर पड़ा। नकद निकासी, पेंशन, वेतन भुगतान और अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्यों के लिए शाखाओं में पहुंचे लोग निराश होकर वापस लौट गए। जब भी प्रशासन और श्रमिकों के बीच संवाद कट जाता है, इसकी कीमत अंततः आम जनता को चुकानी पड़ती है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कर्मचारियों ने एकदिवसीय हड़ताल का आयोजन किया। इस हड़ताल के कारण जिले की सभी एसबीआई शाखाओं में कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा, जिससे बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर आम नागरिकों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। नकद लेन-देन, चेक का निपटारा, पासबुक में प्रविष्टियां, ऋण से संबंधित गतिविधियाँ और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल में भाग लेने वाले बैंक कर्मचारियों ने बताया कि यह आंदोलन उनकी लंबे समय से अधूरी मांगों के कारण किया गया है। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए और सप्ताह में दो दिन की छुट्टी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इस मांग को लेकर कई बार सरकार और संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित किया गया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी अभियान चलाए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।बैंक के कर्मचारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बैंकिंग के कार्यभार में निरंतर वृद्धि देखी गई है। डिजिटल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन, ऋण वितरण तथा ग्राहक सेवा की जिम्मेदारियों के चलते कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता जा रहा है। पर्याप्त अवकाश की कमी के कारण उनके स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए तो तनाव में कमी आएगी, कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकेंगी।

आम नागरिकों को हुई समस्याएं
Hड़ताल के परिणामस्वरूप बैंक पहुंचे ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई लोग पेंशन, वेतन निकासी, आवश्यक भुगतानों और व्यापारिक लेन-देन के लिए बैंक में आए थे, लेकिन सेवाएं बंद रहने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, छोटे व्यवसायियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहकों को अधिक कठिनाई हुई।
बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल सरकार के लिए एक संकेत है। यदि उनकी मांगों पर त्वरित और गंभीर विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलनों को और तीव्र किया जाएगा, जिसका दायित्व शासन-प्रशासन पर होगा। वर्तमान में यूनियनों ने अपनी मांगें सरकार और रिजर्व बैंक के सामने रख दी हैं। अब सभी की नज़र इस बात पर है कि केंद्र सरकार बैंक कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करती है या फिर कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने में और तेज होना पड़ेगा। बैंककर्मियों का यह भी कहना है कि अधिक अवकाश मिलने से न केवल उनका तनाव कम होगा, बल्कि वे ज्यादा ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। यह तर्क अपनी स्थिति में मजबूत है, क्योंकि थका हुआ कर्मचारी न केवल अपने लिए बल्कि संस्था के लिए भी बेहतर परिणाम नहीं दे सकता है। यह हड़ताल सरकार के लिए एक संकेत है कि बैंकिंग क्षेत्र की मानवीय आवश्यकताओं को गंभीरता से समझा जाए। यदि मांगों को अनदेखा करने की नीति जारी रहती है, तो आंदोलन और भी व्यापक हो सकता है, जिसका असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।

maihar news today 6 दिन से लापता नाबालिग किशोरी का नाले में मिला क्षत-विक्षत शव

मैहर : ताला थाना क्षेत्र के पपरा जंगल में एक नाबालिग लड़की का शव नाले से मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह किशोरी पिछले छह दिनों से लापता थी। शव के बुरी हालत में मिलने के कारण अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। मृतक की पहचान कंदहली की रहने वाली 17 वर्षीय दुर्गा यादव, पिता रामकलेश यादव, के रूप में की गई है।

जानकारी के अनुसार, दुर्गा यादव मंगलवार को पांच भैंसें लेकर जंगल में चराने गई थी। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटी, तो परिवारवालों ने उसे खोजना शुरू किया। आसपास के गांवों और जंगल में ढूंढने के बाद भी किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने ताला थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

एक हफ्ते की निरंतर खोजबीन के बाद पपरा जंगल के एक नाले में किशोरी का शव मिला। शव की स्थिति बहुत ही खराब थी, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या या किसी गंभीर घटना की आशंका जताई है।

घटना की जानकारी मिलते ही ताला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा प्रक्रिया की। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

मृतक की मां रामबाई यादव ने बताया कि उनकी बेटी भैंसें चराने गई थी। शाम तक घर वापस नहीं आने पर खोज शुरू की गई। बाद में भैंसें तो मिल गईं, लेकिन दुर्गा का कोई पता नहीं मिला।

इस मामले में थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने कहा कि किशोरी का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। घटना के बाद से इलाके में भय का माहौल बना हुआ है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

katni news चौकी निवार, थाना माधवनगर पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले के विरूद्ध की गई कार्यवाही

श्री अभिनव विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में, शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों पर कार्रवाई करते हुए एक मोटरसाइकिल को जब्त किया गया।

इस मामले का संक्षेप में विवरण इस प्रकार है कि 25/1/26 को चौकी निवार थाना माधवनगर की पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए अपराधों पर नियंत्रण लगाने के लिए ग्राम निवार बस्ती में वाहन चेकिंग की। इस दौरान मोटरसाइकिल नंबर MP 21 MF 6012 का चालक, पवन यादव, जो कि 25 वर्ष का है और ग्राम तिहारी, थाना स्लीमनाबाद का निवासी है, शराब के प्रभाव में पाया गया। मौके पर पवन यादव का परीक्षण ब्रीथ एनालाइज़र मशीन से किया गया जिसमें शराब की उपस्थिति पाई गई। इसलिए, पवन यादव को धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराधी पाया गया और पुलिस ने मौके पर मोटरसाइकिल नंबर MP 21 MF 6012 को गवाहों के सामने जब्त कर लिया। इस मामले की प्रगति चौकी निवार थाना माधवनगर में ईस्तगाशा नंबर 24/26 धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दर्ज की गई है, जिसमें आरोपी चालक पवन यादव को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

katni news चौकी निवार, थाना माधवनगर पुलिस द्वारा खाद्यान्न की चोरी करने वाले एवं खाद्यान्न खरीदने वाले चार आरोपीयो को गिरफ्तार कर, न्यायालय पेश कर भेजा गया जेल

पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा की देखरेख में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में माधवनगर थाना क्षेत्र के निवार चौकी ने खाद्यान्न की चोरी में शामिल चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया एवं उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें कारावास में भेजा गया।
इस मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 24/1/26 को प्रार्थी ऋषभ कुमार जैन, पिता बिजय कुमार जैन, जो 38 वर्ष के हैं और निवार पहाड़ी, माधवनगर, कटनी के निवासी हैं, चौकी में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि साहू मोहल्ला, निवार पहाड़ी में उनका पुराना अनाज रखने का गोदाम है, जिसमें 20 बोरी गेहूँ रखी गई थी, जिनका वजन लगभग 50 किलो प्रति बोरी है, जो कि 20/12/2025 को चोरी हो गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अपराध संख्या 81/26 धारा 331(4), 305(ए), बी.एन.एस. के अंतर्गत दर्ज की गई और इसे विवेचना में लिया गया।
जांच के दौरान चार अज्ञात संदिग्धों (1) भक्कल कोल, पिता स्व मोतीलाल कोल, उम्र 35 वर्ष, चिरईहार मोहल्ला, निवार पहाड़ी, थाना माधवनगर, जिला कटनी (2) सोमलाल उर्फ काला कोल, पिता कन्छेदी कोल, उम्र 21 वर्ष, काली मोहल्ला, कोल बस्ती, निवार, थाना माधवनगर, जिला कटनी (3) रंजीत उर्फ बाबा कोल, पिता स्व दुखी लाल कोल, उम्र 19 वर्ष, चिरईहार, निवार पहाड़ी, थाना माधवनगर, कटनी से पूछताछ की गई, जिसके दौरान उनके द्वारा दिए गए बयान को नोट किया गया। उन्होंने बताया कि 21/1/26 की रात लगभग 12:00 बजे, भक्कल कोल ने उन्हें और सोमलाल उर्फ काला कोल, अनिल कोल को साहू मोहल्ला में ऋषभ जैन के गोदाम के पास ले गए और भक्कल ने पत्थर से शटर का ताला तोड़ दिया। उन्होंने गोदाम में प्रवेश किया और वहां से 9 कट्टी बोरी गेहूँ चुराई, जिन्हें उसी रात राजेश कोल के घर के पीछे छिपा दिया गया। 22/1/26 को उन गेहूँ को मोहल्ले के विजय साहू को बेचने के लिए बात की गई। जब विजय साहू ने रात में गेहूँ लाने को कहा, तो वे चारों रात लगभग 11:00 बजे चोरी की गई 9 कट्टी गेहूँ को विजय साहू के घर में बेचे। विजय साहू से पूछताछ कर उनके द्वारा खरीदने की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रकरण में धारा 317(2) जोड़ी गई और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इस मामले का एक आरोपी अनिल कोल घटना के दिन से भागा हुआ है, जिसकी खोज जारी है।

barhi news बरही सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत

कटनी: जिले के बरही तहसील के सरकारी अस्पताल में सोमवार को एक गर्भवती महिला की मृत्यु के बाद जबरदस्त बवाल मच गया। महिला के परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल के कर्मियों पर लापरवाही और सुस्ती के गंभीर आरोप लगाए हैं।

बरही सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही का आरोप
EditorJanuary 27, 20260

कटनी: जिले के बरही तहसील स्थित सरकारी अस्पताल में सोमवार को एक गर्भवती महिला की मृत्यु के बाद जबरदस्त बवाल मच गया। महिला के रिश्तेदारों ने डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही और सुस्ती के गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, कानोर गांव की निवासी फूलबाई (29), जो राजकुमार चौधरी की पत्नी हैं, को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उनके परिजनों ने उन्हें तुरंत बरही के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका भर्ती कर लिया गया।

परिजनों का कहना है कि दोपहर लगभग 1:00 बजे अचानक महिला की हालत बिगड़ गई और डॉक्टरों के सामने ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

महिला की मृत्यु के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। गुस्साए परिजनों का कहना है कि:

  • ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और डॉक्टरों ने समय पर उचित इलाज नहीं किया।
  • अगर महिला की स्थिति गंभीर थी, तो उन्हें समय पर एक बड़े अस्पताल क्यों नहीं भेजा गया?
  • परिजनों ने प्रशासन से इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

वहीं, अस्पताल के डॉक्टर राम मणि पटेल ने आरोपों का खंडन करते हुए मीडिया को बताया कि जब महिला को अस्पताल लाया गया, तब उनका रक्तचाप बहुत अधिक था। डॉक्टर के अनुसार: “महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा था और जिला अस्पताल भेजने की तैयारी भी हो रही थी। हालांकि, रेफर करने से पहले अचानक उनकी हालत और बिगड़ गई और उन्हें बचाना संभव नहीं हो सका।” स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से स्पष्ट इनकार किया है।

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